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विकसित भारत की ओर ‘सबका साथ सबका विकास’ पर है केंद्रीय बजट 2026-27

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युवा शक्ति संचालित बजट गरीब, शोषित व वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान के सरकार के संकल्प पर जोर देता है

कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट, जो तीन कर्तव्यों से प्रेरित है

पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना

दूसरा कर्तव्य है लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना

तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विज़न से जुड़ा है

नया आयकर अधिनियम, 2025; अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, सरलीकृत आयकर नियम और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएगे

जुर्माना और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने के लिए प्रक्रियाओं की गुणत्मकता को कम करना जरूरी

कुछ प्राथमिक सहकारी समितियों को प्राप्त रियायत को पशु खाद्य और कपास बीच तक विस्तारित किया जाएगा

15.5 प्रतिशत साझा सेफ हार्बर मार्जिन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एकल श्रेणी

आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सुविधा हेतु 300 करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये किया गया

विदेशी क्लाउड सेवा प्रदात्ता को 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया जाएगा

अनुमान आधार पर टैक्स देने वाले सभी अप्रवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक टैक्स से छूट

कर निर्धारण वर्ष 2027-28 से आईसीडीएस पर आधारित पृथक लेखा जरूरत को समाप्त करने के लिए मंत्रालय इंडएएस को संशोधित करने हेतु संयुक्त समिति का गठन करेगा

वायदा सौदों पर एसटीटी को वर्तमान के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा

बैटरी के लिथियम आयन सेल के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत वस्तओं को प्राप्त मूल सीमा शुल्क छूट को विस्तार दिया जाएगा

महत्वपूर्ण खनिज के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तु के आयात के सीमा शुल्क पर छूट दी जाएगी

व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा

17 औषधियों या दवाओं पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी

बायोफॉर्मा शक्ति, जिसका कुल परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये है बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको-सिस्टम का निर्माण करेगी

भविष्य के चैम्पियन के रूप में एमएसएमई बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव

सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बीई-2025-26 के 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया

पर्यावरण की दृष्टि से सतत यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात उच्च गति रेल गलियारे ‘वृद्धि परिवहन सम्पर्क’ के रूप में विकसित किए जाएंगे

भारतीय रचना प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई 15,000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेट निर्माण लैब की स्थापना करेगा

उच्च शिक्षा और एसटीईएम संस्थानों में छात्राओं की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा

सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि आईआईएम की साझेदारी में, हाईब्रिड मोड में एक मानक, उच्च गुणवत्ता वाले 12-सप्ताह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइड के कौशल का उन्नयन किया जाएगा

खेलो इंडिया मिशन अगले दशक में खेल क्षेत्र को परिवर्तित कर देगा

एक बहु-भाषी एआई उपकरण के रूप में भारत-विस्तार कृषि पोर्टलों और कृषि तौर-तरीकों पर आईसीएआर पैकेज को एआई प्रणालियों के साथ एकीकृत करेगा

विदेशी यात्रा पैकेज पर वर्तमान के 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है

सीमा शुल्क भंडार गृह रूपरेखा का बदलाव भंडार गृह संचालक केन्द्रित प्रणाली के किया जाएगा, जिसमें स्व-घोषणा, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जोखिम आधारित लेखा की व्यवस्था होगी

वित्त वर्ष के अंत तक विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्गो निकासी मंजूरियों को एकल और आपस में जुड़े डिजिटल विंडो के जरिए निर्बाध रूप से प्रसंस्कृत किया जाएगा

खबर विस्तार:

1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 को संसद में पेश किया। यह उनका लगातार नौवां पूर्ण बजट है, जो भारतीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है। यह बजट पूरी तरह से विकसित भारत@2047 के संकल्प पर केंद्रित है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को मजबूत करता है। यह बजट युवा शक्ति (युवाशक्ति) से प्रेरित है इसमे गरीब, वंचित तथा शोषित वर्गों पर विशेष फोकस किया गया है।

वित्त मंत्री ने बजट को कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट बताते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों पर जोर दिया:
  1. आर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना (उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और वैश्विक अस्थिरता से मुकाबला)।
  2. लोगों की क्षमता विकसित करना और उन्हें मजबूत भागीदार बनाना।
  3. सबका साथ, सबका विकास के विजन के तहत हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधन, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना।

इसमे तीसरे कर्तव्य के तहत यब भी फोकस किया गया है कि छोटे/सीमांत किसानों की आय बढ़ाना (उत्पादकता और उद्यमिता पर जोर) और दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना (आजीविका, प्रशिक्षण, उपकरण)।कमजोर वर्गों को मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर उपलब्ध कराना तथा पूर्वोत्तर और पूर्वोदय राज्यों में विकास और रोजगार तेज करना।

प्रमुख आर्थिक आंकड़े इस प्रकार से हैं कुल बजट आकार: लगभग ₹53.5 लाख करोड़ का है जिसमे पूंजीगत व्यय (Capex): बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ (पिछले से अधिक) है इसमे राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): GDP का 4.3% (घटाकर स्थिरता पर फोकस) किया गया है। विकास दर की बात करें तो इसमे पिछले वर्षों की तरह 7% के आसपास बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है और राज्यों को वित्त आयोग अनुदान: ₹1.4 लाख करोड़ दिया है।
इस बजट मे अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं और क्षेत्रीय फोकस पर भी ध्यान दिया गया है

MSME को लोकल से ग्लोबल बनाने के लिए समर्पित फंड और आत्मनिर्भर भारत कोष में बढ़ोतरी।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर: हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर और पर्यटन विकास।

कस्टम ड्यूटी में कटौती: कैंसर की 17 दवाएं सस्ती, बैटरी/विमान ईंधन, खेल उपकरण, चमड़ा आदि सस्ते होने की उम्मीद।

नया इनकम टैक्स एक्ट: 1 अप्रैल 2026 से लागू, सरलीकरण पर फोकस (लेकिन स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं)।

रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा पर निरंतर जोर, साथ ही रेयर अर्थ मिनरल्स और ग्रीन एनर्जी।

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया: बजट को “ऐतिहासिक” और “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की नई रफ्तार बताया, जो लोकल से ग्लोबल नाने में मदद करेगा। कुल मिलाकर यह बजट सुधारों पर जोर (रिफॉर्म ओवर रेटोरिक), लोगों पर फोकस और समावेशी विकास का रोडमैप है, जो कहीं न कहीं विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करता दिखाई देता है।

Ib News
Author: Ib News

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