IGI एयरपोर्ट पर शुरू हुई हाईटेक मौसम निगरानी प्रणाली
बीरेन्द्र दाश
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने “ग्लाइड पाथ-10” पर स्थापित स्काईकास्ट सिस्टम और फॉग ऑब्जर्वेटरी सुविधा का उद्घाटन किया। इस समारोह में मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), विमानन कंपनियों और GMR समूह के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान IITM वैज्ञानिकों ने सिस्टम की तकनीकी प्रस्तुति भी दी।

“स्काईकास्ट प्रणाली” SkyCast एक अत्याधुनिक Aviation Weather Monitoring System है, जो कई उन्नत तकनीकों को एक साथ जोड़कर रियल टाइम मौसम की जानकारी उपलब्ध कराती है। इस प्रणाली में Radar Wind Profiler, SODAR System, Microwave Radiometer,ग्राउंड-बेस्ड फॉग एरोसोल स्पेक्ट्रोमीटर (जीएफएस) Ground Based Fog Aerosol Spectrometer (GFAS) और CL61 Lidar आधारित Ceilometer शामिल है जो सिस्टम हवा की गति, दिशा, ट्रबुलेंस, कोहरे की स्थिति, नमी, दृश्यता और वातावरण की ऊर्ध्वाधर संरचना का लगातार विश्लेषण करेगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि SkyCast प्रणाली के जरिए पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को खराब मौसम की लगभग 3 घंटे पहले चेतावनी मिल सकेगी। इससे उड़ानों की देरी कम होगी, कोहरे के कारण रद्द होने वाली फ्लाइट्स घटेंगी और सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग संभव होगी तथा अनावश्यक रूट डायवर्जन से बचाव होगा। उन्होंने कहा कि भारत अब “Fog Free Aviation” की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि IGI एयरपोर्ट के बाद दूसरी SkyCast प्रणाली नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर स्थापित की जाएगी। इसके बाद इसे देश के अन्य प्रमुख एयरपोर्ट्स तक विस्तारित किया जाएगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “मिशन मौसम” विजन को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक मौसम तकनीक के जरिए विमानन सुरक्षा, नागरिक सुविधा और मौसम पूर्वानुमान की गुणवत्ता को नई ऊंचाई पर ले जा रही है।

SkyCast का मुख्य आधार एक बाउंड्री लेयर रडार विंड प्रोफाइलर Advanced Boundary Layer Radar Wind Profiler है, जो लगभग 3 किलोमीटर ऊंचाई तक वातावरण की निगरानी करेगा। यह सिस्टम निम्नलिखित डेटा उपलब्ध कराएगा जैसे कि हवा की गति और दिशा, ट्रबुलेंस, ऊर्ध्वाधर वायु प्रवाह, कोहरे की घनता और दृश्यता स्तर तथा नमी और तापमान प्रोफाइल को देखेगा।
दिल्ली जैसे शहरों में प्रदूषण और कोहरे की संयुक्त समस्या को देखते हुए GFAS प्रणाली बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह तकनीक एरोसोल और कोहरे की परस्पर क्रिया का अध्ययन कर दृश्यता की स्थिति का सटीक विश्लेषण करेगी। SkyCast केवल विमानन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इससे मौसम पूर्वानुमान मॉडल, AI आधारित निर्णय प्रणाली, शहरी मौसम प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और आपदा प्रबंधन तथा ट्रांसपोर्ट एडवाइजरी सिस्टम को भी बेहतर डेटा मिलेगा।

इस परियोजना का वैज्ञानिक आधार विंटर फॉग एक्सपेरिमेंट (वाईएफईएक्स) है, “Winter Fog Experiment (YFEX)” है, जिसे 2015 में IITM और IMD ने संयुक्त रूप से शुरू किया था। YFEX ने कोहरे के निर्माण, एरोसोल-बादल इंटरैक्शन और शहरी मौसम प्रक्रियाओं को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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1 thought on “नई दिल्ली: भारत की पहली SkyCast System लॉन्च, अब कोहरे और खराब मौसम से नहीं रुकेगी उड़ानें”
SkyCast System se mausam ke sathik jankari pahle se prapt hone se unforeseen flight durghatna se rahat milega aur air traffic ko controlled way mei sambhala ja sakta hai.