- दिल्ली से मेरठ का सफर अब सिर्फ 55 मिनट में पूरा होगा (पहले 2-3 घंटे लगते थे)।
- ट्रेन की अधिकतम डिजाइन स्पीड 180 km/h तक, ऑपरेशनल स्पीड 160 km/h के आसपास।
- मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो बनी – अधिकतम स्पीड 120 km/h।
- किराया: लगभग 2.60 रुपये प्रति किमी (पूरे सफर के लिए करीब 210-220 रुपये तक)।
- कुल 16 स्टेशन: सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, मोदीपुरम आदि।
- आज PM मोदी ने शताब्दी नगर स्टेशन से ट्रेन को फ्लैग ऑफ किया और मेरठ मेट्रो में स्कूली बच्चों व मजदूरों के साथ सफर भी किया।
- CM योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। यह परियोजना करीब 12,930 करोड़ रुपये की है।

दिल्ली से मेरठ रैपिड मैट्रो (नमो भारत RRTS) की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में हरी झंडी दिखाकर पूर्ण रुप से उद्घाटन किया है,जिससे म पूरा होगा जबकि पहले 2-3 घंटे लगते थे। 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर (सराय काले खां से मोदीपुरम तक) को पूरी तरह चालू कर दिया गया है। इसमे दिल्ली से मेरठ तक कुल 16 स्टेशन होंगे।इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे और उन्होंने इस परियोजना को ‘नए भारत’ की तेज विकास गति का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “नए भारत की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है”। उन्होंने इस परियोजना को विकास, रोजगार और निवेश के लिए बड़ा बढ़ावा बताते हुए जोर दिया कि अब दिल्ली से मेरठ का सफर महज 55 मिनट में पूरा हो जाएगा, जो पहले एक बड़ी चुनौती था।उन्होंने आगे कहा, “आज से 10-11 साल पहले मेरठ से दिल्ली की दूरी एक चुनौती होती थी, लोग दिल्ली को दूर मानकर थक जाते थे लेकिन अब यह दूरी खत्म हो गई है।” योगी ने इसे ‘नए उत्तर प्रदेश’ के विकास यात्रा में सुनहरा अध्याय करार दिया और कहा कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए कम समय में दिल्ली पहुंचने का सपना साकार करेगी। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां, रोजगार के अवसर और निवेश बढ़ेगा।

पीएम मोदी ने शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन से हरी झंडी दिखाई, स्कूली बच्चों के साथ मेट्रो में सफर किया और बाद में मोहिउद्दीनपुर में जनसभा को संबोधित किया। CM योगी ने पीएम का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का क्रांतिधरा मेरठ में दिल से स्वागत है। यह परियोजना दिल्ली-NCR और पश्चिमी UP के बीच कनेक्टिविटी को क्रांतिकारी बदलाव देगी, जिससे लाखों यात्रियों को फायदा होगा। योगी सरकार ने इसे ‘डबल इंजन’ की सौगात बताया है।










