दिल्ली में डेंगू पर हाई अलर्ट!
अरुण कुमार
नई दिल्ली: दिल्ली में डेंगू पर हाई अलर्ट: जेपी नड्डा की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, जुलाई रहेगा एंटी-डेंगू मंथ, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज दिल्ली में डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित डेंगू प्रकोप से निपटने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों, नगर निकायों और विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करना था।

बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट कार्य मंत्री एवं पूर्वी दिल्ली के सांसद डॉ. हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह, एमसीडी के महापौर परवेश वाही, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव, एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग और आर्मी अस्पताल के निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश में डेंगू के मामले नियंत्रित हैं और मृत्यु दर मात्र 0.11 प्रतिशत है। इसके बावजूद आने वाले महीनों में जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए राज्यों और स्थानीय निकायों को पूरी तैयारी के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा- “जन भागीदारी के माध्यम से जन चेतना पैदा करना समय की आवश्यकता है। डेंगू के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
बैठक में डेंगू नियंत्रण के लिए लागू राष्ट्रीय रणनीति ‘ऑक्टालॉग’ की समीक्षा की गई, जो आठ प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—रोग निगरानी (Surveillance)-मामलों का प्रभावी प्रबंधन, वेक्टर नियंत्रण, प्रकोप प्रबंधन, क्षमता निर्माण, व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC), अंतर-विभागीय समन्वय और निगरानी एवं पर्यवेक्षण।

दिल्ली में डेंगू रोकथाम के लिए प्रस्तुत कार्ययोजना में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया गया—रोग निगरानी प्रणाली को और मजबूत करना, हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाना, अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर, दवाइयां, रक्त घटक और जांच सुविधाएं सुनिश्चित करना और त्वरित प्रतिक्रिया दल (Rapid Response Teams) सक्रिय रखना व निजी अस्पतालों को भी आईएचआईपी-वीबीडी पोर्टल पर समयबद्ध रिपोर्टिंग के निर्देश तथा प्रत्येक जिले में दैनिक समीक्षा बैठकें आयोजित करना।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डेंगू से लड़ाई में नगर निगम, रेलवे, छावनी बोर्ड, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि—
- वार्ड आयुक्तों और पार्षदों को अभियान में सक्रिय भूमिका दी जाए।
- आरडब्ल्यूए, बाजार संघों, स्वयं सहायता समूहों और युवा क्लबों को जोड़ा जाए।
- स्कूलों और श्रमिक बस्तियों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
- नागरिकों को मच्छरदानी और पूरे बाजू के कपड़े पहनने के लिए प्रेरित किया जाए।

1 जुलाई से पूरे देश में “एंटी-डेंगू मंथ” मनाया जाएगा। इस दौरान व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनमें घरों और सार्वजनिक स्थानों पर जलभराव हटाने का अभियान, स्कूल आधारित जागरूकता कार्यक्रम, सोशल मीडिया कैम्पेन, और स्वास्थ्य शिविर व डोर-टू-डोर IEC गतिविधियां शामिल होंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए कि डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार रखें। पर्याप्त बेड और ब्लड कंपोनेंट उपलब्ध रहें। दवाओं और कीटनाशकों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए।त्वरित जांच और उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निजी अस्पताल भी समय पर मामलों की रिपोर्ट करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू की रोकथाम में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। घरों के आसपास पानी जमा न होने देना, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई तथा व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय अपनाना डेंगू नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है।
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Public awareness aur necessary precautions jaroori hai Dengue ko control karne mei