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नई दिल्ली:रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण: DRDO और भारतीय वायु सेना की बड़ी उपलब्धि, आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति को मिला बल

New Delhi: Successful Test of Rudram-II Missile: A Major Achievement for DRDO and the Indian Air Force; Self-Reliant Defense Capability Strengthened.

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अरुण कुमार

नई दिल्ली:रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण: DRDO और भारतीय वायु सेना की बड़ी उपलब्धि, आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति को मिला बल, भारत ने स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना (IAF) ने स्वदेशी रूप से विकसित रुद्रम-II (Rudram-II) वायु-से-सतह मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इस परीक्षण में मिसाइल ने अपनी उच्च सटीकता, विश्वसनीयता और उन्नत तकनीकी क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया। परीक्षण के दौरान दागी गई सभी मिसाइलों ने अपने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर सटीक प्रहार कर मिशन के सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

यह परीक्षण ओडिशा के Integrated Test Range में तैनात उन्नत ट्रैकिंग और रेंज उपकरणों की निगरानी में किया गया। उड़ान के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों ने पुष्टि की कि सभी निर्धारित तकनीकी और परिचालन मानदंड पूरी तरह सफल रहे। विशेषज्ञों के अनुसार यह परीक्षण भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता को और मजबूत करेगा तथा भविष्य के युद्धक्षेत्र में सटीक हमले की क्षमता प्रदान करेगा।
रुद्रम-II मिसाइल को हैदराबाद स्थित Defence Research and Development Organisation की प्रमुख प्रयोगशाला इमारत अनुसंधान केंद्र (RCI) द्वारा विकसित किया गया है। इसके विकास में DRDO की अन्य प्रमुख प्रयोगशालाओं जैसे कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL),उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (HEMRL) और शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ARDE) तथा एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अतिरिक्त Hindustan Aeronautics Limited, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों, गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियों और कई भारतीय उद्योगों ने भी इस परियोजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
DRDO और भारतीय वायु सेना ने स्वदेशी रुद्रम-II वायु-से-सतह मिसाइल का सफल परीक्षण किया। मिसाइल ने सभी लक्ष्यों को सटीकता से भेदा। यह उपलब्धि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और सैन्य शक्ति को नई मजबूती देगी।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने रुद्रम-II के सफल परीक्षण पर DRDO, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और वैश्विक स्तर की क्षमता को दर्शाती है। रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में यह उपलब्धि “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को और मजबूती प्रदान करेगी तथा देश की रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
रुद्रम-II जैसी आधुनिक मिसाइलें दुश्मन के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों, रडार प्रणालियों और रणनीतिक लक्ष्यों को दूर से सटीकता के साथ निशाना बनाने में सक्षम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली भारतीय वायु सेना को भविष्य के युद्धक्षेत्र में अधिक प्रभावी, तेज और सुरक्षित आक्रामक क्षमता प्रदान करेगी।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और परिचालन टीमों को बधाई देते हुए इसे भारत की रक्षा अनुसंधान क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। रुद्रम-II का सफल परीक्षण भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, तकनीकी नवाचार और स्वदेशी सैन्य शक्ति के बढ़ते प्रभाव का एक और मजबूत प्रमाण माना जा रहा है।

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Ib News
Author: Ib News

1 thought on “नई दिल्ली:रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण: DRDO और भारतीय वायु सेना की बड़ी उपलब्धि, आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति को मिला बल”

  1. DRDO has again proved its presence as a major defence architect in our Country. The R & D and technological achievements it has gained momentum is praiseworthy.

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