वाराणसी से विशेष रिपोर्ट IB News Desk
वाराणसी: VB-G-RAM-G: वाराणसी में पहले पंच सम्मेलन में बड़ा ऐलान, विकसित गांव से विकसित भारत का रोडमैप तैयार, उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित देश के पहले पंच सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि “वीबी-जी-राम-जी (VB-G-RAM-G)” विकसित ग्राम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन में देशभर के ग्राम प्रधान, मुखिया और सरपंचों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड से लगभग 500 ग्राम प्रधान, मुखिया एवं सरपंच शामिल हुए।
VB-G-RAM-G (Viksit Bharat – Gram Rozgar Aur Management Governance) केंद्र सरकार की नई ग्रामीण विकास प्रणाली है, जिसे 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही बढ़ाना, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, समयबद्ध भुगतान, सामाजिक अंकेक्षण को मजबूत करना और ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार देना व स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन करना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि ग्राम प्रधान संकल्प लेकर कार्य करें तो वे अपने गांव की किस्मत बदल सकते हैं। उन्होंने प्रधानों से अपील की कि प्रत्येक पंचायत 5 वर्षीय विकास योजना तैयार करे, ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाए तथा विकास कार्य केवल वर्तमान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी हों।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था में मनरेगा के संचालन के दौरान सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर किया गया है।नई प्रणाली के तहत परियोजनाओं की मंजूरी तेज होगी, भुगतान में देरी कम होगी और डिजिटल मॉनिटरिंग होगी व विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी। VB-G-RAM-G के तहत ग्राम पंचायतों को निम्न सुविधाएं मिलेंगी..
ऑनलाइन मॉनिटरिंग-हर विकास कार्य की डिजिटल निगरानी होगी।
पारदर्शी स्वीकृति-योजनाओं की मंजूरी ऑनलाइन और समयबद्ध होगी।
समय पर भुगतान-मजदूरों एवं एजेंसियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।
सामाजिक अंकेक्षण-ग्रामीण स्वयं योजनाओं की निगरानी करेंगे।
स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास-गांव अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाएं चुन सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार कम होगा, अनियमितताओं पर रोक लगेगी, ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ेगी और महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को नए अवसर मिलेंगे व युवाओं को रोजगार एवं आजीविका के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर गांव, आधुनिक सुविधाओं से युक्त पंचायतें, बेहतर सड़कें, जल संरक्षण, सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण और रोजगार सृजन व डिजिटल गवर्नेंस।
सम्मेलन के तकनीकी सत्र में ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने VB-G-RAM-G अधिनियम 2025 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अनुभव साझा किए, GIZ ने विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) प्रस्तुत की और PRADAN ने ग्रामीण आजीविका मॉडल पर जानकारी दी तथा NIRDPR ने ग्राम प्रधानों की भूमिका पर विशेष सत्र आयोजित किया।

सम्मेलन में विकसित ग्राम पंचायत योजना, पंचायतों की संस्थागत क्षमता, सहभागी योजना निर्माण, योजनाओं का अभिसरण (Convergence) और पारदर्शिता एवं जवाबदेही व परिणाम आधारित विकास मॉडल विषयों पर हुई चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के ग्राम प्रधानों ने अपने राज्यों के नवाचार, पंचायत विकास मॉडल और स्थानीय सफल प्रयोग व भविष्य की रणनीति पर अपने अनुभव साझा किए।
कमलेश पासवान ने कहा कि “विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब देश के गांव विकसित होंगे। VB-G-RAM-G इसी दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगा।”
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