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BRICS Parliamentary Forum 2026: AI, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन सुधार पर जोर

BRICS Parliamentary Forum 2026: Focus on AI, Terrorism, Climate Change, and Global Governance Reform

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रिपोर्ट: IB News

नई दिल्ली

BRICS Parliamentary Forum 2026: AI, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन सुधार पर जोर, भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच (BRICS Parliamentary Forum) में सदस्य देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने संयुक्त घोषणा स्वीकार की। 26 और 27 अक्टूबर को आयोजित इस मंच का विषय “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सुदृढ़ बनाना” रहा। घोषणा में सतत विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल अवसंरचना, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

जन-केंद्रित विकास और मजबूत संसदों पर जोर

घोषणा में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के संसदीय प्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने तथा अंतर-संसदीय सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रतिनिधियों ने कहा कि संसदें कानून निर्माण, बजट की निगरानी, जनहित के मुद्दों पर चर्चा और सरकारों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। घोषणा में पारस्परिक सम्मान, संप्रभु समानता, संवाद और अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांतों पर भी जोर दिया गया।

AI और डिजिटल तकनीक का जिम्मेदार इस्तेमाल

संयुक्त घोषणा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को स्वीकार किया गया। इसमें संसदों के शोध, विधायी कार्य, नागरिकों से संवाद और जन-प्रतिक्रिया प्राप्त करने में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई। साथ ही AI के सुरक्षित, पारदर्शी, समावेशी और जिम्मेदार उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा तथा तकनीकी विकास में मानव निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया गया। ब्रिक्स देशों के बीच डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और सफल तकनीकी प्रयोगों के अनुभव साझा करने का भी समर्थन किया गया।

सतत विकास और जलवायु परिवर्तन पर साझा प्रयास

घोषणा में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास एजेंडा 2030 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। गरीबी उन्मूलन को प्रमुख वैश्विक चुनौती बताते हुए समावेशी विकास और विकासशील देशों की जरूरतों पर ध्यान देने की बात कही गई। जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदानों को लागू करने, अनुकूलन और उत्सर्जन में कमी के प्रयास तेज करने तथा विकासशील देशों को जलवायु वित्त, तकनीक हस्तांतरण और क्षमता निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया गया।

संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार

ब्रिक्स संसदीय मंच की घोषणा में संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय संस्थाओं को अधिक प्रतिनिधिमूलक, प्रभावी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार का समर्थन किया गया, ताकि बदलती वैश्विक परिस्थितियों और विकासशील देशों की आकांक्षाओं को बेहतर प्रतिनिधित्व मिल सके।

घोषणा में अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी तरीके से उठाने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग मजबूत करने की बात कही गई।

आतंकवाद और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता

घोषणा में आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की गई और आतंकवाद के वित्तपोषण, सीमा पार आवाजाही तथा आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने वाले नेटवर्क के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसमें 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की भी निंदा की गई।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों और नागरिक अवसंरचना की रक्षा करने तथा संवाद और कूटनीति के जरिए स्थायी शांति की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया गया। इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष के समाधान के लिए दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन को भी दोहराया गया।

महिला सांसदों, युवाओं और संसदीय क्षमता निर्माण पर जोर

घोषणा में महिला सांसदों के बीच सहयोग, संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित किया गया। खेल के क्षेत्र में अंतर-संसदीय ब्रिक्स कार्य समूह गठित करने के रूस के प्रस्ताव पर विचार करने का भी उल्लेख किया गया। मंच की मेजबानी के लिए भारत की संसद और भारतीय जनता के प्रति आभार व्यक्त किया गयातथा घोषणा के अंतिम बिंदु में वर्ष 2027 में चीन की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत अगली बैठक की अपेक्षा जताई गई है।

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Author: Ib News

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