भारतीय जनता पार्टी में संगठन केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक संस्कार है। आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरा निर्वाचन एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा को मिला सम्मान है और सेवा का दृढ़ संकल्प है।

भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गरिमामय उपस्थिति में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में विधिवत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय रिटर्निंग अधिकारी के लक्ष्मण ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन के निर्वाचित होने की घोषणा की। उनके सम्मान में केंद्रीय कार्यालय में अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने माला पहनाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत किया। कार्यक्रम में मंच पर यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं पार्टी के राष्ट्रीय रिटर्निंग अधिकारी के लक्ष्मण उपस्थित थे। इस अभिनंदन कार्यक्रम में पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, भाजपा के मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, कई केंद्रीय मंत्री सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

नितिन नवीन ने कहा कि आज इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्वकर्ता, जिन्होंने देश ही नहीं, बल्कि विश्व को भी नेतृत्व प्रदान किया, उपस्थित हैं। जिन्होंने प्रधानसेवक के रूप में जिस प्रकार देश की सेवा की है, वह सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी हैं। ऐसे यशस्वी और विश्व के लोकप्रिय नेता, आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक आभार और धन्यवाद।

नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल के दौरान उन्होंने यह देखा कि भारतीय जनता पार्टी की सर्वव्यापी और सर्वस्पर्शी सोच को पूरी प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतारा गया। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ का जो मूल मंत्र दिया गया, आज देश का पूरा जनमानस स्वयं को उससे जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है। भाजपा के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जी के पिछले कार्यकाल में संगठन का अभूतपूर्व विस्तार हुआ और कार्यकर्ता आधारित राजनीति को सशक्त रूप से आगे बढ़ाया गया। कोरोना कालखंड में, जब लोग अपने-अपने घरों में सुरक्षित रहने को विवश थे, उस समय सेवा की परंपरा और सेवा की संस्कृति को जीवंत रखते हुए जिस प्रकार भाजपा कार्यकर्ताओं से आगे बढ़कर समाज की सेवा करने का आह्वान किया गया, वह अपने आप में अनुकरणीय था। पूरे संगठन ने एकजुट होकर इस आह्वान को स्वीकार किया और माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के निर्देशों को जिस प्रभावी ढंग से लागू किया गया, वह प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत बना। जब विपक्ष के लोग घरों में दुबके हुए थे, तब भाजपा कार्यकर्ता हर पल कोरोना पीड़ितों की सेवा में जुटे रहे। यह यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन का ही परिणाम था कि देश उस कठिन आपदा कालखंड से निकलकर आगे बढ़ सका।

भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मैंने वर्ष 2006 में पहली बार विधायक बनने के बाद से यह देखा है कि किस प्रकार माननीय पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह जी ने पार्टी के कार्यों को निरंतर प्रत्येक कार्यकर्ता से जोड़ने का प्रयास किया। नितिन गडकरी जी ने संगठन के हर मोर्चा और हर सेल को सशक्त रूप से गढ़ने का कार्य किया गया। जब मैंने केंद्रीय गृह मंत्रीअमित शाह जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में देखा, तो अमित शाह बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं की चिंता करते थे। कार्यालय प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए तीर्थ स्थान के समान है, जहां से वह अपनी ऊर्जा और शक्ति प्राप्त करता है। पूरे देश में ऐसे कार्यालयों के निर्माण की योजना बनाई गई, उसके कारण आज हर बूथ का कार्यकर्ता उस तीर्थ स्थान पर जाकर स्वयं को गौरवान्वित और धन्य अनुभव करता है।
नवीन ने कहा कि वे आज उन लाखों कार्यकर्ताओं को नमन करते हैं, जिन्होंने राष्ट्रवाद के विचार और भारत माता की मान-मर्यादा को बढ़ाने के लिए अपना जीवन पार्टी संगठन को समर्पित कर दिया। उन्हीं की तपस्या और त्याग का परिणाम है कि आज पार्टी इस ऊंचाई तक पहुंच पाई है। नवीन ने कहा कि वे उस भूमि से आते हैं, जहां महात्मा बुद्ध, गौतम महावीर, चाणक्य, सम्राट अशोक, आर्यभट्ट, गुरु गोविंद सिंह, जेपी, राजेंद्र बाबू और जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसी महान विभूतियां हुई हैं, उस पाटलिपुत्र की भूमि को नमन। इस अवसर पर मैं अपने माता-पिता को भी स्मरण करते हुए उन्हें नमन करता हूं, क्योंकि आज मेरे व्यक्तित्व में यदि किसी एक शख्सियत का प्रभाव है तो वह मेरे माता-पिता के संस्कार, पार्टी का विचार, उनके बड़ों का मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं का स्नेह है, जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया है।
भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सभी ने देखा है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का प्रखर राष्ट्रवाद किस प्रकार हर कार्यकर्ता के मन में गहराई से बसा हुआ है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के विचार और श्रद्धेय भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की सुशासन की राजनीति ने भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक दिशा को निरंतर मजबूती प्रदान की है। इन्हीं मूल्यों को आत्मसात करते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत की परिकल्पना देश के सामने रखी है, जिससे आज 140 करोड़ भारतवासी स्वयं को जोड़कर देश को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। नरेन्द्र मोदी का “सबका साथ, सबका विकास” का नारा साकार हो रहा है। लंबे समय से भाजपा और जनसंघ काल के कार्यकर्ता कुछ नारे गढ़ते रहे हैं, जैसे ‘राम लल्ला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’, ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वो कश्मीर हमारा है’ और ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेगा’। आज भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह कालखंड देखा है जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ, जम्मू-कश्मीर की जनता ने धारा 370 से मुक्ति का दौर देखा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचार और अधिक सशक्त होते जा रहे हैं। आज श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा लहराते हुए दिखाई देता है तो गर्व की अनुभूति होती है। मैंने वह दौर भी देखा है जब, वहां पाकिस्तान के झंडे लहराया करते थे और उस समय दिल्ली की सरकार मौन बैठी रहती थी। युवा मोर्चा के कालखंड में कार्य करने का अवसर मिलने के दौरान मैंने उस स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा था। जब यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धारा 370 की समाप्ति की, तो पूरे कश्मीर की फिजा बदल गई। आज कश्मीर का लाल चौक तिरंगे से लहराता हुआ नजर आता है और यह परिवर्तन देश में आया है।

