नई दिल्ली
Farmer ID: 11 करोड़ किसानों की डिजिटल पहचान, लक्ष्य 5 महीने पहले पूरा, भारत के कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार ने 11 करोड़ किसान विशिष्ट डिजिटल पहचान यानी फार्मर आईडी (Farmer ID) तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित समय से पांच महीने पहले हासिल करने की घोषणा की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 की रात तक यह लक्ष्य पूरा कर लिया गया। सरकार ने इसके लिए 31 मार्च 2027 की समयसीमा निर्धारित की थी।
यह पहल केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य किसानों की डिजिटल पहचान को कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं से जोड़ना, लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को सरल बनाना तथा प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाना है।

11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य समय से पहले पूरा
शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-समृद्ध किसान’ के विजन से जोड़ते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किसानों की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों, जिला स्तरीय टीमों और मैदानी कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से 11 करोड़ फार्मर आईडी तैयार करने का लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ। सरकार का कहना है कि किसान रजिस्ट्री को मजबूत करने से योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
बैंक ऋण, फसल बीमा और सरकारी योजनाओं में मिल सकती है सुविधा
फार्मर आईडी का उद्देश्य किसानों की पहचान और उनसे संबंधित सत्यापित जानकारी को कृषि सेवाओं से जोड़ना है। इससे विभिन्न योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने और सत्यापन की जरूरत कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार के मुताबिक, डिजिटल किसान पहचान से निम्न क्षेत्रों में सुविधा बढ़ाने का लक्ष्य है:
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और बैंक ऋण: आवेदन तथा सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: बीमा संबंधी प्रक्रियाओं और पात्रता के सत्यापन को अधिक व्यवस्थित बनाने की संभावना।
- आपदा राहत: पात्र किसानों की पहचान कर सहायता वितरण की प्रक्रिया बेहतर बनाने में मदद।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद: किसान संबंधी रिकॉर्ड के सत्यापन और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास।
हालांकि, फार्मर आईडी बन जाने मात्र से हर योजना का लाभ स्वतः मिलना सुनिश्चित नहीं होता। संबंधित योजना की पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया लागू रहेगी।
6 करोड़ से अधिक किसानों तक लाभ पहुंचने का दावा
मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत विकसित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से फार्मर आईडी आधारित सेवा वितरण प्रणाली से अब तक छह करोड़ से अधिक किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा चुका है।
सरकार का कहना है कि सत्यापित किसान डेटाबेस से फर्जी दावों की पहचान, दोहराए गए सत्यापन में कमी और विभागों के बीच समन्वय बेहतर करने में मदद मिल सकती है। इससे योजनाओं की निगरानी और कृषि नीतियों के निर्माण के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने की भी संभावना है।
डिजिटल कृषि मिशन और राज्यों की भूमिका
डिजिटल कृषि मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर 2024 को मंजूरी दी थी। इसके तहत किसान रजिस्ट्री सहित डिजिटल कृषि ढांचे को विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों को दिया। मंत्रालय के अनुसार, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बटाईदार किसानों तथा वास्तविक जोतदारों को भी लागू नियमों के अनुसार डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पात्र किसान योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।
तकनीक से कृषि सेवाओं को आसान बनाने की कोशिश
सरकार का लक्ष्य किसान रजिस्ट्री के माध्यम से कृषि सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुगम बनाना है। 11 करोड़ फार्मर आईडी तैयार करने की उपलब्धि इसी डिजिटल पहल का महत्वपूर्ण पड़ाव बताई गई है।
आने वाले समय में इस व्यवस्था की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि किसानों का डेटा कितना सटीक और सुरक्षित रहता है तथा डिजिटल पहचान को योजनाओं से जोड़ने पर वास्तविक लाभ कितनी आसानी और समय पर किसानों तक पहुंचता है।
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