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नई दिल्ली: NHRC Human Rights Short Film Competition 2025: ‘रानी’ को प्रथम पुरस्कार, 7 फिल्मकारों को सम्मान

NHRC ने मानवाधिकार लघु फिल्म प्रतियोगिता 2025 के विजेताओं को किया सम्मानित।

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नई दिल्ली: NHRC Human Rights Short Film Competition 2025: ‘रानी’ को प्रथम पुरस्कार, 7 फिल्मकारों को सम्मान. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने आज नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में मानवाधिकार लघु फिल्म प्रतियोगिता 2025 के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए एक भव्य पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर मानवाधिकार विषयों पर आधारित सात उत्कृष्ट फिल्मों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

समारोह को संबोधित करते हुए एनएचआरसी, भारत के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन ने विजेताओं को बधाई देते हुए फिल्म निर्माण के प्रति उनके जुनून और सामाजिक संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑडियो-विज़ुअल कंटेंट एक अत्यंत प्रभावशाली माध्यम है, जो सीधे लोगों के अवचेतन मन को प्रभावित करता है और समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखता है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता में देशभर से 24 भारतीय भाषाओं में प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जो आयोग के राष्ट्रीय स्वरूप और विविधता को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2015 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता अब एक महत्वपूर्ण मंच बन चुकी है और हर वर्ष प्रतिभागियों की संख्या में वृद्धि मानवाधिकार मुद्दों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।

एनएचआरसी के सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन सारंगी ने कहा कि सभी सात विजेता फिल्मों ने अलग-अलग सामाजिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है और मानवाधिकारों के संरक्षण में सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया है। उन्होंने विशेष रूप से डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द डस्क ऑफ लाइफ’ और लघु फिल्म ‘रानी’ की सराहना की, जिनमें हाशिए पर रह रहे लोगों के जीवन को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है।

एनएचआरसी की सदस्य श्रीमती विजया भारती सयानी ने फिल्म निर्माण को एडवोकेसी का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि फिल्में सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देती हैं और लोगों को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि युवा फिल्मकार मानवाधिकार जागरूकता के पथप्रदर्शक बन सकते हैं।

इससे पहले, एनएचआरसी के महासचिव भरत लाल ने प्रतियोगिता का विवरण देते हुए बताया कि वर्ष 2024 में जहां 303 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 526 हो गई। इनमें से 438 प्रविष्टियां तीन-चरणीय कठोर चयन प्रक्रिया के बाद निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के लिए चुनी गईं। उन्होंने इसे मानवाधिकार जागरूकता के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
संयुक्त सचिव श्रीमती सैदिंगपुई छकछुआक ने विजेताओं की घोषणा की:
🥇 प्रथम पुरस्कार

फिल्म: रानी
निर्देशक: सुश्री सारिका जैन
भाषा: हिंदी (अंग्रेजी सबटाइटल)
पुरस्कार राशि: ₹2 लाख
विषय: वर्ग-विभाजन और घरेलू कामगार महिलाओं का संघर्ष

🥈 द्वितीय पुरस्कार

फिल्म: Meanwhile She..
निर्देशक: अमल एस.
भाषा: मलयालम
पुरस्कार राशि: ₹1.5 लाख
विषय: लैंगिक असमानता और घरेलू हिंसा

🥉 तृतीय पुरस्कार

फिल्म: The Delivery
निर्देशक: साई शशांक ताती (तमिलनाडु)
भाषा: तमिल
पुरस्कार राशि: ₹1 लाख
विषय: गिग वर्कर्स की चुनौतियां

विशेष उल्लेख पुरस्कार (₹50,000 प्रत्येक)
  • मालती — फाल्गुनी भक्त
  • सेकंड चांस — रवि कर्णवाल
  • डस्क ऑफ लाइफ — दामोदर डी. पवार
  • भाग्यश्री — मनोज अप्पासो जानवेकर

इन फिल्मों में आदिवासी शिक्षा, जेल सुधार, बुजुर्गों की समस्याएं और ग्रामीण भारत में विधवाओं के अधिकार जैसे विषयों को उठाया गया।

समारोह के दौरान पुरस्कार विजेता फिल्मकारों ने अपनी रचनात्मक प्रक्रिया भी साझा की। एनएचआरसी ने बताया कि सभी पुरस्कृत फिल्मों को आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि सरकारी संस्थान, शैक्षणिक संस्थान और नागरिक समाज संगठन मानवाधिकार जागरूकता के लिए इनका उपयोग कर सकें।

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Ib News
Author: Ib News

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