IB NEWS
नई दिल्ली / नीदरलैंड: 11वीं शताब्दी के चोल ताम्रपत्र भारत लौटे: PM मोदी और नीदरलैंड PM की मौजूदगी में ऐतिहासिक विरासत की स्वदेश वापसीभारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तहत 11वीं शताब्दी के दुर्लभ चोल ताम्रपत्र भारत को वापस सौंप दिए गए। यह महत्वपूर्ण हस्तांतरण Narendra Modi और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten की उपस्थिति में हुआ।नीदरलैंड के Leiden University Library ने ये प्राचीन ताम्रपत्र भारत सरकार को औपचारिक रूप से लौटाए। इन ताम्रपत्रों की वापसी को भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

चोल ताम्रपत्र क्या है ?
ये चोल ताम्रपत्र 11वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान चोल राजाओं द्वारा जारी किए गए शाही अभिलेख हैं। इसमें 21 बड़े ताम्रपत्र और 3 छोटे ताम्रपत्र शामिल हैं। इन अभिलेखों में तमिलनाडु के नागपट्टिनम स्थित ‘चूलामणिवर्म-विहार’ नामक बौद्ध विहार को अनैमंगलम ग्राम दान किए जाने का विवरण दर्ज है। इन ताम्रपत्रों पर तमिल भाषा, और संस्कृत भाषा में महत्वपूर्ण शिलालेख अंकित हैं। इतिहासकारों के अनुसार ये अभिलेख केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक इतिहास का महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
इन चोल ताम्रपत्रों की स्वदेश वापसी को केवल ऐतिहासिक कलाकृतियों की वापसी नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान की पुनर्स्थापना माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की विरासत संरक्षण नीति की बड़ी सफलता है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करता है और आने वाली पीढ़ियों को भारतीय इतिहास से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत पिछले कुछ वर्षों में विदेशों में मौजूद अपनी प्राचीन मूर्तियों, पांडुलिपियों और ऐतिहासिक वस्तुओं को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। चोल ताम्रपत्रों की वापसी इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। भारत सरकार ने कहा कि इन ताम्रपत्रों की वापसी देशवासियों के लिए गहरा भावनात्मक महत्व रखती है, क्योंकि ये केवल धातु के अभिलेख नहीं बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना और विरासत की जीवंत पहचान हैं।
- Chola Copper Plates Return
- PM Modi Netherlands
- Leiden University Library India
- Chola Dynasty Records
- Tamil Nadu Heritage
- Ancient Indian Manuscripts
- Cultural Heritage India
- Chola Copper Plates News
- India Netherlands Relations
- Nagapattinam Buddhist Vihara










2 thoughts on “नई दिल्ली / नीदरलैंड: 11वीं शताब्दी के चोल ताम्रपत्र भारत लौटे: PM मोदी और नीदरलैंड PM की मौजूदगी में ऐतिहासिक विरासत की स्वदेश वापसी”
Chhola Dynasty Tamra Patra further proves our ancestral heritage
Chol tamrpatra