पेट्रोल और डीजल: कोई कमी नहीं, वितरण में कोई रोक नहीं
अरुण कुमार
नई दिल्ली- मिडिल ईस्ट में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रही खबरों के बीच पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी की अफवाहों पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। मंत्रालय ने कहा कि देशभर में सभी पेट्रोल पंपों और गैस वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से गुमराह न हों।
मंत्रालय के अनुसार भारत ऊर्जा सुरक्षा के मामले में मजबूत स्थिति में है। भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम रिफाइनर है और भारत पांचवां सबसे बड़ा पेट्रोलियम निर्यातक देस भी है ऐसे मे 150 से अधिक देशों को भारत से ईंधन निर्यात कर रहा है इतना ही नही देशभर में 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप खुले हुये हैं जिससे कहीं भी ईंधन वितरण पर कोई रोक नहीं है सभी सामान्य रुप से काम कर रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा कि कुछ जगहों पर पैनिक बाइंग के कारण भीड़ देखने को मिली, लेकिन तेल कंपनियों ने अतिरिक्त आपूर्ति कर स्थिति को सामान्य कर दिया। तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप मालिकों की मदद के लिए क्रेडिट अवधि 1 दिन से बढ़ाकर 3 दिन से अधिक कर दी है, ताकि कहीं भी सप्लाई प्रभावित न हो।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता के बीच भी भारत को पर्याप्त कच्चा तेल मिल रहा है। भारत को 41 से अधिक देशों से कच्चा तेल मिल रहा है और सभी रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं अगले 60 दिनों की सप्लाई पहले ही सुनिश्चित कि जा चुकी है और अंतरराष्ट्रीय बाजार से अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध है मंत्रालय ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की सप्लाई बाधा की आशंका निराधार है।
सोशल मीडिया पर फैल रही “6 दिन का स्टॉक” वाली खबरों को मंत्रालय ने पूरी तरह गलत बताया है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि कुल भंडारण क्षमता 74 दिन की है और वर्तमान में उपलब्ध स्टॉक का है,भूमिगत सामरिक भंडार भी सुरक्षित है और अगले दो महीनों की खरीद पहले से तय है मंत्रालय ने कहा कि भारत कई महीनों तक ईंधन की आपूर्ति के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
एलपीजी की कमी की खबरों को भी सरकार ने खारिज किया है।मंत्रालय ने बताया कि घरेलू LPG का उत्पादन 40% बढ़ाया गया है. दैनिक उत्पादन 50 TMT है कुल आवश्यकता 80 TMT और आयात की जरूरत को घटकर 30 TMT कर दिया है, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से 800 TMT LPG कार्गो पहले ही सुरक्षित किए जा चुके हैं। तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख सिलेंडर वितरित कर रही हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया कि PNG को बढ़ावा देना नई योजना नहीं है बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है। 2014 में 57 गैस क्षेत्र थे जोकि अब 300 से अधिक गैस क्षेत्र हैं और 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ PNG कनेक्शन हो गये हैं सरकार ने कहा कि LPG खत्म होने के कारण PNG को बढ़ावा देने की खबरें पूरी तरह गलत हैं।
मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर झूठे वीडियो और पोस्ट के जरिए दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है। जैसे कि कतारों की पुरानी तस्वीरें शेयर करना, अन्य देशों की फुटेज भारत की बताई जा रही है. लॉकडाउन जैसी फर्जी खबरें फैल रही हैं, सरकार ने चेतावनी दी कि आवश्यक वस्तुओं को लेकर गलत सूचना फैलाना अपराध है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने नागरिकों से कहा है कि वह घबराकर खरीदारी न करें और न ही अफवाहों पर विश्वास करें, केवल और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, सरकार ने साफ किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त स्टॉक, मजबूत सप्लाई चेन और वैकल्पिक आयात व्यवस्था के कारण देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है। यानी — पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी की खबरें सिर्फ अफवाह हैं, घबराने की जरूरत नहीं।
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