भारतीय वायु सेना को मिला नया नेतृत्व!
अरुण कुमार
नई दिल्ली:एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायु सेना के नए उप प्रमुख: 3,500 घंटे की उड़ान, ऑपरेशन सफेद सागर से ऑपरेशन सिंदूर तक का शानदार सफर, भारतीय वायु सेना को नया नेतृत्व मिला है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम ने 1 जुलाई 2026 को भारतीय वायु सेना (IAF) के उप प्रमुख (Vice Chief of Air Staff) का पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर से यह जिम्मेदारी संभाली, जो 30 जून 2026 को लगभग चार दशकों की उत्कृष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का सैन्य जीवन साहस, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की मिसाल रहा है। लगभग 40 वर्षों की सेवा में उन्होंने भारत के कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और संयुक्त रक्षा रणनीतियों में निर्णायक भूमिका निभाई है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज, बांग्लादेश से प्रशिक्षित हैं और नेशनल डिफेंस कॉलेज के भी पूर्व छात्र रहे हैं तथा एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं उन्होंने अपने करियर में 3,500 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव अर्जित किया है।
एयर मार्शल दीक्षित ने भारतीय वायु सेना के कई महत्वपूर्ण विमानों का संचालन किया है, जिनमें मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण-जगुआर,तेजस,हॉक,एएन-32,आईएल-78,एवरो, किरण और एचपीटी-32 शामिल हैं। उनकी तकनीकी दक्षता और उड़ान कौशल उन्हें भारतीय वायु सेना के सबसे अनुभवी अधिकारियों में शामिल करती है।
अपने चार दशकों के शानदार करियर में एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों का हिस्सा रहे हैं, जिनमें प्रमुख सैन्य अभियान- ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, और कोप-इंडिया अभ्यास व ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं। इन अभियानों के दौरान उन्होंने सामरिक नेतृत्व और युद्धक क्षमताओं का प्रभावी प्रदर्शन किया।
एयर मार्शल दीक्षित ने अनेक महत्वपूर्ण फील्ड और स्टाफ नियुक्तियों पर कार्य किया है जैसे कि मिराज-2000 से लैस नंबर-9 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, पश्चिमी क्षेत्र के फ्रंटलाइन फाइटर एयर बेस के कमांडर, दक्षिणी क्षेत्र के प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस के कमांडर, एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल में डायरेक्टिंग स्टाफ, प्रिंसिपल डायरेक्टर, एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट, एयर डिफेंस कमांडर, सदर्न एयर कमांड, असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) और असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्लान्स) व सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, साउथ वेस्टर्न एयर कमांड तथा डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ।
उप प्रमुख बनने से पहले एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड और बाद में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी (CISC) के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता को बढ़ावा दिया और अनेक संयुक्त सैन्य सिद्धांत और दिशा-निर्देश जारी किए तथा रक्षा बलों की समन्वित क्षमता को मजबूत करने के लिए रणनीतिक योजनाएं तैयार कीं।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई सम्मान प्राप्त हुए हैं जिसमे वायु सेना पदक (2006), विशिष्ट सेवा पदक – VSM (2011), अति विशिष्ट सेवा पदक – AVSM (2023), और परम विशिष्ट सेवा पदक – PVSM (2026)
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के नेतृत्व में भारतीय वायु सेना संयुक्त युद्ध क्षमता, स्वदेशी तकनीक, आधुनिक लड़ाकू प्रणालियों और अंतर-सेवा समन्वय के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती है। उनका अनुभव भारत की भविष्य की रक्षा रणनीति को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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