भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA)
2007 में शुरू हुई ये डील 27 जनवरी 2026 को 16वें भारत-EU समिट में हुई घोषित
EU भारत से आने वाले 99% से अधिक निर्यात पर शुल्क हटा देगा या बहुत कम करेगा
भारत में EU की सालाना 2.5 लाख लग्जरी कार (वाहन) का कोटा
शुल्क 110% से घटाकर 10% हो जाएगा
EU के वाइन, बीयर, चॉकलेट, पास्ता, जैतून तेल पर भारत में शुल्क होंगे कम

समझौते की घोषणा हो चुकी है,लेकिन 2026 के अंत तक या 2027 की शुरुआत तक हो सकता है लागू ।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) हुआ है। यह समझौता 27 जनवरी 2026 को 16वें भारत-EU समिट के दौरान घोषित किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” (सभी समझौतों की जननी) कहा।

- यह समझौता लगभग 20 साल की लंबी और रुक-रुक कर चलने वाली बातचीत के बाद पूरा हुआ (वार्ता 2007 में शुरू हुई थी, 2013 में रुकी, 2022 में फिर शुरू हुई)।
- यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण व्यापार समझौता है, जो दुनिया की लगभग 25% जीडीपी और 2 अरब लोगों के बाजार को कवर करता है।
- दोनों पक्षों ने टैरिफ (शुल्क) को काफी हद तक कम या खत्म करने पर सहमति जताई है:
- EU भारत से आने वाले 99% से अधिक निर्यात (मूल्य के हिसाब से) पर शुल्क हटा देगा या बहुत कम करेगा (99.5% तक कवरेज, ज्यादातर तुरंत शून्य)।
- भारत EU से आने वाले 93% आयात (मूल्य के हिसाब से) पर शुल्क हटाएगा या कम करेगा (कुछ क्षेत्रों में 3-10 साल में)।
- संवेदनशील क्षेत्र जैसे डेयरी, अनाज, कुछ कृषि उत्पाद को समझौते से बाहर रखा गया है ताकि घरेलू किसानों को सुरक्षा मिले।
- ऑटोमोबाइल सेक्टर में विशेष व्यवस्था: भारत ने EU की लग्जरी कारों के लिए सालाना 2.5 लाख वाहनों का कोटा रखा है, जहां शुल्क 110% से घटाकर 10% हो जाएगा।
- EU के वाइन, बीयर, चॉकलेट, पास्ता, जैतून तेल आदि पर भारत में शुल्क कम होंगे।
- भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों (टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, टॉयज, स्पोर्ट्स गुड्स, मरीन प्रोडक्ट्स आदि) को बड़ा फायदा होगा, क्योंकि EU में ये अब जीरो ड्यूटी पर जा सकेंगे।

इसके लागू होने से लगभग सभी को फायदा पहुंचेगा
- भारत के निर्यात को यूरोप में आसानी से पहुंच मिलेगी, खासकर छोटे व्यवसायों, किसानों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को।
- EU को भारत के विशाल बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, और उनका निर्यात 2032 तक दोगुना होने का अनुमान है।
- यह समझौता अमेरिका के ट्रंप टैरिफ के दौर में भारत के लिए एक वैकल्पिक बाजार खोलता है।
- कुल मिलाकर, दोनों पक्षों का द्विपक्षीय व्यापार (2024 में ~136 बिलियन USD) काफी बढ़ सकता है। फिलहाल समझौते की घोषणा तो हो चुकी है, लेकिन औपचारिक साइनिंग कानूनी जांच (legal vetting)पूरी होने के बाद होगी जिसमे 5-6 महीने लग सकते हैं। इसके लागू होने में अभी और समय लगेगा ये 2026 के अंत तक या 2027 की शुरुआत मे हो सकता है। यह डील भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति में अब तक का सबसे बड़ा कदम है, जो अब कई देशों (UK, UAE, Australia आदि) के साथ FTA के जरिए मजबूत हो रही है साथ ही अमेरिका के ट्रंप टैरिफ का भी ये मुहं तोड़ जवाब है

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