नई दिल्ली
DRI का बड़ा एक्शन: 10.36 करोड़ का 6.61 किलो तस्करी वाला सोना जब्त, 11 गिरफ्तार, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने संगठित सोना तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में सक्रिय एक बड़े कूरियर-आधारित गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। डीआरआई ने इस कार्रवाई में करीब 10.36 करोड़ रुपये मूल्य का 6.61 किलोग्राम विदेशी तस्करी वाला सोना जब्त किया है। मामले में एक मास्टरमाइंड समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक दस्तावेजी जांच के अनुसार, इस नेटवर्क ने केवल नौ महीनों में करीब 318 किलोग्राम तस्करी वाला सोना, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 475 करोड़ रुपये है, कूरियर चैनलों के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया।
भारत-बांग्लादेश सीमा से देश के बड़े शहरों तक नेटवर्क
डीआरआई को पश्चिम बंगाल और असम में भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए विदेशी सोने की नियमित तस्करी तथा उसके बाद कूरियर नेटवर्क के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किए जाने की विशिष्ट सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर डीआरआई ने 23 और 24 सितंबर 2026 को एक समन्वित मल्टी-सिटी अभियान चलाया। अभियान के दौरान मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और गुवाहाटी में एक साथ इंटरसेप्शन और तलाशी अभियान चलाए गए।

गुवाहाटी और कोलकाता से भेजा जा रहा था सोना
जांच एजेंसी के अनुसार, गुवाहाटी और कोलकाता से मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद में डिलीवरी के लिए बुक किए गए कूरियर कंसाइनमेंट को इंटरसेप्ट किया गया। इन खेपों में कथित तौर पर तस्करी किया हुआ विदेशी सोना छिपाकर भेजा जा रहा था। कंसाइनमेंट प्राप्त करने वाले सात लोगों को पकड़ा गया। इसके बाद कोलकाता में कंसाइनर और शिपर से जुड़े ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली गई, जिसमें तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया। डीआरआई की त्वरित अनुवर्ती कार्रवाई में तस्करी का सोना भेजने और उसकी डिलीवरी कराने वाले एक कथित मास्टरमाइंड को मुंबई से गिरफ्तार किया गया।
छोटे-छोटे कूरियर पैकेट में बांटकर भेजते थे सोना
जांच में सामने आया कि सिंडिकेट तस्करी किए गए सोने को एक साथ भेजने के बजाय कई छोटी कूरियर खेपों में बांट देता था। इन छोटी खेपों को गुवाहाटी और कोलकाता से मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद में अलग-अलग व्यक्तियों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद सोने को घरेलू बाजार में खपाने की योजना थी। डीआरआई के अनुसार, इस नेटवर्क में कंसाइनर, शिपर और रिसीवर के तौर पर इस्तेमाल किए गए कई लोग कथित रूप से कागजी व्यक्ति थे। उनके पास सोने की खरीद-बिक्री अथवा लेनदेन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले। इससे संकेत मिलता है कि कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल तस्करी वाले सोने को छिपाने, छोटे हिस्सों में बांटने और देश के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था।
6.61 किलो विदेशी सोना जब्त
मल्टी-सिटी अभियान के दौरान इंटरसेप्ट की गई खेपों से कुल 6.61 किलोग्राम विदेशी सोना बार के रूप में बरामद किया गया। जब्त सोने की अनुमानित कीमत करीब 10.36 करोड़ रुपये बताई गई है। डीआरआई ने इसे सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त किया है। मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
9 महीने में 475 करोड़ के 318 किलो सोने की सप्लाई!
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा प्रारंभिक दस्तावेजी जांच से हुआ है। डीआरआई के अनुसार, इस सिंडिकेट का नेटवर्क हाल में पकड़ी गई 6.61 किलोग्राम की खेप तक सीमित नहीं था। उपलब्ध शुरुआती साक्ष्यों से पता चला है कि चालू कैलेंडर वर्ष के केवल नौ महीनों में करीब 318 किलोग्राम तस्करी वाला सोना इसी कूरियर-आधारित नेटवर्क के माध्यम से ट्रांसपोर्ट और डिलीवर किया जा चुका था। इस सोने की अनुमानित कीमत करीब 475 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह खुलासा नेटवर्क के संभावित व्यापक पैमाने की ओर इशारा करता है। हालांकि, डीआरआई की विस्तृत जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा लेनदेन की जानकारी सामने आना बाकी है।

कूरियर नेटवर्क पर डीआरआई की नजर
डीआरआई की यह कार्रवाई इस बात को रेखांकित करती है कि संगठित तस्करी नेटवर्क अब पारंपरिक परिवहन माध्यमों के साथ-साथ गैर-पारंपरिक लॉजिस्टिक्स और कूरियर चैनलों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐसे नेटवर्क में तस्करी के माल को छोटी-छोटी खेपों में बांटकर अलग-अलग शहरों में भेजने से निगरानी और पहचान से बचने का प्रयास किया जाता है। डीआरआई का यह अभियान तस्करी की पूरी सप्लाई चेन—सीमा पार से सोने के प्रवेश से लेकर उसके परिवहन, डिलीवरी और घरेलू बाजार में संभावित खपत—पर कार्रवाई करने की रणनीति को दर्शाता है।
डीआरआई की कार्रवाई में 6.61 किलो विदेशी सोना जब्त किया गया है, जबकि शुरुआती जांच में इसी नेटवर्क के जरिए नौ महीनों में करीब 475 करोड़ रुपये मूल्य के 318 किलो तस्करी वाले सोने की आवाजाही का खुलासा हुआ है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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