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नई दिल्ली: RSS @100 पुस्तक का विमोचन: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन बोले— सेवा, एकता और त्याग ने संघ को बनाया विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन,

New Delhi: RSS @100 book released: Vice President C.P. Radhakrishnan said, "Service, unity and sacrifice have made the Sangh the world's largest voluntary organization."

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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने लॉन्च की RSS @100 पुस्तक

RSS की शताब्दी पर बड़ी किताब लॉन्च, मोदी के सफर पर विशेष अध्याय

शाखा आत्मा की कार्यशाला है: RSS @100 पुस्तक विमोचन में बोले उपराष्ट्रपति

RSS @100 Book Launch: उपराष्ट्रपति ने संघ की 100 साल की यात्रा को बताया प्रेरणादायक

सेवा, एकता और राष्ट्र निर्माण पर आधारित RSS @100 पुस्तक का विमोचन

उपराष्ट्रपति ने RSS की तुलना गंगा से की, बोले- निस्वार्थ सेवा ही पहचान

RSS @100 पुस्तक में मोदी युग पर विशेष अध्याय, उपराष्ट्रपति ने की चर्चा

राजनाथ सिंह की मौजूदगी में लॉन्च हुई RSS @100 पुस्तक

RSS के 100 साल पूरे, उपराष्ट्रपति बोले- भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है संघ

IB News Desk

नई दिल्ली:RSS @100 पुस्तक का विमोचन: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन बोले— सेवा, एकता और त्याग ने संघ को बनाया विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन, भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को उपराष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शताब्दी वर्षगांठ पर आधारित पुस्तक “RSS @100: A Century of Service, Unity and Sacrifice” का लोकार्पण किया। यह पुस्तक श्याम जाजू और श्री अनुपम त्रिवेदी द्वारा लिखी गई है।

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्षगांठ पर प्रकाशित इस पुस्तक के विमोचन समारोह में शामिल होना उनके लिए व्यक्तिगत सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा केवल एक संगठन की यात्रा नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण की सतत प्रक्रिया का प्रतीक है।
उपराष्ट्रपति ने संघ पर लिखी एक तमिल कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना पवित्र गंगा नदी से की गई है, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के कल्याण के लिए निरंतर बहती रहती है। उन्होंने कहा कि यही सेवा भावना संघ की सबसे बड़ी पहचान रही है।
पुस्तक के शीर्षक “RSS @100: A Century of Service, Unity and Sacrifice” का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सेवा समाज के प्रति निस्वार्थ समर्पण का प्रतीक है और एकता भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को जोड़ने वाली शक्ति है तथा त्याग किसी भी मजबूत संस्था की आधारशिला होता है। उन्होंने कहा कि इन्हीं मूल्यों ने संघ के स्वयंसेवकों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
उपराष्ट्रपति ने पुस्तक का उल्लेख करते हुए कहा कि RSS की शाखा “आत्मा की कार्यशाला” है, जहां युवाओं के व्यक्तित्व का निर्माण होता है और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित की जाती है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक का सबसे बड़ा गुण है “जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा और उत्कृष्टता के साथ निभाना।”
राधाकृष्णन ने कहा कि संघ ने पिछले 100 वर्षों में भारतीय संस्कृति, सभ्यतागत विरासत, आध्यात्मिक परंपराएं और भारतीय भाषाएं व सामाजिक समरसता को मजबूत करने का लगातार प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष लाखों स्वयंसेवकों के समर्पण को सम्मान देने का अवसर है।
उपराष्ट्रपति ने पुस्तक के महत्वपूर्ण अध्याय “एक स्वयंसेवक प्रधानमंत्री: मोदी युग” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वयंसेवक से प्रधानमंत्री बनने तक की यात्रा का विस्तार से वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन व्यवस्था में “राष्ट्र प्रथम” की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जो संघ की मूल विचारधारा से प्रेरित है। उपराष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ अपने पुराने सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए कहा कि दोनों ने ही जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से प्रेरित होकर जमीनी स्तर से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी।
उपराष्ट्रपति ने कहा—जिस प्रकार गंगा एक छोटी धारा के रूप में शुरू होकर विशाल नदी बन जाती है, उसी प्रकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी एक छोटे संगठन से दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन के रूप में विकसित हुआ है।
पुस्तक में प्रमुख रूप से RSS के 100 वर्षों का इतिहास, संगठन की सेवा गतिविधियां, राष्ट्रीय एकता में भूमिका, राष्ट्र निर्माण में योगदान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्वयंसेवक निर्माण की प्रक्रिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा तथा संगठन के भविष्य की दिशा जैसे विषय शामिल हैं।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय, आरएसएस क्षेत्र संघचालक  पवन जिंदल, सहलेखक  श्याम जाजू और  अनुपम त्रिवेदी तथा प्रभात प्रकाशन के प्रबंध निदेशक  प्रभात कुमार सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

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Author: Ib News

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