🎬 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में होगी री-रिलीज। 🎬 4K रिस्टोर्ड प्रिंट और Dolby Atmos साउंड।
🎬 NFDC-NFAI ने किया फिल्म का पुनर्निर्माण। 🎬 35mm रिलीज प्रिंट से तैयार हुआ नया संस्करण।
🎬 मोहनलाल और तिलकन की यादगार अदाकारी। 🎬 IFFI में हुआ विश्व प्रीमियर।
🎬 राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन की बड़ी उपलब्धि।
बीरैन्द्र दाश
नई दिल्ली: 37 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेगी मलयालम की कालजयी फिल्म ‘किरीदम’, 4K और Dolby Atmos में मिलेगा नया सिनेमाई अनुभव, भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मलयालम सिनेमा की ऐतिहासिक और क्लासिक फिल्म ‘किरीदम (Kireedam)’ अब नए तकनीकी स्वरूप में दर्शकों के बीच लौट रही है। वर्ष 1989 में रिलीज़ हुई यह प्रतिष्ठित फिल्म 10 जुलाई 2026 को 4K रिस्टोर्ड प्रिंट और Dolby Atmos साउंड के साथ भारत सहित कई देशों के सिनेमाघरों में फिर से रिलीज़ होगी।
इस क्लासिक फिल्म का पुनर्निर्माण राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम-भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (NFDC-NFAI) ने किया है। पुनर्निर्मित संस्करण को NFDC द्वारा Seven Arts International Ltd. के सहयोग से प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि इसका वितरण Hygien Global Ventures कर रही है। ‘किरीदम’ का पुनर्निर्माण केवल एक फिल्म की री-रिलीज नहीं बल्कि भारत की सिनेमाई विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।फिल्म का मूल कैमरा नेगेटिव समय के साथ खराब हो चुका था, जिसके कारण उसका उपयोग संभव नहीं था। हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (NFAI) ने पिछले 30 वर्षों से अधिक समय तक फिल्म के 35 मिमी रिलीज़ प्रिंट को सुरक्षित रखा, जिसने अब 4K पुनर्निर्माण का आधार तैयार किया।
निर्देशक सिबी मलयिल और लेखक ए. के. लोहितादास की यह फिल्म मलयालम सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में मोहनलाल ने सेतुमाधवन की भूमिका निभाई। तिलकन ने हेड कांस्टेबल अच्युतन नायर का यादगार किरदार निभाया। आज भी यह फिल्म अभिनय, पटकथा और भावनात्मक कहानी के लिए भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में शुमार है।
फिल्म के पुनर्निर्माण में आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया गया है। इस प्रक्रिया में हाई-रिजॉल्यूशन स्कैनिंग, डिजिटल इमेज रिस्टोरेशन, कलर ग्रेडिंग और Dolby Atmos ऑडियो रीमास्टरिंग शामिल हैं। यह पूरा कार्य सिनेमैटोग्राफर एस. कुमार और निर्देशक सिबी मलयिल की देखरेख में किया गया। थिएटर संस्करण को Prasad Corporation और High Studios ने मिलकर तैयार किया, जबकि Bony Asanar ने Creative Visionary Head के रूप में योगदान दिया।
NFDC के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदुम ने कहा कि “यदि NFAI ने रिलीज़ प्रिंट को दशकों तक सुरक्षित न रखा होता, तो यह फिल्म दोबारा बड़े पर्दे पर नहीं लौट पाती।” उन्होंने कहा कि यह पुनर्निर्माण भारत की फिल्म विरासत को संरक्षित करने के लिए NFDC-NFAI की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। निर्देशक सिबी मलयिल ने राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत फिल्म को संरक्षित और पुनर्निर्मित करने के लिए NFDC-NFAI का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पुराने प्रशंसक एक बार फिर इस क्लासिक फिल्म का आनंद लेंगे और नई पीढ़ी भी पहली बार बड़े पर्दे पर इस उत्कृष्ट फिल्म का अनुभव कर सकेगी।
पुनर्निर्मित संस्करण का 55वें भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में विश्व प्रीमियर किया गया था। फिल्म को वहां दर्शकों और फिल्म विशेषज्ञों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। NFDC-NFAI भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के अंतर्गत देश की दृश्य-श्रव्य धरोहर को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है। इसके प्रमुख उद्देश्य क्लासिक फिल्मों का संरक्षण, डिजिटलीकरण और वैज्ञानिक पुनर्निर्माण व नई पीढ़ी तक भारतीय सिनेमा की विरासत पहुंचाना हैं।
‘किरीदम’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास की एक भावनात्मक और यथार्थवादी कहानी है, जिसने मोहनलाल के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अब 4K विजुअल और Dolby Atmos साउंड के साथ यह फिल्म नई पीढ़ी के दर्शकों के लिए भी एक यादगार सिनेमाई अनुभव बनने जा रही है।
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1 thought on “नई दिल्ली: 37 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेगी मलयालम की कालजयी फिल्म ‘किरीदम’, 4K और Dolby Atmos में मिलेगा नया सिनेमाई अनुभव,”
बहुत बढ़िया 💯