दिल्ली में जल संकट से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही सरकार, हरियाणा से अतिरिक्त जल आपूर्ति और 980 से अधिक टैंकरों से राहत: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
दिल्लीवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की व्यापक रणनीति, दीर्घकालिक जल सुरक्षा परियोजनाओं पर भी तेज़ी से काम
अरुण कुमार
नई दिल्ली: दिल्ली में जल संकट पर बड़ा एक्शन: हरियाणा से 1000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी, 980 टैंकरों से राहत- CM रेखा गुप्ता, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार हर नागरिक तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। सरकार तत्काल राहत उपायों के साथ-साथ भविष्य में जल संकट के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सेवा सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल आपूर्ति, जल प्रबंधन, शिकायत निवारण, रिसाव नियंत्रण और जल संरक्षण संबंधी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, सदस्य अजय महावर, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय बिधूड़ी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना में वजीराबाद के निकट जल उपलब्धता प्रभावित होने के कारण राजधानी में दबाव की स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में उन्होंने नायब सिंह सैनी से बातचीत की है। हरियाणा सरकार ने मुनक नहर के माध्यम से दिल्ली को न्यूनतम 1000 क्यूसेक जल आपूर्ति बनाए रखने का आश्वासन दिया है, जिससे राजधानी की पेयजल व्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली जल बोर्ड वर्तमान में 980 से अधिक जल टैंकर संचालित कर रहा है। प्रतिदिन 6,000 से अधिक ट्रिप कर रहा है। संकरी गलियों एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में छोटे टैंकरों की तैनाती की गई है। और यमुना खादर क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल स्थापित कर 10.5 एमजीडी अतिरिक्त जल उत्पादन क्षमता विकसित की गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल रिसाव की प्रत्येक शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए। पिछले एक सप्ताह में कुल शिकायतें 11,055 थी और 8,500 शिकायतें निस्तारित कर दी गई हैं शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि “जल की एक-एक बूंद बहुमूल्य है और इसकी बर्बादी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं जिनमे हरियाणा से पाइपलाइन द्वारा जल आपूर्ति, वजीराबाद क्षेत्र में यमुना ड्रेजिंग और डी-सिल्टिंग, नए जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plants) और यमुना खादर में अतिरिक्त बोरवेल तथा ड्यूल वाटर सप्लाई सिस्टम व उपचारित जल का पुन: उपयोग जिसमे बागवानी, वाहन धुलाई गैर-पेय कार्यों में उपयोग । हरियाणा से पाइपलाइन आधारित जल आपूर्ति योजना की व्यवहार्यता का अध्ययन Indian Institute of Technology Roorkee द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट का स्थायी समाधान केवल जल आपूर्ति बढ़ाने से नहीं बल्कि जल संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग से संभव है। वर्षा जल संचयन पर 75 CM Shri Schools में Rainwater Harvesting Structures, 500 नई जल संचयन संरचनाएँ, 1,000 पुरानी संरचनाओं का पुनरोद्धार तथा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। “दिल्ली सरकार नागरिकों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही योजनाएं राजधानी की जल सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेंगी।”
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Rain water harvesting bahut pahle se hai par isko sahi boost dena jaroori hai.