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राजस्थान: बीकानेर से अमित शाह का बड़ा संदेश — सीमा सुरक्षा अब केवल ड्यूटी नहीं, राष्ट्रीय जिम्मेदारी, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से संवाद किया और महिला जवानों के लिए निर्मित आधुनिक बैरकों का ई-उद्घाटन किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव और BSF के महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गृह मंत्री ने कहा कि BSF ने स्थापना के समय से ही देश की सीमाओं की सुरक्षा वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ की है। उन्होंने बताया कि अब तक 2000 से अधिक सीमा प्रहरियों ने देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसके लिए पूरा देश उनका ऋणी है। अमित शाह ने कहा कि सरकार जेंडर न्यूट्रल सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक सीमा सुरक्षा में तैनात सभी महिला जवानों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

राजस्थान में 79 महिला बैरकों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 67 बैरकों का निर्माण लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है। आज इनमें से 14 बैरकों का लोकार्पण किया गया। BSF की विभिन्न सीमाओं पर करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से कुल 356 बैरकों का निर्माण किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान BSF जवानों ने बेहद साहसिक भूमिका निभाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों का मनोबल बनाए रखा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां BSF ने मोर्चा संभाला, वहां पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार अब आतंकवाद और घुसपैठ के खिलाफ “Ruthless Response Policy” पर काम कर रही है।

अमित शाह ने सीमा सुरक्षा के लिए “चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड” की अवधारणा पर जोर दिया, जिसमें BSF, भारतीय सेना और सीमांत नागरिक तथा स्थानीय प्रशासन इन चारों की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई। उन्होंने कहा कि अब सीमा सुरक्षा केवल बॉर्डर तक सीमित नहीं है, बल्कि 50 किलोमीटर के दायरे में होने वाली अवैध गतिविधियों, घुसपैठ, ड्रोन तस्करी और जनसांख्यिकीय बदलावों पर भी नजर रखना जरूरी है।
गृह मंत्री ने खुलासा किया कि अगले 6 महीनों में भारत सरकार सीमा क्षेत्रों में एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिए हथियार और नार्कोटिक्स की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और इसे जड़ से खत्म किया जाएगा। अमित शाह ने 1965 के भारत-पाक युद्ध का जिक्र करते हुए बताया कि सांचू पोस्ट भारतीय सेना और आरएसी के जवानों की वीरता का प्रतीक है। पाकिस्तान की कब्जे की कोशिश को भारतीय जवानों ने विफल किया था। इसी विजय की याद में हर वर्ष “सांचू दिवस” मनाया जाता है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “Vibrant Villages Programme” योजना के तहत सीमांत गांवों का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने BSF को इस अभियान में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की अपील की। अमित शाह ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने 7.35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। उन्होंने बीकानेर में खेजड़ी का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
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