राजस्थान से लेकर बंगाल तक DRI का मेगा ऑपरेशन, अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़
भारत में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई
अरुण कुमार
नई दिल्ली: डीआरआई का देशव्यापी बड़ा एक्शन: 440 दुर्लभ वन्यजीव, 15 किलो हाथीदांत जब्त, 33 तस्कर गिरफ्तार, राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने देशभर में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए समन्वित अभियानों में वन्यजीव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए 440 लुप्तप्राय एवं संरक्षित वन्यजीवों, लगभग 15 किलोग्राम हाथीदांत एवं हाथीदांत से बनी वस्तुओं को जब्त किया है। इन अभियानों के दौरान 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई द्वारा की गई यह कार्रवाई भारत की जैव विविधता की रक्षा तथा वन्यजीवों की अवैध तस्करी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इन अभियानों में सीबीआई, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), राज्य वन विभाग, सीमा शुल्क विभाग तथा स्थानीय पुलिस ने भी संयुक्त रूप से सहयोग किया। 10 जुलाई 2026 को डीआरआई अधिकारियों ने राजस्थान के सुजानगढ़ के निकट हाथीदांत की अवैध तस्करी में शामिल गिरोह पर कार्रवाई करते हुए लगभग 11 किलोग्राम हाथीदांत बरामद किया।
इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर वन विभाग को सौंप दिया गया, जहां उनके विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की जा रही है। भारतीय हाथी (Elephas maximus) अनुसूची-I में शामिल संरक्षित प्रजाति है। भारत में हाथीदांत का व्यापार CITES तथा विदेश व्यापार नीति के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में डीआरआई ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हाथीदांत से बनी देवी-देवताओं की दो मूर्तियां बरामद कीं।प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इन मूर्तियों की तस्करी बांग्लादेश से भारत लाई गई थी।
कर्नाटक के मैसूर में डीआरआई ने 4 किलोग्राम हाथीदांत जब्त किया तथा तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वन विभाग के हवाले किया।
7-8 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में डीआरआई, सीबीआई और WCCB ने संयुक्त अभियान चलाकर एक बड़े अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया। इस दौरान 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटुरोंग, 28 स्टार कछुए और 6 इजिप्शियन गिद्ध व 2 शिकरा पक्षी वन्यजीव बरामद किए गए, इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी जांच अब सीबीआई कर रही है।

डीआरआई ने बैंकॉक, कुआलालंपुर और कोलंबो से भारत आने वाले यात्रियों के माध्यम से की जा रही वन्यजीव तस्करी की कई कोशिशों को विफल किया। बरामद दुर्लभ प्रजातियों में Albino Red-Eared Turtle, African Spurred Tortoise, Green Iguana, Mangrove Monitor Lizard, Bearded Dragon, Borneo Python, Ball Python, Indonesian Blue Tongue Skink, Siamang Gibbon, Woolly Monkey, Silvery Lutung शामिल हैं।
डीआरआई ने विभिन्न राज्यों में अभियान चलाकर कई प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद भी बरामद किए। इनमें पैंगोलिन के शल्क, तेंदुए की खाल, रेड सैंडर्स, सी-हॉर्स उत्पाद, रेड सैंड बोआ, कछुए, सांप, गिब्बन और पक्षी व दुर्लभ छिपकलियां तथा गिलहरियां शामिल हैं।

डीआरआई ने निम्न स्थानों पर संयुक्त अभियान चलाए जिसमे बेंगलुरु, वारंगल, पुणे, सूरत, चेन्नई, कोलकाता, त्रिची, मदुरै, श्रीकाकुलम, होजई (असम), राजस्थान और मैसूर तथा हावड़ा शामिल हैं।
इन अभियानों में डीआरआई (DRI), सीबीआई, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), राज्य वन विभाग, सीमा शुल्क विभाग और एयरपोर्ट इंटेलिजेंस यूनिट व स्थानीय पुलिस निम्न एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की है।
डीआरआई ने कहा कि खुफिया जानकारी आधारित यह अभियान संगठित वन्यजीव अपराध तथा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में लगातार जारी रहेगा। यह अभियान भारत की CITES के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने और देश की समृद्ध जैव विविधता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
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