IIT – The Story of India’s Most Prestigious Educational Ecosystem’ पुस्तक का विमोचन, ओम बिरला बोले- IIT ने भारत को वैश्विक नेतृत्व और नवाचार की नई पहचान दी
डॉ दीपक शर्मा
नई दिल्ली: IIT भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का आधुनिक स्वरूप: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा है कि तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला जैसी भारत की गौरवशाली प्राचीन ज्ञान परंपराओं को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) ने आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि IIT केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के आत्मविश्वास, नवाचार, ज्ञान और राष्ट्र निर्माण की जीवंत पहचान हैं।
बिरलाजी ने नई दिल्ली में पुस्तक ‘IIT – The Story of India’s Most Prestigious Educational Ecosystem’ के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक का विमोचन करते हुए IIT प्रणाली की उपलब्धियों और भारत के विकास में उसके योगदान को रेखांकित किया।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि IIT खड़गपुर से शुरू हुई यह ऐतिहासिक यात्रा आज देश के 23 IIT संस्थानों तक पहुंच चुकी है। इन संस्थानों के पूर्व छात्र दुनिया भर में विज्ञान, तकनीक, उद्योग, शोध और प्रशासनिक नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि IIT खड़गपुर का इतिहास विशेष रूप से प्रेरणादायक है। जिस हिजली निरोध शिविर में कभी स्वतंत्रता सेनानियों को बंदी बनाया जाता था, उसी स्थान का IIT खड़गपुर में रूपांतरण भारत की पराधीनता से आत्मनिर्भरता और संघर्ष से सृजन की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है।
बिरला ने कहा कि IIT ने भारत में उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की संस्कृति विकसित की है। IIT के शिक्षकों, वैज्ञानिकों और पूर्व छात्रों ने सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान, डिजिटल परिवर्तन, इंजीनियरिंग, विनिर्माण और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने पुस्तक में वर्णित भाखड़ा परियोजना से जुड़े युवा इंजीनियरों के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने वाली कहानी है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत अब ‘ब्रेन ड्रेन’ से ‘ब्रेन गेन’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया भर में भारतीय प्रतिभाओं की बढ़ती मांग और देश में उपलब्ध नए अवसर इसका प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, क्वांटम कंप्यूटिंग, हरित ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अनुसंधान एवं विकास, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति और विभिन्न वैज्ञानिक पहलों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को विश्व स्तरीय अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

ओम बिरला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें। उन्होंने कहा कि इतिहास वही लोग रचते हैं जो सुविधा के बजाय चुनौतियों को स्वीकार करते हैं। युवाओं को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और देश के विकास के लिए करना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत, स्टार्टअप उद्यमियों और युवाओं की समान भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IIT की नई पीढ़ी विज्ञान को सेवा से, नवाचार को राष्ट्रीय हित से और सफलता को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए भारत को वैश्विक नेतृत्व के नए शिखर तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाला भारत ज्ञान, विज्ञान, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के बल पर विश्व में अग्रणी भूमिका निभाएगा और IIT इस परिवर्तन के प्रमुख स्तंभ बनेंगे।
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