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DRI की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान मूल के 364 मीट्रिक टन सूखे खजूर जब्त, 13 कंटेनर पकड़े

Major DRI crackdown: 364 metric tonnes of Pakistan-origin dry dates seized; 13 containers impounded.

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नई दिल्ली

DRI की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान मूल के 364 मीट्रिक टन सूखे खजूर जब्त, 13 कंटेनर पकड़े, भारत द्वारा पाकिस्तान मूल के सामान के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर लगाए गए प्रतिबंध को दरकिनार करने की कोशिश के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। DRI ने पाकिस्तान मूल के करीब 364 मीट्रिक टन सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनर जब्त किए हैं। जब्त खेप का अनुमानित मूल्य लगभग 3 करोड़ रुपये बताया गया है।

यह कार्रवाई DRI के ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से भेजे गए सूखे खजूर को संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते भारत लाया गया और आयात दस्तावेजों में यूएई को मूल देश बताया गया।

नासिक के सीएफएस अंबड में पकड़े गए 13 कंटेनर

विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर DRI अधिकारियों ने नासिक स्थित सीएफएस अंबड में मुंबई की एक फर्म द्वारा आयातित सूखे खजूर के 13 कंटेनरों को रोका और जब्त किया। ये कंटेनर संयुक्त अरब अमीरात के जबल अली बंदरगाह से भारत पहुंचे थे। दस्तावेजों में माल का मूल देश यूएई घोषित किया गया था। हालांकि, दस्तावेजों, कंटेनर मूवमेंट और शिपमेंट से जुड़े विवरणों की जांच के बाद DRI को संदेह हुआ कि वास्तविक रूप से यह माल पाकिस्तान मूल का है। जांच में यह भी सामने आया कि आयातकों ने माल के वास्तविक मूल देश को छिपाने के लिए तीसरे देश के जरिए ट्रांसशिपमेंट की व्यवस्था का इस्तेमाल किया।

कराची से जबल अली और फिर भारत तक पहुंची खेप

प्रारंभिक जांच के अनुसार, सूखे खजूरों को सबसे पहले पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से संयुक्त अरब अमीरात के जबल अली बंदरगाह तक भेजा गया था। जबल अली में माल को केवल ट्रांसशिप किया गया। इसके लिए उसे कंटेनरों के दूसरे सेट में स्थानांतरित किया गया और एक अलग जहाज पर लादकर भारत भेजा गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य माल के वास्तविक पाकिस्तानी मूल को छिपाना और भारत में प्रतिबंधित आयात को वैध व्यापारिक खेप के रूप में प्रस्तुत करना था।

DRI को यह भी पता चला है कि इस व्यवस्था में पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा संचालित संस्थाओं की भूमिका रही। मामले में संबंधित कंपनियों, शिपिंग दस्तावेजों, बिलों और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है।

2 मई 2025 से पाकिस्तान मूल के सामान पर पूर्ण प्रतिबंध

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में पाकिस्तान से आने वाले सामान पर कड़ा प्रतिबंध लगाया था।वाणिज्य मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी DGFT ने अधिसूचना संख्या 06/2025-26 दिनांक 2 मई 2025 के माध्यम से पाकिस्तान में उत्पन्न या पाकिस्तान से निर्यात किए गए सभी सामान के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात तथा पारगमन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस प्रतिबंध के तहत पाकिस्तान मूल का माल किसी तीसरे देश के जरिए भारत लाकर भी आयात नहीं किया जा सकता। DRI के अनुसार, जब्त की गई सूखे खजूर की खेप इसी प्रतिबंध का उल्लंघन करती हुई पाई गई।

‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत लगातार कार्रवाई

पाकिस्तान मूल के सामान को तीसरे देशों के जरिए भारत लाने की कोशिशों पर नजर रखने के लिए DRI ने ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत एजेंसी खुफिया जानकारी, शिपिंग डेटा, आयात दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण कर संदिग्ध खेपों की पहचान कर रही है। इससे पहले भी DRI ने पाकिस्तान मूल के सामान को दुबई के रास्ते भारत लाने की कोशिशों का खुलासा किया था। जून 2025 में DRI ने करीब 1,115 मीट्रिक टन पाकिस्तान मूल के सामान से भरे 39 कंटेनर जब्त किए थे। इनकी कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये बताई गई थी। सितंबर 2025 में DRI मुंबई ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर पाकिस्तान मूल के कॉस्मेटिक्स और सूखे खजूर से भरे 28 कंटेनर जब्त किए थे। इनकी कुल मात्रा करीब 800 मीट्रिक टन और कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये थी। उस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

गलत घोषणा और दस्तावेजों में हेरफेर की जांच

DRI की जांच का मुख्य केंद्र माल के मूल देश की गलत घोषणा, कंटेनरों की अदला-बदली और शिपिंग दस्तावेजों में संभावित हेरफेर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि—

  • माल की वास्तविक खरीद पाकिस्तान में किस इकाई से हुई।
  • कराची से जबल अली तक शिपमेंट किस कंपनी ने कराया।
  • जबल अली में कंटेनरों को बदलने की व्यवस्था किसने की।
  • भारत में आयात के लिए यूएई मूल का प्रमाण किस आधार पर प्रस्तुत किया गया।
  • आयातक फर्म और विदेशी संस्थाओं के बीच क्या वित्तीय संबंध हैं।
  • इस नेटवर्क में अन्य कंपनियों या बिचौलियों की क्या भूमिका रही।

मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और सीमा शुल्क कानून के तहत उपलब्ध प्रावधानों के आधार पर की जाएगी। DRI ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियां केवल सीमा शुल्क नियमों का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापारिक आपूर्ति शृंखला की विश्वसनीयता के लिए भी गंभीर चुनौती पैदा करती हैं। तीसरे देशों के जरिए प्रतिबंधित सामान का आयात करने से सरकारी नीतियों को कमजोर करने, गलत व्यापारिक रिकॉर्ड बनाने और अवैध वित्तीय नेटवर्क को बढ़ावा मिलने का खतरा रहता है। DRI ने स्पष्ट किया है कि वह गलत घोषणा, माल की अदला-बदली, फर्जी दस्तावेजों और जटिल ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क के जरिए व्यापार प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाले संगठित समूहों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।

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Ib News
Author: Ib News

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