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मोहाली: गवर्नेंस समिट 2026: ‘विकसित भारत’ के लिए समावेशी AI पर मंथन, ISB मोहाली में जुटे नीति निर्माता और टेक दिग्गज

Mohali: Governance Summit 2026: Deliberations on Inclusive AI for a ‘Developed India’; Policymakers and Tech Giants Gather at ISB Mohali

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डॉ दीपक शर्मा


मोहाली: गवर्नेंस समिट 2026: ‘विकसित भारत’ के लिए समावेशी AI पर मंथन, ISB मोहाली में जुटे नीति निर्माता और टेक दिग्गज, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईटीआई) के सहयोग से 23 मई 2026 को “Governance Summit 2026: Inclusive Artificial Intelligence for Viksit Bharat” गवर्नेंस समिट 2026: विकसित भारत के लिए समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सम्‍मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन का आयोजन ISB मोहाली परिसर में हुआ, जिसमें सरकार, उद्योग, शिक्षा और नीति निर्माण से जुड़े शीर्ष विशेषज्ञ शामिल हुए। यह समिट ऐसे समय में आयोजित हुई जब भारत डिजिटल गवर्नेंस, AI-आधारित सेवाओं और समावेशी तकनीकी विकास के जरिए “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

सम्मेलन का उद्घाटन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन  ने किया। उन्होंने कहा कि भारत AI को केवल तकनीक नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के माध्यम के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि “कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारत को उत्पादकता बढ़ाने, शासन में सुधार करने और स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन तथा विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाने का अवसर देती है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI के कारण रोजगार को लेकर चिंताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन भारत इसे “Inclusive Growth Engine” के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
दिनभर चले इस सम्मेलन में AI के विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा की गई। डिजिटल कॉमर्स में AI की भूमिका, महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और affordability, रोजगार सृजन और डिजिटल उद्यमिता और ग्राम पंचायत स्तर तक AI आधारित गवर्नेंस तथा AI Ethics और Data Governance व AI और Future Workforce बताया। प्रोफेसर अश्विनी छत्रे ने बताया “राष्ट्रीय मिशन” AI को केवल तकनीकी प्रयोग नहीं बल्कि “दीर्घकालिक राष्ट्रीय मिशन” के रूप में देखना होगा। उन्होंने कहा कि “AI आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को आकार देगा। इसलिए इसकी पहुंच समान और सुरक्षित होनी चाहिए।” उन्होंने सामाजिक सुरक्षा, नीति ढांचे और समान अवसरों पर आधारित AI इकोसिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया।
सम्मेलन में कई प्रमुख संस्थानों और कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें Reliance Retail, Mastercard, Apollo Hospitals, IIT Madras और UNICEF India तथा Punjab Police जैसी संस्थानों ने AI आधारित गवर्नेंस, हेल्थकेयर, सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं पर अपने अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI सरकारी सेवाओं को तेज और पारदर्शी बनाएगा, ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाएगा और हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर में लागत कम करेगा तथा छोटे व्यापार और स्टार्टअप को नई ताकत देगा व महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसर बनाएगा।
भारत में AI अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि “विकसित भारत 2047” का सबसे बड़ा मिशन बनता जा रहा है।
ISB मोहाली में आयोजित Governance Summit 2026 में सरकार, उद्योग और शिक्षाविदों ने Inclusive AI पर बड़ा रोडमैप तैयार किया।

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Ib News
Author: Ib News

1 thought on “मोहाली: गवर्नेंस समिट 2026: ‘विकसित भारत’ के लिए समावेशी AI पर मंथन, ISB मोहाली में जुटे नीति निर्माता और टेक दिग्गज”

  1. Agar bhabisya mei achhai ke liye AI ka proper inclusive use hota hai tow aur isse better governance aur transparency kayam hota hai tow thik baat hai.

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