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नई दिल्ली: भारत-EU ने जहाज रीसाइक्लिंग सहयोग बढ़ाया, भारतीय यार्डों को मिलेगी EU मान्यता

New Delhi: India and the EU have stepped up cooperation on ship recycling; Indian yards to receive EU recognition.

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भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद जहाज पुनर्चक्रण केंद्र!

सुनीता भट्ट अरुण

नई दिल्ली: भारत-EU ने जहाज रीसाइक्लिंग सहयोग बढ़ाया, भारतीय यार्डों को मिलेगी EU मान्यता, भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ जहाज पुनर्चक्रण (Ship Recycling) के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और यूरोपीय आयोग की पर्यावरण, जल लचीलापन एवं प्रतिस्पर्धी सर्कुलर अर्थव्यवस्था आयुक्त जेसिका रोसवाल के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता में भारतीय जहाज पुनर्चक्रण यार्डों को यूरोपीय संघ के EU Ship Recycling Regulation (EUSRR) के तहत मान्यता देने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 30 से अधिक भारतीय जहाज पुनर्चक्रण यार्डों ने ईयू मान्यता के लिए आवेदन किया है। इनमें से छह यार्ड वर्तमान में ऑडिट और अनुपालन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, जबकि तीन सुविधाओं ने सभी आवश्यक मानकों को पूरा कर लिया है और अब वे ईयू फ्रेमवर्क में शामिल होने के पात्र हैं।

सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व का अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण देश बनकर उभरा है और सुरक्षित एवं जिम्मेदार रीसाइक्लिंग के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यूएनसीटीएडी के हालिया आंकड़ों के अनुसार 2024 में वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण में भारत की हिस्सेदारी 30.1% थी जो 2025 में यह बढ़कर 35.4% हो गई।भारत ने 2025 में 2.99 मिलियन ग्रॉस टन (GT) जहाजों की रीसाइक्लिंग की,यह 2024 के 1.86 मिलियन GT की तुलना में लगभग 60% अधिक है। भारतीय जहाज पुनर्चक्रण सुविधाओं में अत्याधुनिक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन प्रणाली, रेड क्रॉस समर्थित मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाएं और श्रमिकों के लिए विशेष आवास व नियमित और आकस्मिक निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। सरकार पर्यावरणीय मानकों, श्रमिक सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण भी कर रही है।
सोनोवाल ने कहा कि भारत अगले दस वर्षों में लगभग 16,000 जहाजों की रीसाइक्लिंग का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। जहाज निर्माण और पुनर्चक्रण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 8 अरब अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता की भी घोषणा की है।उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त भारतीय यार्डों की संख्या बढ़ने से वैश्विक सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और समुद्री क्षेत्र में स्थिरता बढ़ेगी तथा और पर्यावरण-अनुकूल रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा।
यूरोपीय आयोग की आयुक्त जेसिका रोसवाल ने अब तक हुई प्रगति का स्वागत करते हुए एक संयुक्त कार्यकारी समूह (JWG) बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें दोनों पक्षों के मंत्रालयों और संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय से पहले इस विषय पर यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ शरदकालीन सत्र में चर्चा की जाएगी। साथ ही उन्होंने भविष्य में भारतीय जहाज पुनर्चक्रण सुविधाओं का दौरा करने की इच्छा भी व्यक्त की।
यह सहयोग भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। भारतीय सुविधाओं को ईयू मान्यता मिलने से वैश्विक समुद्री आपूर्ति श्रृंखला अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनने की उम्मीद है।

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Ib News
Author: Ib News

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