नई दिल्ली: “157 दिन से 13 दिन में शिकायत समाधान! 1.65 करोड़ कर्मयोगी, 25 लाख शिकायतों का निपटारा और AI आधारित शासन—डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताई मोदी सरकार के 12 वर्षों की सुशासन क्रांति।” विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्य सरकारों से केंद्र सरकार द्वारा विकसित सफल प्रशासनिक सुधारों, डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण मॉडलों को अपनाने का आग्रह किया है।

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी, CPGRAMS, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, e-Office और AI आधारित शासन प्रणालियों ने प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है और आज विश्व के कई देश इन मॉडलों का अध्ययन कर रहे हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन सुधार केवल सरकारी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रहे बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के सशक्त माध्यम बने हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की कई प्रशासनिक पहलें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय हैं और दक्षिण अफ्रीका, मंगोलिया, मालदीव सहित कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भारत के डिजिटल गवर्नेंस मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि Mission Karmayogi दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी सिविल सेवा सुधार कार्यक्रमों में शामिल है। जिसमे 1.65 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता, लगभग 13 करोड़ पाठ्यक्रम पूरे, AI सारथी और AI ट्यूटर जैसी आधुनिक सुविधाएं और भूमिका आधारित और दक्षता आधारित प्रशिक्षण मॉडल तथा उन्होंने कहा कि यह पहल भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम और तकनीकी रूप से दक्ष सिविल सेवा तैयार कर रही है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि शिकायत निवारण प्रणाली CPGRAMS दुनिया के सबसे बड़े और प्रभावी नागरिक शिकायत मंचों में शामिल हो चुकी है। 2014 में शिकायतें लगभग 2 लाख थी और वर्तमान में शिकायतें लगभग 25 लाख प्रतिवर्ष हैंऔर निपटान की अवधि पहले 157 दिन थी जबकि अब केवल 13 दिन है यह बदलाव जवाबदेही, पारदर्शिता और तकनीक के बेहतर उपयोग का परिणाम है।
सरकार ने ग्रुप B (अराजपत्रित) और ग्रुप C पदों के लिए इंटरव्यू समाप्त किए, कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं शुरू कीं और आधार आधारित सत्यापन लागू किया तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 लागू किया। अक्टूबर 2022 से अब तक 19 रोजगार मेले आयोजित किये गये जिसमे 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किये गये हैैं।

डॉ. सिंह ने 2014 में लागू की गई Self-Attestation Policy को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे औपनिवेशिक मानसिकता समाप्त हुई और सरकार ने नागरिकों पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक लोकतंत्र में शासन का आधार विश्वास होना चाहिए, संदेह नहीं। सरकार ने पिछले 12 वर्षों में कई डिजिटल सुधार किए जैसे कि Online RTI System, e-HRMS, e-Office, Digital Performance Appraisal, AI Enabled Citizen Services Paperless Governance..डॉ. सिंह ने कहा कि भारत अब केवल वैश्विक मॉडल नहीं अपना रहा बल्कि दुनिया को शासन के नए मॉडल दे रहा है।
पेंशन सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की गरिमा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। Digital Life Certificate, Face Recognition आधारित सत्यापन, और Pension Adalats, Pension Grievance Redressal System तथा Anubhav Platform, इन पहलों से बुजुर्ग पेंशनभोगियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी कम हुई है। कर्मचारी हितों के लिए संवेदनशील फैसले सरकार ने लिये हैं उनमे मातृत्व अवकाश का विस्तार, सरोगेसी अवकाश लाभ, अंगदान हेतु विशेष अवकाश, दिव्यांग बच्चों के लिए सहायता और मृत शिशु जन्म पर विशेष मातृत्व अवकाश तथा तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों को पारिवारिक पेंशन जैसे महत्वपूर्ण फैसले लागू किए हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के सुधारों ने यह सिद्ध किया है कि तकनीक, विश्वास और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह बदला जा सकता है। उन्होंने राज्यों से इन सफल मॉडलों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यही पहलें विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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Bahut badhia