अरुण कुमार
नई दिल्ली: 1 जून से खेत बचाओ अभियान 2026: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा संदेश — “खेत बचे, किसान बचे, भविष्य बचे”, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी 1 जून से शुरू होने वाले “खेत बचाओ अभियान” को केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि खेत, किसान और गांव को जोड़ने वाला व्यापक राष्ट्रीय जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों की लागत कम करना, मिट्टी की सेहत सुधारना, संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना और मौसम आधारित वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करना होना चाहिए।
चौहान ने कहा कि यह अभियान ऊपर से नीचे नहीं बल्कि पंचायत स्तर से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक साझेदारी के मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को सही समय पर सही सलाह देकर कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

बैठक में कृषि मंत्री ने विशेष रूप से रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग को कम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को मृदा परीक्षण आधारित खेती अपनाने, संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने तथा जैविक और जैव-उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा जिसमे मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित खेती को बढ़ावा, हरी खाद के उपयोग का प्रचार, जैविक खेती को प्रोत्साहन और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) प्रदर्शन तथा मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने पर विशेष फोकस देना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु चुनौतियों को देखते हुए किसानों को क्षेत्रवार और फसलवार सलाह दी जाएगी।किसानों को बताया जाएगा कि कौन-सी फसल कब बोनी है, कम पानी वाली फसलों के विकल्प दिये जायेंगे, फसल विविधीकरण कैसे करें और मौसम जोखिम से बचाव के उपाय बतायेंगे तथा सूखा और अधिक वर्षा की स्थिति में खेती प्रबंधन कैसे करेंगे।
“खेत बचाओ अभियान” को पंचायत स्तर पर मजबूत बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अभियान के दौरान कृषि मशीनों का वितरण, सरकारी योजनाओं का लाभ, किसान क्रेडिट कार्ड जागरूकता, पीएम किसान योजना से वंचित लाभार्थियों को जोड़ना और जल संरक्षण कार्यक्रम तथा मिट्टी स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाना है। बैठक में जानकारी दी गई कि पूरे देश में अभियान के लिए 1600 से अधिक बहु-विषयक टीमें गठित की गई हैं जोकि कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और कृषि विभाग के अधिकारी तथा वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ विशेष रूप से अधिक उर्वरक उपयोग वाले 100 जिलों के लिए 500 विशेष टीमें बनाई गई हैं। इसके अलावा ICAR और KVK की 1150 से अधिक टीमें समानांतर रूप से किसानों के बीच कार्य करेंगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बनाया जाएगा बल्कि इसे जनभागीदारी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों का सहयोग, सांसदों की भागीदारी, विधायकों की सहभागिता तथा पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के दौरान निम्न प्रमुख योजनाओं को भी किसानों तक पहुंचाया जाएगा जैसे कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम किसान सम्मान निधि, दलहन मिशन, तिलहन मिशन, ऑयल पाम मिशन, कॉटन मिशन और जल संरक्षण कार्यक्रम एवं संतुलित पोषण अभियान शामिल है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल संदेश देना नहीं बल्कि व्यवहार में बदलाव लाना है। “खेत बचे, लागत संभले, मिट्टी सुधरे, किसान जागरूक बने और गांव स्तर पर कृषि प्रबंधन की नई संस्कृति विकसित हो — यही खेत बचाओ अभियान का मूल उद्देश्य है।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का हर संदेश व्यावहारिक, वैज्ञानिक और किसान हितैषी होना चाहिए।
खेत बचाओ अभियान 2026: शिवराज सिंह चौहान का बड़ा फैसला, 1600 टीमें किसानों को देंगी वैज्ञानिक खेती की सलाह










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Bahut achha kadam. Kyun ki hamare Desh mei krishi yaniki farming pidhion se ek mahatwapurn hissa hai desh ki pragati aur logo ki atmanirbharta ke liye.