Search
Close this search box.

28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी)मे उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के स्पीकर से की मुलाकात

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में संसद भवन में ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के स्पीकर लॉर्ड मैकफॉल ऑफ अलक्लुइथ पीसी के साथ सौहार्दपूर्ण और सार्थक बैठक की। यह वार्ता 14 से 16 जनवरी, 2026 तक भारत में आयोजित राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) के दौरान हुई।

उपराष्ट्रपति ने इस सम्मेलन में उनकी भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उनकी उपस्थिति दोनों देशों के बीच अनवरत मित्रता और मजबूत संसदीय संबंधों को उजागर करती है, इससे भारत की संसदीय परंपराओं, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों से गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की संसदीय प्रणाली ने वेस्टमिंस्टर मॉडल से प्रेरणा ली है और साथ ही देश के अनूठे लोकतांत्रिक ढांचे को प्रतिबिंबित करने के लिए स्वाभाविक रूप से विकसित हुई है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि डिजिटल नवाचार ने वैश्विक स्तर पर संसदीय कामकाज को बदल दिया है और भारत ने भी अपने संसदीय कामकाज के हिस्से के रूप में ई-संसद प्रणाली, लाइव स्ट्रीमिंग और डिजिटल रिकॉर्ड को एकीकृत किया है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रमंडल सांसदों को विचारों का आदान-प्रदान करने, एक-दूसरे से सीखने और लोकतांत्रिक मानकों को बनाए रखने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी पीठासीनों की यह साझा जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि संसदीय लोकतंत्र समाज के सभी वर्गों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करता रहे।

उपराष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि भारत और ब्रिटेन संसदीय और बहुपक्षीय मंचों के भीतर प्रमुख वैश्विक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। इनमें महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देना, विधायी कार्रवाई के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन मजबूत करना, शिक्षा के क्षेत्र में समन्वय स्थापित करना, विशेष रूप से उच्च शिक्षा को सॉफ्ट पावर के एक उपकरण के रूप में उपयोग करना और शासन को अधिक समावेशी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना शामिल है।

बैठक के समापन पर, उपराष्ट्रपति ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की अटूट और साझा प्रतिबद्धता को दोहराया, जो दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी और संयुक्त पहलों को प्रेरित करती रहेगी जो राष्ट्रमंडल और विश्व के लिए एक आदर्श के रूप में कार्य कर सकती हैं।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Ib News
Author: Ib News

Leave a Comment

और पढ़ें