नई दिल्ली
ECI vs Rahul Gandhi: 240 सांसदों से बैठक क्यों नहीं हुई? निर्वाचन आयोग ने बताया पूरा मामला, राजनीतिक दलों के निर्वाचन आयोग की ओर मार्च और इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों के प्रतिनिधिमंडल की आयोग से मुलाकात को लेकर निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग से बैठक के लिए समय नहीं मांगा था।
आयोग के अनुसार, शाम करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस से सूचना मिली कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग से मिलना और ज्ञापन सौंपना चाहता है। बाद में दिल्ली पुलिस के DCP की ओर से आयोग को बताया गया कि प्रस्तावित बैठक 240 सांसदों के समूह के साथ संसद भवन एनेक्सी में होनी थी। निर्वाचन आयोग ने संसद एनेक्सी में बैठक के प्रस्ताव को अपने निर्धारित प्रोटोकॉल के लिहाज से असामान्य बताया और कहा कि ऐसे प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक सामान्यतः निर्वाचन आयोग के परिसर में होती है।

शाम 4 बजे तक नहीं मिला था औपचारिक बैठक अनुरोध
निर्वाचन आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि दिन में कुछ राजनीतिक दलों के आयोग की ओर मार्च के दौरान मीडिया के जरिए यह जानकारी सामने आई कि कुछ सांसद अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलना चाहते हैं। हालांकि आयोग के मुताबिक, 6 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने अपने प्रतिनिधि के माध्यम से बैठक के लिए औपचारिक समय नहीं मांगा था। आयोग ने कहा कि इसके बाद करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस से उसे राहुल गांधी के नेतृत्व वाले सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के आयोग से मिलने और ज्ञापन सौंपने की जानकारी मिली।
राजनीतिक दलों से बैठक के लिए 2025 में तय हुआ था प्रोटोकॉल
निर्वाचन आयोग ने बताया कि उसने वर्ष 2025 में राजनीतिक दलों के साथ बैठकों के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया तय की थी और इसकी जानकारी सभी राजनीतिक दलों को दी गई थी। इस प्रक्रिया के तहत जब किसी राजनीतिक दल या कई दलों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग से मिलना चाहता है तो उसे अपने विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि (Authorised Representative) के माध्यम से आयोग से समय मांगना होता है। इसके बाद आयोग और संबंधित राजनीतिक दल या दलों के प्रतिनिधियों के बीच आपसी सहमति से बैठक की तारीख और समय तय किया जाता है।
240 सांसदों की बैठक संसद एनेक्सी में कराने का प्रस्ताव
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, जब वह शाम 4 बजे के बाद सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के प्रस्ताव पर विचार कर रहा था, तब दिल्ली पुलिस के DCP ने आयोग को बताया कि बैठक करीब 240 सांसदों के समूह के साथ होनी थी। आयोग को यह भी बताया गया कि बैठक का प्रस्तावित स्थान संसद भवन एनेक्सी था।
ECI ने कहा कि उसके निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार राजनीतिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ ऐसी बैठकें निर्वाचन आयोग के परिसर में आयोजित की जाती हैं। इसलिए संसद भवन एनेक्सी में 240 सांसदों के साथ बैठक का अनुरोध आयोग को असामान्य लगा और इसे स्वीकार नहीं किया गया।

ECI ने ज्ञापन लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारी भेजने की पेशकश की
निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए एक वैकल्पिक प्रस्ताव भी दिया था। आयोग के अनुसार, वह अपने सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी को बैठक स्थल पर भेजकर सांसदों से ज्ञापन प्राप्त कर सकता था। ECI ने इसे स्वयं एक अभूतपूर्व कदम बताया। हालांकि आयोग के मुताबिक, सांसदों ने इस प्रस्ताव को भी स्वीकार नहीं किया।
निर्वाचन आयोग ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल को आयोग से मिलने का अनुरोध करने से रोका नहीं गया है। आयोग के अनुसार, कोई भी राजनीतिक दल किसी भी समय निर्वाचन आयोग से बैठक का अनुरोध कर सकता है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुरोध मिलने के बाद आयोग अपनी सुविधा और उपलब्ध समय को देखते हुए बैठक की तारीख और समय तय कर सकता है। आयोग ने इसे एक सामान्य और स्वाभाविक प्रक्रिया बताया।
निर्वाचन आयोग ने अपने पहले के आधिकारिक रिकॉर्ड में बताया था कि 2025 में राजनीतिक दलों के साथ संरचित संवाद की प्रक्रिया शुरू की गई थी। PIB के अनुसार, मार्च 2025 के बाद लगभग छह महीनों में 4,719 संरचित सर्वदलीय बैठकें हुई थीं। इनमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) की 40, जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) की 800 और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) की 3,879 बैठकें शामिल थीं। इन बैठकों में 28,000 से अधिक राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इसके अतिरिक्त आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दलों के प्रमुखों तथा अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ भी बैठकें की थीं। 2025 में आयोग ने BSP, BJP, CPI(M), NPP, AAP सहित विभिन्न राष्ट्रीय दलों और TMC, YSRCP, समाजवादी पार्टी, AIMIM, TDP, DMK, शिवसेना, JD(U), BRS, BJD सहित कई राज्य दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की थीं।
आयोग ने संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सम्मान की बात कही
अपने स्पष्टीकरण के अंत में निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करता है। आयोग ने साथ ही कहा कि वह अपने स्वयं के निर्धारित प्रोटोकॉल और परंपराओं का भी सम्मान करता है, क्योंकि संस्थागत प्रक्रियाओं का महत्व है। ECI के मुताबिक, राजनीतिक दल जब भी आयोग से मिलना चाहें, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैठक का अनुरोध कर सकते हैं और आयोग आपसी सुविधा के अनुसार बैठक की तारीख एवं समय तय कर सकता है।
विवाद के बीच ECI का संदेश क्या है?
निर्वाचन आयोग के इस स्पष्टीकरण से साफ है कि आयोग ने मंगलवार की घटना को मुख्य रूप से बैठक की प्रक्रिया, औपचारिक अनुरोध और प्रस्तावित स्थान के संदर्भ में देखा। आयोग का कहना है कि उसे शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से औपचारिक बैठक अनुरोध नहीं मिला था। इसके बाद उसे दिल्ली पुलिस के माध्यम से राहुल गांधी के नेतृत्व वाले सांसदों के प्रतिनिधिमंडल की जानकारी मिली और प्रस्तावित बैठक स्थल संसद भवन एनेक्सी बताया गया। दूसरी ओर, विपक्षी सांसदों की ओर से आयोग से मिलने और ज्ञापन सौंपने की कोशिश को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है। ऐसे में आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया और निर्वाचन आयोग के साथ विपक्षी दलों के संवाद पर नजर रहेगी।
निर्वाचन आयोग ने अपने बयान के जरिए यह संदेश दिया है कि राजनीतिक दलों से संवाद के लिए उसके दरवाजे खुले हैं, लेकिन बैठक निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल के अनुसार होगी। आयोग के अनुसार, कोई भी राजनीतिक दल अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से बैठक का अनुरोध कर सकता है और आयोग समय की उपलब्धता के अनुसार बैठक निर्धारित करेगा।
#ElectionCommission #ECI #RahulGandhi #240MPs #ElectionCommissionIndia #ECINews #RahulGandhiNews #IndianPolitics #PoliticalNews #LokSabha #Opposition #ElectionNews #DelhiNews #Parliament #Democracy #IndianDemocracy #LatestNews #BreakingNews #IBNews








