नई दिल्ली
Who is Captain Smit? पीएम मोदी ने फोन कर जाना हाल, बोले- आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घायल कैप्टन स्मित से फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और उनके साहस, धैर्य तथा सूझबूझ की जमकर सराहना की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है और उन्होंने जिस तरह संकट की घड़ी में यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की, उसने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है।
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके मन में एक ही बात थी कि यदि उन्होंने प्रयास नहीं किया तो विमान में सवार लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें विमान की स्थिति का अंदाजा था और उन्होंने आखिरी प्रयास कर दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद बाकी लोग बाहर निकल सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत की शुरुआत करते हुए कैप्टन स्मित से उनका हाल पूछा। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है और कई जगहों पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन स्मित की हिम्मत, धैर्य और फ्रिक्शन ऑफ सेकेंड में लिए गए फैसलों ने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय जान लेने वाले नहीं, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन स्मित खुद गंभीर रूप से घायल होकर जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उस समय भी उन्होंने अपनी जान की चिंता करने के बजाय यात्रियों की जिंदगी को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि इस साहसिक प्रयास से न केवल यात्रियों की जान बची, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का मान भी बढ़ा। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित से कहा कि उन्हें उनके साहस पर हृदय से गर्व है।
पूरा मामला 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले का है।
क्या हुआ था?
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में करीब 182 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद ओमानी मूल के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। जांच एजेंसियां इस घटना को संभावित रूप से विमान को हाईजैक/क्रैश करने के प्रयास के रूप में देख रही हैं। हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को समझने की कोशिश जारी रखी। इसी दौरान विमान करीब 30 सेकंड में लगभग 14,000 फीट नीचे चला गया, जिससे विमान में बेहद गंभीर स्थिति पैदा हो गई।
घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला
कैप्टन स्मित के मुताबिक, वह गंभीर रूप से घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है। तभी उन्होंने सोचा कि अगर वह कुछ नहीं करते तो विमान में मौजूद यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने अपनी आखिरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही यात्रियों और विमान के अन्य लोगों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। उन्होंने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। इसके बाद विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों/रिजर्व क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाला।
घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस तरह एक बेहद गंभीर स्थिति के बावजूद विमान में सवार लोगों की जान बच गई। कैप्टन स्मित को गंभीर चोटों के इलाज के लिए बाद में अबू धाबी ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है

कौन हैं कैप्टन स्मित?
बातचीत में कैप्टन स्मित ने बताया कि वह FZ में पिछले 17 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं और पिछले 11 वर्षों से कैप्टन हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि विमान संचालन का उन्हें लंबा अनुभव है और विमान की स्थिति को समझने में उन्हें समय नहीं लगता। उनके अनुसार, जब वह घायल होकर नीचे गिरे हुए थे, तब भी उन्हें महसूस हो रहा था कि एयरक्राफ्ट नीचे जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह गंभीर रूप से घायल थे और नीचे फंस गए थे। उस समय उन्हें लगा कि यदि उन्होंने प्रयास नहीं किया तो यात्रियों की जान बचाना मुश्किल होगा।
‘मैं अपनी जान के लिए लड़ रहा था, लेकिन उन्हें मरने नहीं दे सकता था’
कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह उस समय अपनी जिंदगी के लिए भी संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उनके मन में यह भी स्पष्ट था कि वह विमान में मौजूद लोगों को मरने नहीं दे सकते। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर दरवाजा खोलने का प्रयास किया और इसके बाद अन्य लोग बाहर निकल सके। स्मित ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रयास में बाकी लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
संकट की घड़ी में हनुमान चालीसा बनी सहारा
प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने अपनी आध्यात्मिक आस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें दर्द होता है, वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उनके मुताबिक संकट के उस समय में भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और उन्हें विश्वास है कि भगवान ने उन्हें बचाया। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह रोज सुबह पूजा के समय अपने दो वर्षीय बेटे को भी हनुमान चालीसा सुनाते हैं। स्मित ने कहा कि भले ही उनका परिवार देश से दूर हो, लेकिन वे अपनी संस्कृति से दूर नहीं होना चाहते।
पीएम मोदी ने स्मित की मां के संस्कारों की सराहना की
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने स्मित की मां गीता बहन और परिवार का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता बहन ने जिस तरह के संस्कार स्मित को दिए हैं, उनमें भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह स्मित के परिवार की हिम्मत और संस्कारों को प्रणाम करते हैं।

