8 लाख करोड़ निवेश और 6 लाख रोजगार का लक्ष्य।
अरुण कुमार
नई दिल्ली: भारत बना ग्रीन हाइड्रोजन महाशक्ति की ओर अग्रसर! केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लॉन्च किया ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल, भारत को स्वच्छ ऊर्जा महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने “ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल (GHCI)” का शुभारंभ किया। यह पोर्टल भारत की ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन योजना के तहत पारदर्शी प्रमाणन और नियामकीय अनुपालन को आसान बनाएगा।

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और ग्रीन हाइड्रोजन इस परिवर्तन का प्रमुख आधार बनने जा रहा है। प्रह्लाद जोशी ने बताया कि 6 राज्यों ने ग्रीन हाइड्रोजन के लिए विशेष नीतियां लागू कर दी हैं। 7 राज्यों ने अपनी औद्योगिक और नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों में ग्रीन हाइड्रोजन को शामिल किया है। और 4 राज्य नई नीतियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने राज्यों से मिशन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
सरकार ने घरेलू विनिर्माण क्षमता मजबूत करने के लिए 15 कंपनियों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया है। प्रतिवर्ष 3000 मेगावाट स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता विकसित की जाएगी। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत आत्मनिर्भर बनेगा। मंत्री ने बताया कि IOC, BPCL, HPCL और NRL को प्रतिवर्ष 30,000 मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन आपूर्ति के अनुबंध दिए गए हैं। इस्पात क्षेत्र में 100% हाइड्रोजन इंजेक्शन परीक्षण के लिए 84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने हेतु 37 हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों को समर्थन। 9 रणनीतिक हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस उद्देश्य के लिए लगभग 208 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

सरकार ने 113 करोड़ रुपये के आरएंडडी फ्रेमवर्क के तहत 21 परियोजनाओं को मंजूरी दी। ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल के मानकों को अंतिम रूप दिया तथा ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन योजना लागू की। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत-11 उर्वरक संयंत्रों को प्रतिवर्ष 6.7 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए समझौते किए गए हैं। इससे उर्वरक क्षेत्र में आयात निर्भरता कम होगी। 2023 में शुरू किए गए 19,744 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, 125 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश और 6 लाख से अधिक रोजगार तथा 5 करोड़ टन वार्षिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आयेगी ।
मंत्री ने बताया कि SIGHT योजना के तहत 8.62 लाख मीट्रिक टन वार्षिक उत्पादन क्षमता को प्रोत्साहन दिया गया है। JSW ने नवंबर 2025 में 3600 मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाले ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र का सफल संचालन शुरू किया। ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाया गया है। पहले चरण में 9 स्टार्टअप्स को 22 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सबसे तेज और महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन मिशन न केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि रोजगार, निवेश और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
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Green Hydrogen se oil ke uper nirbharta kam hoga aur swatchata ke aur non pollution fuel ko badhotri milega