Helmet-Safety पर बच्चों ने बदली सोच! दिल्ली में बड़ा Road Safety Event
हर्ष मल्होत्रा बोले – सड़कें सिर्फ रास्ता नहीं, जिंदगी की लाइफलाइन हैं
4E रणनीति (Engineering, Enforcement, Education, Emergency Care
दिल्ली में सड़क सुरक्षा सम्मेलन 2026: 4000 छात्रों ने लिया ‘सुरक्षित भारत’ का संकल्प

डॉ. दीपक शर्मा
नई दिल्ली-राजधानी दिल्ली के आनंद विहार स्थित Vivekanand School में आयोजित सड़क सुरक्षा सम्मेलन 2026 ने देश में सुरक्षित और जिम्मेदार परिवहन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित किया। भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में नीति निर्माताओं, शिक्षकों, छात्रों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर उसे व्यवहारिक कार्रवाई में बदलना था। सम्मेलन में कक्षा 3 से 12 तक के लगभग 4,000 छात्रों और 100 से अधिक स्कूलों के 500 से ज्यादा शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह भागीदारी सड़क सुरक्षा के प्रति जमीनी स्तर पर बढ़ती जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री Harsh Malhotra मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सड़कें केवल बुनियादी ढांचा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति और सामाजिक जुड़ाव की जीवन रेखा हैं।उन्होंने बताया कि Narendra Modi के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया गया है और Nitin Gadkari के मार्गदर्शन में 4E रणनीति—इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, शिक्षा और आपातकालीन देखभाल—पर काम किया जा रहा है।
सम्मेलन की सबसे खास बात यह रही कि छात्रों ने सक्रिय भूमिका निभाई।पोस्टर मेकिंग, नुक्कड़ नाटक, रोल प्ले, पैनल डिस्कशन और डॉक्यूमेंट्री जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों ने सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों को “रोड सेफ्टी एम्बेसडर” बनाना था, ताकि वे अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता फैला सकें।

कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा से जुड़ी कई अहम पहलों की जानकारी भी दी गई, जिनमें शामिल हैं, 4E रणनीति (Engineering, Enforcement, Education, Emergency Care). मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत सख्त नियम. दुर्घटना पीड़ितों के लिए ₹1.5 लाख तक की सहायता योजना. AI आधारित निगरानी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, FASTag टोलिंग और बेहतर ट्रॉमा केयर नेटवर्क। मंत्री ने बताया कि देश में लगभग 1.46 लाख किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित हो चुका है, जो भारत को दुनिया के सबसे बड़े सड़क नेटवर्क वाले देशों में शामिल करता है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और मोबाइल फोन से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। जिम्मेदार ड्राइविंग और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर ही दुर्घटनाओं को कम करने की कुंजी है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।
“सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित भारत”

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