जैनेन्द्र यादव
नई दिल्ली: NEET UG 2026 और CBSE OSM विवाद पर बड़ा अपडेट! परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव, छात्रों को राहत और डिजिटल सुधारों की तैयारी-केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले और CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाने की बात कही है।
सरकार द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी। भीषण गर्मी और हीटवेव की परिस्थितियों को देखते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, छायादार प्रतीक्षालय और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) जल्द ही नए एडमिट कार्ड जारी करेगी। विद्यार्थियों को पुनर्परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा और पहले जमा की गई फीस वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। विशेष परिस्थितियों में विद्यार्थियों को परीक्षा शहर बदलने का विकल्प भी दिया जा सकता है।

पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कथित रूप से परीक्षा तंत्र से जुड़े कुछ व्यक्तियों और नकल माफिया के बीच संबंधों की पड़ताल की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार ने घोषणा की है कि आगामी वर्ष से NEET परीक्षा पूरी तरह Computer-Based Test (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करना, प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकना और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
CBSE कक्षा 12 के परिणामों के बाद ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर कई छात्रों और अभिभावकों ने शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की गुणवत्ता, कुछ उत्तरों के मूल्यांकन में कथित त्रुटियां, पोर्टल की तकनीकी समस्याएं तथा पुनर्मूल्यांकन में देरी जैसे मुद्दे शामिल थे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
OSM प्रणाली को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने के लिए IIT मद्रास और IIT कानपुर के विशेषज्ञों को तकनीकी सहयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज करने और उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल उपलब्धता बेहतर बनाने पर भी कार्य किया जा रहा है।
इस वर्ष करोड़ों पृष्ठों की डिजिटल स्कैनिंग और मूल्यांकन किया गया, जिसके कारण प्रारंभिक चरण में कुछ तकनीकी चुनौतियां सामने आईं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुधारात्मक उपायों के बाद यह प्रणाली भविष्य में अधिक प्रभावी हो सकती है। छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी गई है कि वह केवल NTA और CBSE की आधिकारिक वेबसाइटों से ही जानकारी प्राप्त करें। नए एडमिट कार्ड और परीक्षा संबंधी नोटिस नियमित रूप से जांचते रहें। किसी भी समस्या की स्थिति में अधिकृत हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज करें। समय से पहले केंद्र पहुंचें और सभी आवश्यक दस्तावेज और पहचान पत्र साथ रखें।
NEET री-एग्जाम और CBSE OSM विवाद ने परीक्षा प्रणाली की चुनौतियों को उजागर किया है। हालांकि सरकार का दावा है कि तकनीकी सुधार, कड़ी निगरानी और डिजिटल प्रक्रियाओं के विस्तार के माध्यम से भविष्य में अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी।
NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद: री-एग्जाम, CBT मोड और CBSE OSM पर बड़ा अपडेट










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Nice 👍
Ye jo paper leak ke incidents ho rahe hai ye nayi baat nahi hai. Koi na koi entrance yaan exams ke paper leak ka khulasa hone ke baad action/reaction/investigation etc sakt kia jatahai… Pahele se ye pardarshita ka “steps” kyun nahi laya jata. Jo bhi intermediary iss nexux mei shamil hai wo tow doshi honge lekin aur bhi bahut aise loopholes honge jisko dhyan dena aur uchit action lena jaroori hai anne wale generation ki educational transparency ke liye.
Nexus*