डाक विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया;
आधार, पैन-पासपोर्ट, बैंकिंग और डिजिटल पेंशन सेवाओं के विस्तार पर चर्चा
अरुण कुमार
नई दिल्ली
INDIA POST का कायाकल्प: कर्मचारी संगठनों ने की सरकार की सराहना, डॉ. जितेंद्र सिंह से उठाए मुद्दे, डाक विभाग के अखिल भारतीय कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इंडिया पोस्ट के बदलते स्वरूप और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार के लिए केंद्र सरकार की सराहना की है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इंडिया पोस्ट पारंपरिक डाक वितरण व्यवस्था से आगे बढ़कर आधुनिक, तकनीक आधारित और जनसेवा केंद्रित नेटवर्क के रूप में विकसित हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। बैठक में डाक सेवाओं के रूपांतरण, कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों से जुड़े विषयों तथा पेंशनभोगियों के विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।
पारंपरिक डाक सेवा से नागरिक-केंद्रित नेटवर्क तक

प्रतिनिधियों ने कहा कि इंडिया पोस्ट की भूमिका पिछले एक दशक में काफी व्यापक हुई है। अब डाक विभाग केवल पत्र और पार्सल पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को कई आवश्यक सरकारी और वित्तीय सेवाएं भी उपलब्ध करा रहा है। इन सेवाओं में प्रमुख रूप से —
- तेज और समयबद्ध डाक वितरण सेवाएं।
- आधार कार्ड से संबंधित सुविधाएं।
- डाक नेटवर्क के माध्यम से पैन कार्ड और पासपोर्ट सेवा।
- घर-घर बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं।
- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सुविधाएं।
- डिजिटल पेंशन सेवाएं।
- डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि डाक विभाग का विस्तृत नेटवर्क विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इंडिया पोस्ट के परिवर्तन की सबसे स्पष्ट झलक डाकिए की बदलती भूमिका में दिखाई देती है। आज डाकिया केवल पत्र पहुंचाने वाला कर्मचारी नहीं है, बल्कि वह बैंकिंग, पेंशन और अन्य आवश्यक नागरिक सेवाओं को सीधे लोगों के घरों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डाक नेटवर्क अब वित्तीय और नागरिक सेवाओं के लिए एक व्यापक मंच बन चुका है। इसकी राष्ट्रव्यापी पहुंच सरकार और आम नागरिकों के बीच अंतिम छोर तक संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और डोरस्टेप बैंकिंग के विस्तार से गांवों और घरों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना आसान हुआ है। इससे उन नागरिकों को विशेष लाभ मिला है, जिन्हें बैंक शाखाओं तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार
बैठक में डिजिटल पेंशन सेवाओं का भी उल्लेख किया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डाक नेटवर्क के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी सुविधाओं के विस्तार से पेंशनभोगियों को काफी सुविधा मिली है। अब पेंशन से जुड़ी कई आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए वरिष्ठ नागरिकों को बार-बार कार्यालयों या बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। डाक नेटवर्क के जरिए सेवाओं को अधिक सुलभ, सरल और नागरिक-अनुकूल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कोविड महामारी के दौरान डाक कर्मचारियों की भूमिका

केंद्रीय मंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान डाक कर्मचारियों की सेवाओं को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद डाक नेटवर्क ने आवश्यक सेवाओं को जारी रखा। उस दौरान डाक कर्मचारियों ने—
- नागरिकों के घरों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाईं।
- जरूरतमंद लोगों तक नकदी पहुंचाने में मदद की।
- पेंशन और अन्य वित्तीय सेवाओं को जारी रखा।
- आवश्यक चिकित्सा सामग्री की डिलीवरी में सहयोग किया।
- डाक वाहनों और बुनियादी ढांचे का उपयोग आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में किया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि संकट की उस घड़ी में डाक विभाग ने यह साबित किया कि उसका नेटवर्क देश की महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा परिसंपत्ति है।
डाक नेटवर्क का और व्यापक उपयोग करने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डाक विभाग का विशाल राष्ट्रव्यापी नेटवर्क सरकार की विभिन्न योजनाओं और नागरिक सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में और अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डाक नेटवर्क के जरिए सरकारी कार्यक्रमों, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय समावेशन और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। प्रतिनिधिमंडल ने भी कहा कि कर्मचारी संगठन सरकार की जनसेवा संबंधी पहलों में सहयोग देने और डाक नेटवर्क की पहुंच को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक के दौरान कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने डॉ. जितेंद्र सिंह के सामने कर्मचारियों, संगठनों और पेंशनभोगियों से जुड़े विभिन्न मुद्दे रखे। इनमें प्रमुख रूप से- कर्मचारी संगठनों का सत्यापन और मान्यता, विभागीय मंचों में कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व, पेंशनभोगियों से जुड़े विषय, लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मामले, कर्मचारियों की कुछ श्रेणियों से जुड़े मुद्दे और विभिन्न सेवा लाभों से संबंधित विषय तथा संगठनात्मक और प्रशासनिक मामलों पर विचार शामिल हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिन मामलों में जांच, परीक्षण या अतिरिक्त विचार की आवश्यकता है, उन पर लागू नियमों और वित्तीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए उचित प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से विचार किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारी संगठनों को आश्वासन दिया कि सेवा संबंधी विषयों को संबंधित प्रक्रियाओं के तहत देखा जाएगा।
इंडिया पोस्ट की भूमिका लगातार हो रही है मजबूत
बैठक में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि इंडिया पोस्ट देश के सबसे बड़े और व्यापक सार्वजनिक सेवा नेटवर्क में से एक है। इसकी पहुंच शहरों के साथ-साथ गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों तक है। इसी व्यापक नेटवर्क के कारण डाक विभाग— वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे सकता है। सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बना सकता है। डिजिटल सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा सकता है और वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों को सुविधा दे सकता है तथा संकट के समय आवश्यक सेवाओं का संचालन कर सकता है व नागरिकों और सरकार के बीच भरोसेमंद संपर्क माध्यम बन सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जितेंद्र सिंह को बातचीत के लिए समय देने और कर्मचारियों के मुद्दे सरकार के सामने रखने का अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया।
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