11 साल में बदला भारत का डिजिटल चेहरा! दुनिया का सबसे सस्ता डेटा, सबसे बड़ा UPI नेटवर्क और अब AI व सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनने की ओर भारत।
अरुण कुमार
नई दिल्ली:डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष: एआई, सेमीकंडक्टर और डिजिटल नवाचार के दम पर ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ता भारत, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘डिजिटल इंडिया’ ने अपने 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 1 जुलाई 2015 को शुरू हुई इस क्रांतिकारी पहल ने भारत को एक डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
आज हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ी ग्राम पंचायतों, यूपीआई आधारित त्वरित भुगतान, डिजिटल शिक्षा, एआई नवाचार, सेमीकंडक्टर निर्माण और स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में डिजिटल इंडिया का प्रभाव देश के हर नागरिक के जीवन में दिखाई दे रहा है। पिछले 11 वर्षों में भारत में इंटरनेट कनेक्शन लगभग चार गुना बढ़े हैं। मोबाइल डेटा की कीमत 269 रुपये प्रति जीबी से घटकर मात्र 8 से 10 रुपये प्रति जीबी रह गई है, जिससे भारत दुनिया के सबसे किफायती डिजिटल बाजारों में शामिल हो गया है। मार्च 2026 तक देश में ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या 106.58 करोड़ पहुंच चुकी है। भारतनेट परियोजना के तहत 2.18 लाख ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा गया है।
10,372 करोड़ रुपये के बजट वाले इंडियाएआई मिशन ने पिछले वर्ष उल्लेखनीय प्रगति की है। 45,000 से अधिक GPU क्षमता वाला साझा एआई कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म, 15 बड़े एवं छोटे भाषा मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, एआई कोश प्लेटफॉर्म पर 12,519 डेटासेट, 307 मॉडल और 20 टूलकिट उपलब्ध, 12 क्षेत्रों में 20 एआई समाधान लागू, टियर-2 और टियर-3 शहरों में 27 डेटा एवं एआई लैब स्थापित, 684 छात्रों को एआई फैलोशिप और YUVA AI कार्यक्रम के तहत 84 लाख शिक्षार्थियों को प्रशिक्षण व 18 उत्कृष्टता केंद्र और 20 स्टार्टअप्स को समर्थन मिलता है।

फरवरी 2026 में आयोजित भारत एआई इम्पैक्ट समिट में 100 से अधिक देशों और 20 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया।15 लाख प्रतिभागियों की भागीदारी, 92 देशों ने भारत एआई घोषणापत्र का समर्थन किया और 200 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए तथा भारत को भरोसेमंद और विकास-केंद्रित एआई नेतृत्वकर्ता के रूप में वैश्विक मान्यता मिली। भारत अब सेमीकंडक्टर निर्माण में निर्णायक कदम उठा चुका है। अब तक 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12 परियोजनाओं को मंजूरी, एक सेमीकंडक्टर फैब यूनिट, दो कंपाउंड सेमीकंडक्टर इकाइयां, नौ पैकेजिंग इकाइयां, 24 डिजाइन प्रोत्साहन परियोजनाएं औऱ 105 कंपनियों को चिप डिजाइन टूल्स उपलब्ध है तथा 23 सफल डिजाइन टेपआउट से केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 ने इस दिशा को और मजबूती दी है।
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग अब 13 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है और यह देश का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन गया है। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश बना और 5G उपकरण, एआई डेटा सेंटर कंपोनेंट्स और हाई-एंड नेटवर्किंग उपकरणों का उत्पादन बढ़ा जिससे कि लाखों नए रोजगार सृजित हुए।
अप्रैल 2026 में यूपीआई ने अपने दस वर्ष पूरे किए। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए, भारत के 81% डिजिटल भुगतान यूपीआई के माध्यम से हुए और विश्व के 49% रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन भारत में हुए व 23 देशों ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल को अपनाया।
भारत का 5जी नेटवर्क अब 99.9% जिलों तक पहुंच चुका है और 4.74 लाख 5जी टावर स्थापित किए गए हैं इतना ही नही पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए गुवाहाटी में राष्ट्रीय डेटा केंद्र शुरू किया गया है।
भारत ने डिजिटल शासन ढांचे को भी मजबूत किया है जैसे कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियमों का मसौदा, डेटा संरक्षण बोर्ड की स्थापना की दिशा में प्रगति और ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम लागू तथा ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया का गठन।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 55,200 नए स्टार्टअप्स को मान्यता मिली, कुल 2,23,000 से अधिक स्टार्टअप्स पंजीकृत हुए जिससे कि 23.36 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए व 48% स्टार्टअप्स में महिला नेतृत्व मौजूद है।
डिजिटल इंडिया अब केवल डिजिटल सेवाओं का कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत के तकनीकी भविष्य की आधारशिला बन चुका है। वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की रैंक 2015 के 81वें स्थान से सुधरकर 2025 में 38वें स्थान पर पहुंच गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डिजिटल भुगतान, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और स्टार्टअप नवाचार के माध्यम से भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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1 thought on “नई दिल्ली:डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष: एआई, सेमीकंडक्टर और डिजिटल नवाचार के दम पर ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ता भारत”
Bahut achha.