₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान पर MDR शून्य, इससे ऊपर चुनिंदा P2M लेनदेन पर 0.4% शुल्क;
ग्राहकों से MDR वसूलने पर रोक
IB NEWS
नई दिल्ली।
UPI MDR New Rules: P2P भुगतान मुफ्त, ₹2,000 से ऊपर व्यापारी भुगतान पर 0.4% शुल्क, डिजिटल भुगतान के सबसे लोकप्रिय माध्यम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI को लेकर केंद्र सरकार और NPCI ने नया Merchant Discount Rate यानी MDR ढांचा जारी किया है। नए प्रावधानों के तहत व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेगा। लेनदेन की राशि कितनी भी हो, पैसे भेजने या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से कोई ट्रांजैक्शन फीस, प्लेटफॉर्म फीस या अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वहीं, व्यक्ति से व्यापारी यानी P2M लेनदेन में ₹2,000 से अधिक की चुनिंदा श्रेणियों पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन तय की गई है।
सरकार ने Payment and Settlement Systems Act में किया संशोधन

सरकार ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन के जरिए ऐसे इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों को अधिसूचित करने का अधिकार हासिल किया है, जिन पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसी व्यवस्था के तहत 14 सितंबर को ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर शून्य MDR की व्यवस्था अधिसूचित की गई।
इसके बाद NPCI ने 15 सितंबर को नए UPI परिचालन ढांचे और MDR व्यवस्था से जुड़ा विस्तृत सर्कुलर जारी किया। सरकार का कहना है कि इस ढांचे का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना, डिजिटल भुगतान का विस्तार करना और छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त लागत से बचाना है।
P2P लेनदेन पर किसी भी राशि पर शुल्क नहीं
नए ढांचे में सबसे महत्वपूर्ण राहत आम यूजर्स के लिए है। सभी Person-to-Person यानी P2P भुगतान पूरी तरह निशुल्क रहेंगे। इसका मतलब है कि किसी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में ₹500, ₹5,000 या उससे अधिक राशि भेजने पर भी MDR नहीं लगेगा। सरकार के अनुसार P2P लेनदेन UPI के कुल लेनदेन मूल्य का लगभग 70 प्रतिशत है। ये लेनदेन नए MDR ढांचे के दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगे। व्यक्तियों के लिए मुफ्त UPI उपयोग पर कोई मासिक कोटा, वॉल्यूम सीमा या टियर आधारित कैप भी नहीं लगाया गया है।
₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान भी रहेंगे मुफ्त
₹2,000 तक के Person-to-Merchant यानी P2M भुगतान पर MDR शून्य रहेगा। यानी दुकानदार, रेस्तरां, ऑनलाइन विक्रेता या अन्य व्यापारी को ₹2,000 तक का UPI भुगतान करने पर ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इसके अलावा, छोटे व्यापारियों के लिए पहले से लागू शून्य-MDR व्यवस्था भी जारी रहेगी। सरकार के अनुसार QR कोड के जरिए हर महीने ₹1 लाख तक UPI भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारी P2PM श्रेणी के तहत सभी लेनदेन पर शून्य MDR का लाभ लेते रहेंगे। इससे रेहड़ी-पटरी वालों, किराना दुकानदारों और छोटे स्थानीय कारोबारियों को राहत मिलेगी।
₹2,000 से अधिक P2M लेनदेन पर 0.4% MDR
नए ढांचे के तहत ₹2,000 से अधिक के सामान्य व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक पर नहीं, बल्कि व्यापारी भुगतान इकोसिस्टम के भीतर लागू होगा। उदाहरण के तौर पर-
- ₹10,000 के पात्र व्यापारी भुगतान पर MDR ₹40 होगा
- ₹50,000 के पात्र व्यापारी भुगतान पर MDR ₹200 होगा
- ₹75,000 के भुगतान पर MDR ₹300 होगा
- ₹75,000 से अधिक के भुगतान पर भी अधिकतम MDR ₹300 रहेगा
MDR की यह राशि सरकार द्वारा टैक्स के रूप में नहीं वसूली जाएगी। इसे भुगतान इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिभागियों, जैसे बैंक, भुगतान सेवा प्रदाताओं और UPI ऐप प्रदाताओं के बीच वितरित किया जाएगा।
रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन पर फ्लैट ₹5 शुल्क
