भारत और जर्मनी मिलकर बनाएंगे भविष्य की तकनीक!
क्वांटम कम्युनिकेशन, AI, फोटोनिक्स, अंतरिक्ष विज्ञान और डीप-टेक इनोवेशन में नई साझेदारी की तैयारी। भारत-जर्मनी तकनीकी सहयोग अब नए युग में प्रवेश कर रहा है
नई दिल्ली:भारत-जर्मनी क्वांटम टेक्नोलॉजी साझेदारी: डॉ. जितेंद्र सिंह और मारियो वोग्ट की अहम बैठक, अंतरिक्ष व AI सहयोग पर जोर, भारत और जर्मनी ने भविष्य की प्रौद्योगिकियों में रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने जर्मनी के थुरिंगिया मुक्त राज्य के मंत्री-प्रमुख मारियो वोग्ट के नेतृत्व वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में क्वांटम संचार, क्वांटम उपग्रह संचार, फोटोनिक्स, ऑप्टिकल कम्युनिकेशन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उन्नत विनिर्माण और डीप-टेक नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 में भारत-जर्मनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग के 50 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है और यह शोध, नवाचार तथा औद्योगिक विकास के नए अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का अनुसंधान एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से मजबूत हुआ है और देश वैश्विक तकनीकी साझेदारियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।
बैठक का मुख्य केंद्र क्वांटम प्रौद्योगिकी और फोटोनिक्स रहा। दोनों देशों ने क्वांटम संचार नेटवर्क, क्वांटम उपग्रह संचार, ऑप्टिकल ग्राउंड स्टेशन, क्वांटम कंप्यूटिंग और सुरक्षित संचार प्रणालियों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने यूरोप में चल रही क्वांटम संचार अवसंरचना परियोजनाओं और यूरोओजीएस (EuroOGS) नेटवर्क से जुड़ी प्रगति की जानकारी साझा की। वहीं भारत ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत सुरक्षित संचार और क्वांटम अनुसंधान में अपनी उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, जल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत वैश्विक निवेश और सहयोग के लिए आकर्षक गंतव्य बन चुका है। उन्होंने राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF), इंडिया AI मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत नवाचार आधारित आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बैठक में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जर्मन एयरोस्पेस सेंटर (DLR) के बीच लंबे समय से जारी सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत अब तक अपने प्रक्षेपण यानों के माध्यम से 11 जर्मन उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण कर चुका है। दोनों पक्षों ने उपग्रह संचार, मानव अंतरिक्ष उड़ान, पृथ्वी अवलोकन, ड्रोन तकनीक, माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों में साझेदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। दोनों देशों ने प्रतिभा आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थागत साझेदारी मजबूत करने पर सहमति जताई। भारत-जर्मनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (IGSTC) के माध्यम से भविष्य में उद्योग-उन्मुख अनुसंधान परियोजनाओं और नवाचार कार्यक्रमों को और गति देने पर भी चर्चा हुई।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि क्वांटम टेक्नोलॉजी, फोटोनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत विनिर्माण, अंतरिक्ष विज्ञान और डीप-टेक स्टार्टअप्स में बढ़ता सहयोग भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
New Delhi: India-Germany Quantum Technology Partnership: Key Meeting Between Dr. Jitendra Singh and Mario Vogt; Emphasis on Space and AI Cooperation भारत-जर्मनी क्वांटम टेक्नोलॉजी साझेदारी: डॉ. जितेंद्र सिंह और मारियो वोग्ट की अहम बैठक, अंतरिक्ष व AI सहयोग पर जोर









