Search
Close this search box.

मुम्बई:आशा भोसले का निधन: 92 वर्ष की उम्र में स्वर कोकिला नहीं रहीं, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

Asha Bhosle Death: 80 साल की संगीतमय यात्रा का अंत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मुम्बई:आशा भोसले का निधन: 92 वर्ष की उम्र में स्वर कोकिला नहीं रहीं, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, भारतीय संगीत जगत को आज एक गहरा झटका लगा है। भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। उनके निधन के साथ ही भारतीय फिल्म संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। आशा भोसले को 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में मल्टीपल ऑर्गन फेलियर की वजह से 12 अप्रैल 2026 को अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही देशभर में शोक की लहर दौड़ गई और प्रधानमंत्री सहित कई राजनीतिक नेताओं, फिल्मी सितारों और संगीत जगत के दिग्गजों ने श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री ने आशा भोसले को भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक बताते हुए कहा कि उनकी दशकों लंबी संगीतमय यात्रा ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में करोड़ों दिलों को छुआ। उन्होंने कहा कि आशाMusicLegend भोसले की आवाज आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
आशा भोसले ने अपने 80 वर्षों से अधिक लंबे करियर में 11,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए, 20 से ज्यादा भाषाओं में गीत गाएm बॉलीवुड, ग़ज़ल, पॉप, भजन, क़व्वाली सहित कई शैलियों में गायन और विश्व रिकॉर्ड — सबसे अधिक रिकॉर्डिंग करने वाली कलाकारों में शामिल तथा कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ काम कियाl उनकी आवाज़ ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई। आशा भोसले के कुछ गीत इतने अमर हैं कि उन्हे भुलाना नामुमकिन है जैसे दम मारो दम, पिया तू अब तो आजा, ये मेरा दिल, चुरा लिया है तुमने, इन आंखों की मस्ती, रंगीला रे, ये गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
आशा भोसले को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान मिले जिनमे दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट, राष्ट्रीय पुरस्कार और दो ग्रैमी नामांकन हैं उनकी उपलब्धियाँ भारतीय संगीत इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं।परिवार के अनुसार, आशा भोसले का अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को मुंबई में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

आशा भोसले के निधन के बाद सोशल मीडिया पर लाखों लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। फिल्म जगत, संगीतकार और कलाकारों ने इसे भारतीय संगीत का अपूरणीय नुकसान बताया। आशा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की पहचान थीं।
उनकी आवाज़ ने प्रेम, दर्द, रोमांस और जीवन के हर रंग को जीवंत किया। आज पूरा देश कह रहा है —
“आवाज़ चली गई, लेकिन सुर हमेशा जिंदा रहेंगे”

#Asha Bhosle Death, #Asha Bhosle Passed Away, #Legendary Singer Death, #Bollywood Singer News, #Asha Bhosle Tribute, #Breaking News India, #Music Industry New

Ib News
Author: Ib News

9 thoughts on “मुम्बई:आशा भोसले का निधन: 92 वर्ष की उम्र में स्वर कोकिला नहीं रहीं, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि”

  1. ॐ शांति ठाकुरजी अपने श्री चरणों में स्थान दें।

    Reply

Leave a Comment

और पढ़ें