पुर (मध्य प्रदेश) | विशेष संवाददाता
भारत में चीता पुनर्वास परियोजना को नई गति देते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को मध्य प्रदेश स्थित कूनो नेशनल पार्क के संगरोध (क्वारंटीन) बाड़ों में छोड़ा। इन चीतों को प्राकृतिक आवास में पूरी तरह छोड़ने से पहले अनुकूलन, स्वास्थ्य परीक्षण और व्यवहार निगरानी की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बोत्सवाना से कुल 9 चीते (6 मादा और 3 नर) भारत लाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह कदम भारत में चीता संरक्षण और जैव विविधता पुनर्स्थापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
वन अधिकारियों के अनुसार, सभी चीतों को फिलहाल विशेष रूप से तैयार किए गए संगरोध बाड़ों में रखा गया है, जहां:
- नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी
- स्थानीय जलवायु के अनुरूप अनुकूलन कराया जाएगा
- शिकार व्यवहार और गतिविधियों की निगरानी होगी
विशेषज्ञों की टीम लगातार चीतों की गतिविधियों पर नजर रखेगी ताकि उन्हें सुरक्षित रूप से खुले जंगल में छोड़ा जा सके।भारत में दशकों पहले विलुप्त हो चुके चीतों को पुनः बसाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा चीता पुनर्वास कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रमुख उदाहरण माना जा रहा है।बोत्सवाना से आए इन नए चीतों के साथ कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता आबादी को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
मध्य प्रदेश का कूनो राष्ट्रीय उद्यान विशाल घासभूमि, पर्याप्त शिकार प्रजातियों और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के कारण चीता संरक्षण के लिए उपयुक्त माना जाता है।वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि सफल अनुकूलन के बाद चीतों को खुले जंगल में छोड़ना भारत में वन्यजीव संरक्षण के इतिहास का महत्वपूर्ण चरण साबित होगा।
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