कुछ आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के पात्र लेनदेन पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य आवश्यक सेवाओं और कम मार्जिन वाले कारोबार पर प्रतिशत आधारित शुल्क का अधिक बोझ पड़ने से बचाना है। इन क्षेत्रों में लेनदेन की राशि बढ़ने पर भी निर्धारित MDR ₹5 ही रहेगा।
म्यूचुअल फंड और सिक्योरिटीज भुगतान पर 0.02% MDR
म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर से जुड़े भुगतान के लिए MDR की दर और कम रखी गई है। इन लेनदेन पर 0.02 प्रतिशत MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन होगी। कम दर रखने का उद्देश्य औपचारिक वित्तीय बाजारों में खुदरा निवेश और डिजिटल भुगतान की भागीदारी को प्रोत्साहित करना बताया गया है।
ग्राहकों पर MDR का बोझ डालने पर रोक
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि MDR ग्राहक से वसूलने वाला शुल्क नहीं है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें। इसके साथ ही UPI ऐप प्रदाताओं को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए शुल्क लगाने से स्पष्ट रूप से रोका गया है। इसका अर्थ है कि ग्राहक UPI से भुगतान करते समय अलग से कोई MDR, प्लेटफॉर्म फीस या हिडन चार्ज देने के लिए बाध्य नहीं होगा।
लगभग 96% मर्चेंट लेनदेन रहेंगे प्रभावित नहीं
सरकार के डेटा विश्लेषण के अनुसार MDR केवल लगभग 4 प्रतिशत व्यापारी लेनदेन पर लागू होगा। इसका मतलब है कि करीब 96 प्रतिशत P2M लेनदेन या तो ₹2,000 से कम हैं या छोटे व्यापारियों की शून्य-MDR श्रेणी में आते हैं। सरकार का कहना है कि नए ढांचे से आम उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और माइक्रो-एंटरप्राइजेज पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, जबकि बड़े और पात्र व्यापारी लेनदेन से भुगतान इकोसिस्टम को राजस्व प्राप्त होगा।
MDR संग्रह का 5% छोटे व्यापारियों के लिए फंड में जाएगा
नए ढांचे में MDR से होने वाली कुल वसूली का 5 प्रतिशत एक समर्पित फंड में देने का प्रावधान है। इस फंड का इस्तेमाल छोटे व्यापारियों के बीच UPI स्वीकार्यता बढ़ाने, डिजिटल भुगतान के विस्तार और ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भुगतान ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे छोटे कारोबारियों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और UPI का विस्तार देश के अधिक हिस्सों तक हो सकेगा।
UPI को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने का लक्ष्य
सरकार के अनुसार UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान को व्यापक और आसान बनाया है, लेकिन इसके लगातार विस्तार के लिए भुगतान इकोसिस्टम का आर्थिक रूप से टिकाऊ होना भी जरूरी है। नया MDR ढांचा भुगतान प्रणाली के संचालन, साइबर सुरक्षा, तकनीकी उन्नयन और भविष्य के विस्तार के लिए राजस्व उपलब्ध कराने का प्रयास है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से UPI की पहुंच ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाने तथा इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?
नए नियमों का सीधा असर इस बात पर निर्भर करेगा कि भुगतान किस प्रकार का है-
| भुगतान का प्रकार | नया नियम |
|---|---|
| व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P | किसी भी राशि पर पूरी तरह मुफ्त |
| व्यापारी को ₹2,000 तक भुगतान | MDR शून्य |
| सामान्य व्यापारी को ₹2,000 से अधिक भुगतान | 0.4% MDR |
| ₹75,000 या अधिक का पात्र व्यापारी भुगतान | अधिकतम ₹300 MDR |
| रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट | ₹5 फ्लैट MDR |
| म्यूचुअल फंड और सिक्योरिटीज | 0.02%, अधिकतम ₹300 |
| ₹1 लाख तक मासिक QR प्राप्ति वाले छोटे व्यापारी | शून्य MDR |
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3 thoughts on “UPI MDR New Rules: P2P भुगतान मुफ्त, ₹2,000 से ऊपर व्यापारी भुगतान पर 0.4% शुल्क”
Mdr
Upi
Govt kuch bhi karskte hai