नई दिल्ली
DRI की वन्यजीव तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: 2 तेंदुए की खाल, 180 स्टार कछुए और 24 किलो पैंगोलिन शल्क जब्त, 13 गिरफ्तार, संरक्षित वन्यजीवों और उनके अंगों की अवैध तस्करी के खिलाफ राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने देशभर में बड़ी कार्रवाई की है। DRI ने पिछले 10 दिनों में अलग-अलग राज्यों में छह खुफिया-आधारित अभियानों को अंजाम देते हुए दो तेंदुए की खाल, 180 जीवित भारतीय स्टार कछुए, 12 जीवित टोके गेको, करीब 24 किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क और लगभग 500 ग्राम बाघ की हड्डियां जब्त की हैं। इन अभियानों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
DRI के मुताबिक, ये कार्रवाई वन्यजीव तस्करी के अलग-अलग नेटवर्क और तौर-तरीकों पर केंद्रित थी। जब्त किए गए वन्यजीव और आरोपियों को संबंधित राज्य वन विभागों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंपा गया है।
ओडिशा में तेंदुए की खाल बरामद
7 सितंबर 2026 को खुफिया जानकारी के आधार पर DRI अधिकारियों ने ओडिशा के कोरापुट जिले के जयपुर में एक व्यक्ति को रोका। तलाशी के दौरान उसके पास से एक तेंदुए की खाल बरामद हुई। तेंदुआ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में संरक्षित है। DRI ने तेंदुए की खाल और पकड़े गए व्यक्ति को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए कोरापुट के राज्य वन विभाग को सौंप दिया।

बेंगलुरु में 180 जीवित भारतीय स्टार कछुए मिले
इसी दिन बेंगलुरु के गांधीनगर के पास DRI अधिकारियों ने एक व्यक्ति के सामान की तलाशी ली। जांच के दौरान छह कपड़े के कवर में छिपाकर रखे गए 180 जीवित भारतीय स्टार कछुए बरामद किए गए। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) ने इनकी पहचान Indian Star Tortoise (Geochelone elegans) के रूप में की। यह प्रजाति भी Wildlife (Protection) Act, 1972 की अनुसूची-I में सूचीबद्ध है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय स्टार कछुए के खोल पर बनी आकर्षक तारानुमा आकृति के कारण विदेशी पालतू जानवरों के बाजार में इसकी मांग रहती है, जो अवैध शिकार और अंतरराष्ट्रीय तस्करी को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारणों में शामिल है।

मेघालय में 14.68 किलो पैंगोलिन शल्क बरामद
7 सितंबर को ही DRI ने मेघालय के री-भोई जिले में मावहाटी की ओर जा रहे एक बोलेरो वाहन को रोका। वाहन की तलाशी में तीन बैग से 14.68 किलोग्राम सूखे पैंगोलिन के शल्क बरामद हुए। पैंगोलिन Wildlife (Protection) Act, 1972 की अनुसूची-I में संरक्षित है और CITES के Appendix-I में भी सूचीबद्ध है। पैंगोलिन दुनिया के सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले स्तनधारियों में शामिल है। बरामद शल्क, वाहन और पकड़े गए व्यक्ति को आगे की कार्रवाई के लिए मेघालय के नोंगपोह के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर को सौंप दिया गया।

मध्य प्रदेश के सीधी में तेंदुए की खाल वाले नेटवर्क पर शिकंजा
5 और 6 सितंबर 2026 को DRI ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले में वन विभाग के साथ मिलकर तेंदुए की खाल के कथित अवैध व्यापार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की। एक महिंद्रा थार में यात्रा कर रहे दो लोगों से एक तेंदुए की खाल बरामद की गई। आगे की जांच और तलाशी के दौरान कथित नेटवर्क से जुड़े दो अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी पकड़ा गया। जांच में तेंदुए की खाल और उसके अंगों के कथित अवैध शिकार, कब्जे, परिवहन और बिक्री से संबंधित आपत्तिजनक साक्ष्य मिलने की बात सामने आई। खाल और वाहन जब्त कर आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए सीधी वन विभाग को सौंपा गया।

असम में 12 जीवित टोके गेको जब्त
5 सितंबर 2026 को असम के केओखाली में DRI अधिकारियों ने दो लोगों को रोका। उनके पास से 12 जीवित टोके गेको (Tokay Geckos) बरामद किए गए। टोके गेको Wildlife (Protection) Act, 1972 की अनुसूची-I तथा CITES Appendix-II में सूचीबद्ध है। इसकी तस्करी कुछ एशियाई क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल और विदेशी पालतू जानवरों के बाजार के लिए की जाती है। दोनों आरोपियों और जब्त गेको को आगे की कार्रवाई के लिए असम के बिश्वनाथ वन्यजीव प्रभाग के रेंज वन अधिकारी को सौंपा गया।
कार्बी आंगलोंग में पैंगोलिन और बाघ के अंग बरामद
इस कार्रवाई से पहले 28 अगस्त 2026 को असम के कार्बी आंगलोंग जिले में DRI अधिकारियों ने एक वाहन में सवार तीन लोगों को रोका। तलाशी के दौरान करीब 9 किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क और लगभग 500 ग्राम बाघ की हड्डियां, जिनमें खोपड़ी और दांत भी शामिल थे, बरामद हुए। वन्यजीव उत्पादों और वाहन को जब्त कर तीनों लोगों को आगे की कार्रवाई के लिए असम के बोकोलिया के वन रेंज अधिकारी को सौंप दिया गया।
| वन्यजीव/उत्पाद | बरामदगी |
|---|---|
| तेंदुए की खाल | 2 |
| भारतीय स्टार कछुए | 180 जीवित |
| टोके गेको | 12 जीवित |
| पैंगोलिन के शल्क | करीब 24 किलो |
| बाघ की हड्डियां | करीब 500 ग्राम |
| गिरफ्तार लोग | 13 |
DRI की इन छह कार्रवाइयों में ओडिशा, कर्नाटक, मेघालय, मध्य प्रदेश और असम सहित कई राज्यों में कार्रवाई की गई।

वन विभाग और WCCB के साथ समन्वित कार्रवाई
DRI ने कहा है कि वन विभाग, Wildlife Crime Control Bureau (WCCB) और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय से खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसी कार्रवाई लगातार की जा रही है। हाल के महीनों में भी DRI ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कई संयुक्त अभियान चलाए हैं। जुलाई 2026 में DRI और CBI ने WCCB के सहयोग से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में एक अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए संरक्षित प्रजातियों के 53 जीवों और पक्षियों को बचाया था। DRI के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य संगठित और अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को बाधित करना तथा भारत की जैव विविधता की रक्षा करना है।
वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बढ़ी निगरानी
तेंदुए की खाल, स्टार कछुए, टोके गेको, पैंगोलिन के शल्क और बाघ के अंगों की बरामदगी यह दिखाती है कि अवैध वन्यजीव व्यापार कई अलग-अलग प्रजातियों और तस्करी के तरीकों में फैला हुआ है। DRI की लगातार खुफिया-आधारित कार्रवाई और वन विभाग तथा WCCB के साथ समन्वय ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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