पाडेरू: आंध्र प्रदेश के पाडेरू में EESL, ADB और साझेदारों की पहल: किसानों के लिए सोलर कोल्ड स्टोरेज पर कार्यशाला आयोजित, Energy Efficiency Services Limited (EESL) ने ESAF Foundation और CLASP के सहयोग से 7 अप्रैल 2026 को पाडेरू के सिरसापल्ली स्थित सुसाग ट्रेनिंग हॉल में “SPMCS साइट विज़िट और नॉलेज डिसेमिनेशन वर्कशॉप” का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में Asian Development Bank, NABARD, SVDS, DCCB सहित कई संस्थाओं और Farmer Producer Organizations (FPOs) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान गिरिसिरी और सुसाग FPOs के साइट विज़िट भी कराए गए।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य Farmer Producer Organizations (FPOs) के बीच Solar Powered Modular Cold Storage (SPMCS) सिस्टम के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसकी तकनीकी समझ विकसित करना था। इस पहल का लक्ष्य छोटे और सीमांत किसानों के लिए फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना, बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना और किसानों की आय बढ़ाना तथा पर्यावरण के अनुकूल कृषि को बढ़ावा देना है l
EESL देशभर में 5 MT और 10 MT क्षमता वाले सोलर माइक्रो कोल्ड स्टोरेज यूनिट्स स्थापित कर रहा है। इनकी विशेषताएं ये हैं रिन्यूएबल एनर्जी आधारित सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, FPOs के लिए ट्रेनिंग और सपोर्ट, 4 साल तक AMC (मेंटेनेंस) और कम लागत और टिकाऊ समाधान, यह तकनीक किसानों को डिस्टेस सेलिंग से बचाने, बेहतर कीमत दिलाने और अतिरिक्त आय के अवसर प्रदान करने में मदद करती है।

ADB के सहयोग से Phase-1 पायलट के तहत गिरिसिरी और सुसाग में दो SPMCS यूनिट्स सफलतापूर्वक स्थापित की गई हैं। इन यूनिट्स का उद्घाटन कर संबंधित FPOs को सौंपा गया, जो इस परियोजना की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ADB की ओर से विकास अत्रे ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट-रेजिलिएंट कृषि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी। वहीं ESAF Foundation के CEO क्रिस्टुदास करायिल विक्टर ने कहा कि यह तकनीक छोटे किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आय बढ़ाने में क्रांतिकारी साबित हो सकती है।
ESAF Foundation और EESL के बीच हुए समझौते (MoU) के तहत इस पहल को आंध्र प्रदेश, केरल और अन्य राज्यों में भी विस्तार दिया जाएगा। इससे FPOs को मजबूत बाजार मिलेगा और किसानों की आय स्थिर होगी व पर्यावरण के अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिलेगा l कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और EESL के CGM अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि भारत में 1.6 से 2.7 लाख SPMCS यूनिट्स स्थापित करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि यह पहल पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान कम करेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज की कमी दूर करेगी, छोटे किसानों के लिए लागत घटाएगी l









