नई दिल्ली
Khadi Diwali Utsav 2026: कनॉट प्लेस में स्वदेशी उत्पादों की धूम, खादी पर 20% और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10% छूट,धानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर में स्वदेशी’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एनडीएमसी पालिका पार्क में ‘खादी दिवाली उत्सव-2026’ का आयोजन किया। रीगल सिनेमा के सामने आयोजित इस उत्सव में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विशेष बातचीत और दिवाली मिलन समारोह भी हुआ। कार्यक्रम में KVIC के अध्यक्ष मनोज गोयल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
‘खादी-वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को खादी और स्वदेशी उत्पाद अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा देश के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहन देना है। खास तौर पर युवाओं और जेन-जी को स्वदेशी आंदोलन से जोड़ने पर जोर दिया गया।

खादी केवल कपड़ा नहीं, आत्मनिर्भरता का प्रतीक: मनोज गोयल
KVIC अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी को केवल कपड़े के रूप में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में देखा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी और स्वदेशी आंदोलन को नई गति मिली है और इसमें आम लोगों की भागीदारी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ का संदेश केवल स्वदेशी वस्तुओं की खरीद तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य भारतीय उत्पादों के प्रति गर्व की भावना विकसित करना, स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करना और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

त्योहारों में स्वदेशी खरीद से लाखों परिवारों को मिलेगा लाभ
गोयल ने कहा कि त्योहारी सीजन भारतीय अर्थव्यवस्था, स्थानीय बाजारों और कारीगरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक परिवार त्योहारों के दौरान खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों को प्राथमिकता देता है, तो इसका सीधा लाभ देशभर के लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और उनके परिवारों को मिलेगा। उन्होंने स्वदेशी उत्पाद खरीदने को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने में आम नागरिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी बताया।

जेन-जी को खादी से जोड़ने की तैयारी
KVIC अध्यक्ष ने युवाओं से खादी और स्वदेशी आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजाइन, फैशन, आकर्षक ब्रांडिंग और नई तकनीक के जरिए खादी उत्पादों को युवाओं की जीवनशैली के अनुरूप बनाया जा सकता है।
उनके मुताबिक युवा केवल स्वदेशी उत्पादों के उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि डिजाइनर, डिजिटल प्रमोटर, ब्रांड एंबेसडर और उद्यमी बनकर भी इस अभियान को आगे बढ़ा सकते हैं। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग और स्टार्टअप के माध्यम से खादी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है।
‘बात खादी की’ पॉडकास्ट से युवाओं तक पहुंचेगी खादी की कहानी
मनोज गोयल ने बताया कि ‘विकसित भारत @2047’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए KVIC ने ‘बात खादी की’ नाम से पॉडकास्ट शुरू किया है। इसमें खादी की विरासत, आधुनिक फैशन, नवाचार और युवा उद्यमिता जैसे विषयों के जरिए जेन-जी को खादी आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ खादी-ग्रामोद्योग का कारोबार
मीडिया से बातचीत में गोयल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस क्षेत्र ने 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के टर्नओवर का लक्ष्य हासिल करेगा।
खादी उत्पादों पर 20% और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10% छूट
31 अक्टूबर से शुरू हुए ‘खादी दिवाली उत्सव-2026’ में खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। इस उत्सव के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि वे इस दिवाली स्वदेशी उत्पाद खरीदकर देश के कारीगरों और ग्रामीण परिवारों की खुशियों में योगदान दें। संदेश साफ है—इस दिवाली घरों में दीप जलाने के साथ स्थानीय हुनर और रोजगार को भी रोशन करें।
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