बिरेन्द्र दाश
नई दिल्ली:अमित शाह की हाई-लेवल बैठक: बाढ़ और Heat Wave से निपटने के लिए देशभर में बनेगा बड़ा मास्टर प्लान, अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय बैठक में देश में संभावित बाढ़ और Heat Wave से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में आपदा प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश को “Zero Casualty Disaster Management” मॉडल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
गृह मंत्री ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण National Disaster Management Authority (NDMA) को निर्देश दिया कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में जोखिम वाली झीलों की संख्या 30 से बढ़ाकर कम से कम 60 की जाए। इन झीलों के लिए अत्याधुनिक Early Warning System विकसित किया जाएगा, ताकि ग्लेशियल झील फटने जैसी आपदाओं से समय रहते लोगों को चेतावनी दी जा सके।
अमित शाह ने कहा कि देश के हर राज्य में Flood Crisis Management Team (FCMT) का गठन कर उसे सक्रिय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि NDMA के दिशानिर्देशों से “Whole of Government” दृष्टिकोण विकसित हुआ है, लेकिन अब इसकी समीक्षा राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर भी होनी चाहिए। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि NDMA को अध्ययन करना चाहिए कि कितने राज्य जंगलों में आग, Heat Wave और बाढ़ से निपटने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
बैठक में अमित शाह ने जल संरक्षण और कृषि सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा “हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि Heat Wave से कृषि क्षेत्र को न्यूनतम नुकसान पहुंचे और चेक डैम्स के जरिए जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।” उन्होंने राज्यों से जल संचय, चेक डैम्स और भूजल स्तर सुधारने वाली परियोजनाओं को तेज करने की अपील की।

गृह मंत्री ने कहा कि CAMPA Fund का उपयोग पर्यावरण संतुलन और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बहुआयामी तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में हो रहे बदलावों से निपटने के लिए “Whole of Government” और “Whole of Society” मॉडल अपनाना जरूरी है।
अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अब नए-नए ऐप और पोर्टल बनाने के बजाय मौजूदा प्लेटफॉर्म को मजबूत और Consolidate किया जाए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचे।
बैठक में जानकारी दी गई कि India Meteorological Department (IMD) और Central Water Commission (CWC) ने बारिश और बाढ़ पूर्वानुमान की अवधि 3 दिनों से बढ़ाकर 7 दिन कर दी है। साथ ही Heat Wave Forecasting के मानकों में भी सुधार किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार की यह पहल बाढ़, Heat Wave और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाओं से निपटने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। सरकार अब तकनीक, पूर्व चेतावनी प्रणाली और जमीनी स्तर पर समन्वय के जरिए जान-माल के नुकसान को कम करने की रणनीति पर काम कर रही है।
बैठक में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केन्द्रीय गृह सचिव, विभिन्न मंत्रलायें के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य एवं विभागाध्यक्ष, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) तथा भारतीय मौसम विभाग (IMD) के महानिदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एवं केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अध्यक्ष सहित राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र (NRSC) और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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1 thought on “नई दिल्ली:अमित शाह की हाई-लेवल बैठक: बाढ़ और Heat Wave से निपटने के लिए देशभर में बनेगा बड़ा मास्टर प्लान”
Ye achha initiative hai….jo bahut pahle se hona chahiye tha. Lekin ye jaroori hai.