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सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ बनाए गए-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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ऐतिहासिक इमारत अब ‘युगे युगेन भारत’ नामक राष्ट्रीय संग्रहालय मे होंगी तब्दील

सालाना करीब 1,500 करोड़ रुपये की, समय और संसाधनों की बचत होगी

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नया परिसर अब सेवा तीर्थ में

प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ पर स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी किया जारी

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का औपचारिक रुप से उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ बनाए गए हैं। “आज हम सब एक नया इतिहास रचते हुए देख रहे हैं… हमारे लक्ष्यों में विजयी होने का दैवीय आशीर्वाद हमारे साथ है।”

पुरानी इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य की सोच का प्रतीक थीं, जबकि नए भवन जनता की आकांक्षाओं और ‘सेवा परमो धर्मः’ की भावना से प्रेरित हैं। पहले मंत्रालय 50 से अधिक स्थानों पर फैले थे, जिससे सालाना करीब 1,500 करोड़ रुपये का किराया और लॉजिस्टिक खर्च होता था। नए परिसर से दक्षता बढ़ेगी, समय और संसाधनों की बचत होगी। सेवा ही भारत की आत्मा है। जन सेवा ही ईश्वर सेवा के सिद्धांत पर आधारित यह परिसर नागरिक-केंद्रित शासन का नया प्रतीक बनेगा।

आपको बता दें कि इस सेवा तीर्थ में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं। यह नया परिसर प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यालय बन गया है, जहां से अब देश की सरकार संचालित होगी। कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थानांतरित हो गए हैं, जैसे वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, कानून एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि, रसायन एवं उर्वरक, जनजातीय कार्य आदि। यह उद्घाटन 13 फरवरी को किया गया था, जो नई दिल्ली के राजधानी के रूप में 95 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। पुराने नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से सभी मंत्रालय और PMO हट गए हैं। पुरानी हो चुकी इन ऐतिहासिक इमारतों को अब ‘युगे युगेन भारत’ नामक राष्ट्रीय संग्रहालय में बदल दिया जाएगा, जो गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति का संदेश देता है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।

यह बदलाव भारत की आधुनिक, कुशल और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती देगा।

Ib News
Author: Ib News

2 thoughts on “सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ बनाए गए-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी”

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