नई दिल्ली- 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर है। 10 राज्यों की 37 सीटों पर होने वाले इस चुनाव से पहले भाजपा, कांग्रेस, क्षेत्रीय दलों सहित सभी प्रमुख पार्टियों ने रणनीति बैठकें तेज कर दी हैं। नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 मार्च को समाप्त हो चुकी है, अब अंतिम दौर की तैयारियां चल रही हैं।

चुनाव आयोग ने फरवरी में शेड्यूल जारी किया था। 26 फरवरी को नोटिफिकेशन, 5 मार्च तक नामांकन, 6 मार्च को जांच और 9 मार्च नाम वापसी के बाद 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी। चुनाव महाराष्ट्र (7 सीटें), तमिलनाडु (6), पश्चिम बंगाल (5), बिहार (5), ओडिशा (4), असम (3), तेलंगाना (2), छत्तीसगढ़ (2), हरियाणा (2) और हिमाचल प्रदेश (1) में होंगे।
भाजपा-एनडीए गठबंधन ने विधायकों की संख्या के आधार पर अधिकांश सीटें सुरक्षित करने की कोशिश की है। बिहार में नीतीश कुमार और हरियाणा में नायब सिंह सैनी जैसे नेता चुनाव मैदान में हैं। विपक्षी इंडिया गठबंधन, खासकर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में क्रॉस वोटिंग रोकने पर फोकस कर रहा है। 26 सीटों पर निर्विरोध चुनाव तय माने जा रहे हैं, लेकिन बाकी पर घमासान होगा। शरद पवार जैसे दिग्गजों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है।
ये चुनाव राज्यसभा में भाजपा-एनडीए को मजबूत कर सकते हैं, क्योंकि विधानसभाओं में उनकी संख्या अधिक है। क्षेत्रीय दलों जैसे बीजेडी, डीएमके और टीएमसी की भूमिका अहम रहेगी। पार्टियां विधायकों को दिल्ली लाकर व्हिप जारी कर रही हैं ताकि कोई विद्रोह न हो। हालाकि इस चुनाव में कई बड़े नेताओं की उम्मीदवारी भी चर्चा में है। नितिश कुमार बिहार से चुनावी मैदान में हैं, जबकि हरियाणा में नायब सिंह सैनी का नाम भी प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल बताया जा रहा है।

इन नेताओं की उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा उत्साह है और माना जा रहा है कि उनके मैदान में उतरने से चुनाव और अधिक दिलचस्प हो गया है।
विपक्षी दलों का ध्यान अपने विधायकों को एकजुट रखने और संभावित क्रॉस-वोटिंग को रोकने पर है। कई राज्यों में विपक्षी दल भी अपने विधायकों को सुरक्षित स्थानों पर रखकर लगातार रणनीति बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस बार कुछ सीटों पर मुकाबला कड़ा हो सकता है, हालांकि कई सीटों पर निर्विरोध चुनाव की संभावना भी जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों के परिणाम राज्यसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं। यदि एनडीए अपने अनुमानित सीटें जीतने में सफल रहता है तो संसद के ऊपरी सदन में उसके विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में आसानी हो सकती है। कुल मिलाकर, आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी दल अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हुए हैं। यह चुनाव राज्यसभा के समीकरण बदल सकता है, जिसका सबसे ज्यादा असर आने वाले संसद सत्रों पर पड़ेगा। और अब16 मार्च का दिन तय करेगा कि उच्च सदन का गणित किसके पक्ष में जाएगा।
#Rajya Sabha Polls 16 March
#Rajya Sabha Election India
#State wise Rajya Sabha seats
#BJP NDA Strategy
#Congress Strategy
#INDIA Alliance Politics
#Indian Parliament News









