Search
Close this search box.

Mission Zero: स्वच्छता कार्य में मौतों को शून्य करने की मुहिम, भुवनेश्वर में राष्ट्रीय कार्यशाला; नमस्ते योजना 2031 तक बढ़ी

Mission Zero, मिशन जीरो, Sanitation Workers, सफाई कर्मचारी, Namaste Scheme, नमस्ते योजना, स्वच्छता कर्मी, मशीनीकृत स्वच्छता, Manual Scavenging, Sewer Cleaning, Sanitation Safety, Odisha News, Bhubaneswar News, Social Justice Ministry

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बीरेन्दर दास

भुवनेश्वर:

Mission Zero: स्वच्छता कार्य में मौतों को शून्य करने की मुहिम, भुवनेश्वर में राष्ट्रीय कार्यशाला; नमस्ते योजना 2031 तक बढ़ी, देश में स्वच्छता कार्य के दौरान होने वाली मौतों को समाप्त करने और सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं मशीन आधारित स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से शनिवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में “मिशन जीरो: स्वच्छता कार्य में होने वाली मौतों को समाप्त करना” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

लोकसेवा भवन के राज्य सम्मेलन केंद्र में आयोजित इस कार्यशाला में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी सहित केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, स्वच्छता क्षेत्र के विशेषज्ञ, तकनीक एवं उपकरण निर्माता, नागरिक समाज संगठन और स्वच्छता कर्मी शामिल हुए।

कार्यशाला का मुख्य फोकस स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण बढ़ाने, संस्थागत तंत्र को मजबूत करने, उपयुक्त तकनीक को बढ़ावा देने, परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने और शहरों में मशीनों के जरिए स्वच्छता सेवाओं का विस्तार करना रहा।कार्यशाला को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने कहा कि स्वच्छता कार्यों में शून्य मृत्यु दर हासिल करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छता सेवाओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक तरीके से उपलब्ध कराने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। इसके लिए केवल मशीनें उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संस्थागत तैयारी, प्रशिक्षित मानव संसाधन, सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करना होगा।

सुधांश पंत ने बताया कि सफाई कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने के लिए नमस्ते और गरिमा योजनाएं लागू की जा रही हैं।इन पहलों का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों को खतरनाक और जोखिमपूर्ण मैनुअल कार्यों से दूर कर सुरक्षित एवं मशीन आधारित स्वच्छता व्यवस्था की ओर ले जाना है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में शुरू किया गया स्वच्छता सारथी/कचरा बीनने वाला घटक भी इस व्यवस्था को और मजबूत करता है। इसके तहत कचरा बीनने वालों को सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की विभिन्न पहलों के दायरे में लाने पर जोर दिया गया है। कार्यशाला में बताया गया कि स्वच्छता सेवाओं की व्यवस्थित डिलीवरी और मिशन जीरो के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए नमस्ते कार्यक्रम को 2031 तक बढ़ा दिया गया है।कार्यक्रम के तहत इमरजेंसी रिस्पांस सैनिटेशन यूनिट्स (ERSU) के माध्यम से आपात स्थिति में व्यवस्थित स्वच्छता सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को व्यापक बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सीवर और सेप्टिक टैंक जैसे जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में मैनुअल सफाई पर निर्भरता को खत्म कर अधिक से अधिक मशीनीकृत स्वच्छता सेवाओं को अपनाया जाए। मशीनीकरण से सफाई कर्मचारियों को जहरीली गैसों, संक्रमण, दुर्घटनाओं और अन्य व्यावसायिक जोखिमों से बचाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए शहरों में मशीनरी की उपलब्धता के साथ-साथ उनके संचालन, रखरखाव, प्रशिक्षित कर्मियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना भी जरूरी है।
राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान सुरक्षा उपकरण और स्वच्छता संबंधी मशीनरी के बाजार का भी आयोजन किया गया। सचिव सुधांश पंत ने यहां विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और हितधारकों से बातचीत की। इन स्टॉलों पर स्वच्छता कर्मचारियों की सुरक्षा, कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाने वाली तकनीकों एवं उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान तकनीक एवं उपकरण निर्माताओं ने सुरक्षित स्वच्छता संचालन के लिए उपलब्ध आधुनिक समाधानों की जानकारी दी।
कार्यशाला में कचरा बीनने वालों और स्वच्छता कर्मचारियों से जुड़े ‘कचरे से धन’ स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। इन स्टॉलों के माध्यम से आजीविका सृजन, उद्यमिता और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन के अवसरों को प्रदर्शित किया गया। इस पहल का उद्देश्य सफाई एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े श्रमिकों को केवल श्रमिक के रूप में नहीं बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना भी है।
कार्यशाला में केंद्र सरकार, ओडिशा सरकार, शहरी स्थानीय निकायों, स्वच्छता क्षेत्र के संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों, तकनीक प्रदाताओं और सफाई कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न हितधारकों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि खतरनाक मैनुअल स्वच्छता प्रथाओं को समाप्त करने के लिए सरकार, नगर निकाय, तकनीकी संस्थान और समुदायों के बीच समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। सिर्फ नीति बनाने के बजाय उसे शहरों और स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना मिशन जीरो की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
कार्यशाला में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत, ओडिशा सरकार की मुख्य सचिव अनु गर्ग, आवास एवं शहरी विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव उषा पाधी, CPHEEO के सलाहकार वी.के. चौरसिया, WATCO के प्रबंध निदेशक देबब्रत मोहंती, NSKFDC के प्रबंध निदेशक प्रभात कुमार सिंह, UMC की मेघना मल्होत्रा और ज़ेरक्स राव, भुवनेश्वर नगर निगम के नगर आयुक्त चंचल राणा (IAS) तथा पिंपरी चिंचवड नगर निगम के नगर आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी (IAS) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Mission Zero का लक्ष्य क्या है?

मिशन जीरो का मूल उद्देश्य स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मौतों को शून्य तक लाना है। इसके लिए चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:

  • मशीनीकरण – जोखिमपूर्ण मैनुअल सफाई को मशीन आधारित बनाना।
  • संस्थागत तैयारी – नगर निकायों और संबंधित संस्थाओं को बेहतर तरीके से तैयार करना।
  • श्रमिक सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा – सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य और कल्याण सुविधाएं उपलब्ध कराना।
  • आजीविका सहायता – सफाई कर्मचारियों को सुरक्षित रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना।
भुवनेश्वर की राष्ट्रीय कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता व्यवस्था को केवल सफाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके केंद्र में सफाई कर्मचारी की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और आजीविका भी होनी चाहिए। मिशन जीरो के तहत मशीनीकरण, तकनीक, संस्थागत तैयारी और सामाजिक सुरक्षा को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसका अंतिम लक्ष्य ऐसी स्वच्छता व्यवस्था तैयार करना है जहां किसी भी कर्मचारी को अपनी ड्यूटी निभाते हुए जान जोखिम में न डालनी पड़े।

#Mission Zero, #मिशन जीरो, #Sanitation Workers, #सफाई कर्मचारी, #Namaste Scheme, #नमस्ते योजना, #स्वच्छता कर्मी, #मशीनीकृत स्वच्छता, #Manual Scavenging, #Sewer Cleaning, #Sanitation Safety, #Odisha News, Bhubaneswar News, #Social Justice Ministry,

Ib News
Author: Ib News

1 thought on “Mission Zero: स्वच्छता कार्य में मौतों को शून्य करने की मुहिम, भुवनेश्वर में राष्ट्रीय कार्यशाला; नमस्ते योजना 2031 तक बढ़ी”

Leave a Comment

और पढ़ें