नवीन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कोई सामान्य राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह एक विचार है जिसके साथ कार्यकर्ता जुड़कर काम करते हैं। यह वह विचार है, जिसमें राजनीतिक अभिव्यक्ति के साथ-साथ राष्ट्र प्रथम के नारे के साथ कार्य किया जाता है। ‘नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट और सेल्फ लास्ट’, आदरणीय माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसी नारे के साथ सभी को जोड़ा है और उनके नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को यह दिशा दी है कि राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए ही सभी कार्य आगे बढ़ाएं। कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्वकर्ता के संघर्ष और बलिदान से सीख लेने की आवश्यकता है, क्योंकि यह वह राजनीतिक परंपरा है जहां सत्ता साधना नहीं, त्याग है। राजनीतिक भोग नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व है। सभी कार्यकर्ता इस संकल्प के साथ अपने नेतृत्वकर्ता के परिश्रम और पुरुषार्थ से स्वयं को जोड़ें। यदि आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है, तो इसका मुख्य कारण प्रेरणादायी नेतृत्व, सशक्त विचारधारा और लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत है। यह वही कार्यकर्ता हैं जो बिना किसी प्रचार के अनवरत कार्य करते हैं, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारत का ध्वज झुकने नहीं देते और जो गर्व से कहते हैं कि ‘तेरा वैभव अमर रहे मां , हम दिन चार रहे न रहे’। आइए उस भारत की कल्पना के साथ स्वयं को जोड़ें, जिसके नेतृत्व में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। आज हम जिस मुकाम तक पहुंचे हैं, उसके पीछे नेताओं और कार्यकर्ताओं का परिश्रम है, लेकिन वर्तमान पीढ़ी को भी अपने हिस्से का त्याग, तपस्या और पुरुषार्थ करना होगा। यदि विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाना है और ऐसा भारत बनाना है जो समृद्ध भी हो, सशक्त भी हो, समरस भी हो और आत्मनिर्भर भी हो, तो इस कालखंड के कार्यकर्ताओं को भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरे पुरुषार्थ, त्याग और तपस्या के साथ करना पड़ेगा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत काल के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की भूमिका को स्पष्ट किया है, जिसमें युवा, महिला, किसान और गरीब शामिल हैं। अब इन्हीं नई पहचानों के साथ आगे बढ़ना होगा, तभी आधुनिक, प्रगतिशील और विकसित भारत की कल्पना को साकार किया जा सकेगा। 2047 का विकसित भारत बनाना है तो हमको भी अपनी पूरी मेहनत और परिश्रम के साथ उसमें जुड़ना होगा।









