डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा—स्वच्छता अभियान अब संपूर्ण सरकार और संपूर्ण राष्ट्र का आंदोलन बन चुका है
अरुण कुमार
नई दिल्ली।
विशेष अभियान 6 का वेब पोर्टल लॉन्च, कबाड़ निस्तारण से 5,000 करोड़ रुपये अर्जित, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विशेष अभियान 6 के वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में शुरू हुआ स्वच्छता अभियान अब केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण सरकार और संपूर्ण राष्ट्र का व्यापक आंदोलन बन चुका है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियानों के तहत कबाड़ के व्यवस्थित निस्तारण से अब तक लगभग 5,000 करोड़ रुपये अर्जित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, करीब 1,000 लाख वर्गफुट कार्यालय स्थान मुक्त कराया गया, 24 लाख से अधिक स्वच्छता अभियान स्थलों पर काम किया गया और बेहतर अभिलेख प्रबंधन के लिए लगभग 2 करोड़ फाइलों का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि स्वच्छता अभियान ने सरकारी कामकाज की दक्षता बढ़ाने, व्यवहार में बदलाव लाने, लंबित मामलों को कम करने, सार्वजनिक स्थानों के बेहतर उपयोग और कचरे को आर्थिक संपदा में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्वच्छता अभियान बना जन-केंद्रित शासन का उदाहरण
विशेष अभियान 6 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह अभियान सरकार के जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है। जब किसी राष्ट्रीय आह्वान के माध्यम से नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े बुनियादी मुद्दों को उठाया जाता है, तो वह व्यापक जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने पहले संबोधन में स्वच्छता को विशेष प्राथमिकता दी थी। 15 अगस्त 2014 को दिए गए इस संदेश ने स्वच्छता जैसे बुनियादी विषय को शासन के केंद्र में ला दिया और देश में जनभागीदारी आधारित अभियान की शुरुआत हुई। डॉ. सिंह के अनुसार, इस पहल ने पारंपरिक सरकारी कार्यशैली से आगे बढ़कर जन-केंद्रित शासन, जवाबदेही और नागरिक भागीदारी पर जोर देने की दिशा तय की।
शौचालय निर्माण से महिलाओं और छात्राओं को मिला लाभ
स्वच्छता अभियान के सामाजिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शौचालयों के निर्माण, विशेषकर महिलाओं के लिए शौचालयों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में महिलाओं को होने वाली परेशानियों तथा पर्याप्त स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में स्कूली छात्राओं के सामने आने वाली कठिनाइयों का जिक्र किया।
अपने निर्वाचन क्षेत्र की एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि नौवीं कक्षा की एक छात्रा ने तब तक स्कूल जाना बंद कर दिया था, जब तक उसके घर और स्कूल में शौचालय का निर्माण नहीं हो गया। बाद में किए गए सर्वेक्षण में लगभग 200 ऐसे परिवार सामने आए, जो इसी प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे थे। डॉ. सिंह ने कहा कि इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि स्वच्छता केवल सफाई का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सम्मान और सामाजिक गरिमा से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
कबाड़ से आर्थिक मूल्य सृजित करने पर जोर
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान के दौरान कचरे को केवल अनुपयोगी सामग्री के रूप में देखने की सोच में बदलाव आया है। अब कबाड़ को आर्थिक मूल्य पैदा करने वाले संसाधन के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुरुआती विशेष अभियानों में कबाड़ निस्तारण से लगभग 20 करोड़ रुपये की आय हुई थी। इससे यह प्रमाणित हुआ कि सरकारी संस्थानों में अनुपयोगी सामग्री का व्यवस्थित निस्तारण कर आर्थिक संसाधन जुटाए जा सकते हैं।
पिछले पांच वर्षों में कबाड़ निस्तारण से अर्जित 5,000 करोड़ रुपये इस दिशा में हुई प्रगति को दर्शाते हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि इससे सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और कचरे से संपदा सृजन की संभावनाएं सामने आई हैं।
कार्यालय स्थान और फाइलों के निस्तारण में बड़ी उपलब्धि
विशेष अभियानों के दौरान सरकारी कार्यालयों में लंबे समय से जमा अनुपयोगी सामग्री, पुराने रिकॉर्ड और लंबित फाइलों के निस्तारण पर भी ध्यान दिया गया। अभियान के तहत लगभग 1,000 लाख वर्गफुट कार्यालय स्थान को मुक्त कराया गया। इससे सरकारी भवनों में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने और कार्यस्थलों को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिली।
इसके अलावा, करीब 2 करोड़ फाइलों का निस्तारण किया गया। इससे अभिलेख प्रबंधन में सुधार, लंबित मामलों में कमी और सरकारी कामकाज में तेजी लाने में सहायता मिली। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्वच्छता अभियान ने कार्यस्थल पर अनुशासन, समयबद्धता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया है।
डैशबोर्ड और ऑनलाइन निगरानी से बढ़ी पारदर्शिता
मंत्री ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान डैशबोर्ड और ऑनलाइन प्रतिक्रिया तंत्र का उपयोग किया जा रहा है। इनके माध्यम से मंत्रालय और विभाग अपनी प्रगति का समय-समय पर आकलन कर सकते हैं तथा क्रियान्वयन में आवश्यक सुधार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में कई ऐसे उपेक्षित और दुर्गम स्थान होते हैं, जिनका लंबे समय से उपयोग नहीं हो पाता। विशेष अभियान के माध्यम से ऐसे स्थानों की पहचान कर उनकी सफाई और उत्पादक उपयोग का रास्ता खुला है।
विशेष अभियान 6 में ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि विशेष अभियान 6 केवल फाइलों और कार्यालयों की सफाई तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यसंस्कृति में दक्षता, स्वच्छता और जवाबदेही को रोजमर्रा की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाना है। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान 6 में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के अनुभव को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अंतर्गत ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और पर्यावरण के अनुकूल निस्तारण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
ई-कचरा प्रबंधन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अभियान में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। नए डिजिटल मंच के माध्यम से अभियान की तैयारी, क्रियान्वयन और मूल्यांकन के दौरान वास्तविक समय में प्रगति की निगरानी की जा सकेगी। ई-कचरे की निगरानी के लिए पोर्टल में एक समर्पित मॉड्यूल भी शामिल किया जाएगा।
देशभर के सरकारी और सार्वजनिक संस्थान होंगे शामिल
सचिव ने कहा कि विशेष अभियान 6 अब देशभर के कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों को शामिल करने वाला राष्ट्रव्यापी अभियान बन चुका है। इसमें मंत्रालयों और विभागों के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्वायत्त संस्थान, विदेशों में स्थित भारतीय मिशन, डाकघर, स्कूल और रेलवे स्टेशन जैसे नागरिकों से सीधे जुड़े संस्थान भी शामिल होंगे। उन्होंने सभी मंत्रालयों और विभागों से नए उत्साह के साथ अभियान में भाग लेने तथा पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
विशेष अभियान केवल एक महीने की गतिविधि नहीं
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से 31 अक्टूबर, सरदार पटेल जयंती तक चलने वाली विशेष अभियान अवधि को केवल एक महीने की स्वच्छता गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पूरे वर्ष स्वच्छता, दक्षता और जवाबदेही बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दोहराने का वार्षिक अवसर है। पिछले अभियानों से प्राप्त अनुभव विशेष अभियान 6 के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं। और आने वाले चरण में अभियान को अधिक केंद्रित, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाया जाएगा।
विशेष अभियान 6 के वेब पोर्टल के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टी.के. अनिल कुमार, खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र, डाक विभाग के सचिव सुब्रत दास सहित विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, नोडल अधिकारी तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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