सोनल की भी प्रधानमंत्री ने की तारीफ
प्रधानमंत्री ने बातचीत में सोनल बहन का भी जिक्र किया और बताया कि उन्होंने उनसे भी बात की थी। मोदी ने कहा कि जिस परिस्थिति में सोनल थीं, उसमें भी उन्होंने जिस हिम्मत और स्वस्थता के साथ उनसे बातचीत की, वह उनके लिए आश्चर्य की बात थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवार ने इस कठिन परिस्थिति में जिस साहस का परिचय दिया है, उसने पूरे देश का नाम रोशन किया है।
सऊदी और यूएई सरकार का पीएम ने जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित की देखभाल के लिए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकारों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की ओर से स्मित को बेहतर चिकित्सा सहायता और देखभाल उपलब्ध कराई गई। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित से कहा कि जरूरत पड़ने पर वह उनसे फोन कॉल के जरिए संपर्क कर सकते हैं।
‘मैं इस घाव को घाव की तरह नहीं, एक जर्नी की तरह देख रहा हूं’
कैप्टन स्मित ने अपनी रिकवरी को लेकर भी सकारात्मक रवैया दिखाया। उन्होंने कहा कि वह अपनी चोट को केवल एक घाव के रूप में नहीं देख रहे हैं, बल्कि इसे एक जर्नी की तरह देख रहे हैं, जिसमें धीरे-धीरे समय के साथ सुधार होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया कि वह पूरी तरह स्वस्थ होने को लेकर आश्वस्त हैं।
‘देश आपके साथ है’
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर के लोग कैप्टन स्मित के साहस की चर्चा कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि स्मित ने ऐसा काम किया है जिसे लेकर देश को गर्व है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के सभी पायलटों और विमानन क्षेत्र के प्रति लोगों के भरोसे को मजबूत करने में भी उनके साहस की महत्वपूर्ण भूमिका है।
गुजरात और देशभर में प्रार्थनाएं
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश के कई हिस्सों में लोगों ने कैप्टन स्मित और अन्य प्रभावित लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए पूजा, प्रार्थना और आरती की। उन्होंने गुजरात के सावरकुंडला और वढवान समेत कई स्थानों पर बने भावुक माहौल का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है और भारत उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक है।

गांधी जयंती पर पीएम मोदी ने कहा- ‘अहिंसा आपने जीकर दिखाई’
बातचीत के अंत में प्रधानमंत्री ने गांधी जयंती का उल्लेख करते हुए कैप्टन स्मित से कहा कि अहिंसा क्या होती है, यह उन्होंने जीकर दिखाया है। इसके बाद प्रधानमंत्री ने उनसे ‘जय श्री कृष्ण’ कहा और दोनों ने गुजराती में भी कुछ देर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित को जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह पूरी तरह ठीक होने के बाद उनसे मुलाकात करेंगे।
भावुक हुए कैप्टन स्मित
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित कई बार भावुक हुए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री उन्हें फोन करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताते हुए कहा कि इस तरह फोन करके उनका हौसला बढ़ाना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद पहली बार उन्हें अपने किए पर गर्व महसूस हो रहा है। प्रधानमंत्री ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि यदि वह उनके सामने भावुक नहीं होंगे तो फिर कहां होंगे।
देश के लिए प्रेरणा बना साहस
कैप्टन स्मित और उनके परिवार की कहानी संकट के समय साहस, कर्तव्यबोध, सकारात्मक सोच और मानवीय संवेदना की मिसाल के रूप में सामने आई है। प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में स्मित ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि संकट के उस क्षण में उनका उद्देश्य केवल खुद को बचाना नहीं था, बल्कि अन्य लोगों की जान बचाना भी था। उनकी बातचीत का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि कर्तव्य और इंसानियत के लिए लिया गया एक फैसला कई जिंदगियों को बचा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित के बीच बातचीत के कुछ अंश गुजराती भाषा में भी हैं। ऊपर प्रकाशित संबंधित हिस्सों का हिंदी में भावानुवाद किया गया है।
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