अरुण कुमार
नई दिल्ली
Police Memorial Day 2026:अमित शाह ने 2029 तक ड्रग्स मुक्त भारत का लक्ष्य बताया, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने ‘Fight Against Drugs’ यानी नशे के खिलाफ लड़ाई के संदेश के साथ देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को ड्रग्स की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए देशभर की पुलिस तथा सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा।

पुलिसकर्मियों का बलिदान राष्ट्र की सुरक्षा की नींव: अमित शाह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से अब तक देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में पुलिसकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व में सम्मानजनक स्थान पर खड़ा है और इसके पीछे देश के वीर जवानों का योगदान है।
गृह मंत्री ने शहीदों के परिजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता, लेकिन 140 करोड़ नागरिक उनके परिवारों के समर्पण के प्रति आभारी हैं। उन्होंने पुलिस सेवा को कठिन जिम्मेदारियों में से एक बताते हुए कहा कि जब आम लोग त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।

21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवानों ने चीनी सेना के हमले का मुकाबला करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्हीं जवानों के बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में किया था। इसका उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य, अनुशासन तथा राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देना है। गृह मंत्री के अनुसार, इस स्मारक पर अब तक बलिदान देने वाले 36,852 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में 3,600 से अधिक जवान शहीद
गृह मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्ति हासिल करना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनके अनुसार, 1981 से मार्च 2026 तक नक्सलवाद से जुड़े संघर्ष में 3,600 से अधिक जवान और लगभग 13,700 निर्दोष नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए जवानों का बलिदान देश की विकास यात्रा की नींव है। उन्होंने विशेष रूप से CRPF, कोबरा बटालियन और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों की बहादुरी की सराहना की।
कश्मीर और पूर्वोत्तर में शांति का दावा
अमित शाह ने कहा कि कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है और विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने पूर्वोत्तर में विभिन्न समझौतों तथा हथियार छोड़ने की प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने चुनावों के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। गृह मंत्री के मुताबिक, सुरक्षा बलों की मुस्तैदी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संचालित करने और हिंसा को रोकने में अहम योगदान देती है।
31 दिसंबर 2029 तक नशे की समस्या से मुक्ति का लक्ष्य
गृह मंत्री ने ड्रग्स को देश की युवा पीढ़ी, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी से देशविरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक सहायता मिल सकती है।
उन्होंने पुलिस बलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार ‘नशा मुक्त भारत’ के रोडमैप को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक देश को ड्रग्स की समस्या से मुक्त करना है। इसके लिए 2026 के शेष महीनों और 2027 से 2029 तक संयुक्त प्रयास करने की बात कही गई।

‘Fight Against Drugs’ मोटरसाइकिल रैली में करीब 90 सवार
कार्यक्रम के दौरान रवाना की गई मोटरसाइकिल रैली में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागी शामिल हुए। इसमें CRPF, CISF, BSF, SSB, ITBP और NSG जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ RPF, NDRF और NIA के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, इस रैली में करीब 90 सवार भाग ले रहे हैं। यह देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसमें विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय बलों के मोटरसाइकिल सवार गुजरात के एकता नगर पहुंचकर ‘एकता परेड-2026’ में शामिल होंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो के निदेशक महेश दीक्षित, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पुलिस स्मृति दिवस शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने और देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका को सम्मान देने का अवसर है। इस वर्ष के कार्यक्रम में श्रद्धांजलि के साथ-साथ नशे के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान को गति देने और 2029 तक ड्रग्स की समस्या से मुक्ति के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया गया।
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