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Khet Bachao Abhiyan-2026:शिवराज सिंह चौहान ने तरावड़ी से की शुरुआत, हरियाणा में 28,422 पक्के मकानों को मंजूरी

'Khet Bachao Abhiyan-2026': Shivraj Singh Chouhan launches the campaign from Tarawadi; 28,422 permanent houses approved in Haryana.

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अरुण कुमार

तरावड़ी/करनाल,

Khet Bachao Abhiyan-2026:शिवराज सिंह चौहान ने तरावड़ी से की शुरुआत, हरियाणा में 28,422 पक्के मकानों को मंजूरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के करनाल जिले के ऐतिहासिक कस्बे तरावड़ी से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत की। 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, फसल चक्र और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान चौहान ने हरियाणा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 28,422 पक्के मकानों के निर्माण के लिए 1,343.06 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का स्वीकृति पत्र भी सौंपा।

रासायनिक खाद के असंतुलित इस्तेमाल पर चिंता

किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने चेतावनी दी कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल मिट्टी की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि खेतों की मिट्टी स्वस्थ रहेगी, तभी कृषि उत्पादन और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा संभव होगी।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मिट्टी के बिगड़ते स्वास्थ्य और कृषि भूमि की गुणवत्ता में सुधार को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने हरियाणा के किसानों की मेहनत और आधुनिक तथा प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाने की सराहना की।

यूरिया और DAP पर सब्सिडी, लेकिन संतुलित उपयोग जरूरी

चौहान के अनुसार, केंद्र सरकार किसानों पर उर्वरकों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ कम करने के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दे रही है। उन्होंने यूरिया के एक बैग की कीमत 266 रुपये और DAP के एक बैग की कीमत 1,350 रुपये का उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने किसानों को आगाह किया कि सस्ती खाद मिलने का अर्थ उसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिक उर्वरक डालने से हमेशा अधिक उत्पादन नहीं मिलता। मिट्टी की जरूरत के अनुसार खाद का इस्तेमाल करना चाहिए।

मिट्टी बचाने के लिए बताए तीन उपाय

केंद्रीय मंत्री ने किसानों से मिट्टी का स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए तीन प्रमुख उपाय अपनाने की अपील की:

  1. मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार खाद का इस्तेमाल: मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की कमी का पता लगाकर आवश्यकतानुसार संतुलित उर्वरक डालें।
  2. फसल चक्र में बदलाव: धान-गेहूं के लगातार क्रम के साथ चना, मसूर और अरहर जैसी दलहनी फसलों को भी शामिल करें, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिले।
  3. प्राकृतिक खेती की शुरुआत: किसान अपनी पूरी जमीन को एक साथ बदलने के बजाय शुरुआत में कम से कम आधे एकड़ में प्राकृतिक खेती अपनाने पर विचार करें। गोबर और अन्य स्थानीय जैविक संसाधनों से तैयार इनपुट का उपयोग भी किया जा सकता है।
पराली जलाने से मिट्टी को नुकसान

शिवराज सिंह चौहान ने फसल अवशेष जलाने की प्रथा पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों, कीटों तथा केंचुओं को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने और मिट्टी की जैविक गुणवत्ता बनाए रखने की अपील की।

30 नवंबर तक गांव-गांव पहुंचेंगे कृषि वैज्ञानिक

अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक, वैज्ञानिकों और अधिकारियों से गांवों में जाकर किसानों के साथ बैठकें करने का आह्वान किया गया है। इन बैठकों में मिट्टी के स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल चक्र और प्राकृतिक खेती पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मिट्टी की रक्षा, रसायनों के संतुलित उपयोग, फसल अवशेष नहीं जलाने और प्राकृतिक खेती के तरीकों को धीरे-धीरे अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ICAR के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. मांगी लाल जाट, हरियाणा के कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ पर एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

हरियाणा में 28,422 पक्के मकानों के लिए सहायता

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत हरियाणा में पात्र गरीब परिवारों के लिए 28,422 पक्के मकानों के निर्माण की मंजूरी से संबंधित स्वीकृति पत्र राज्य के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा को सौंपा। इसके लिए 1,343.06 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का उल्लेख किया गया।

यह सहायता राज्य के पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ‘खेत बचाओ अभियान’ का मुख्य संदेश है कि मिट्टी का संरक्षण, टिकाऊ खेती और किसानों की जागरूकता देश की कृषि के भविष्य के लिए जरूरी हैं।

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Author: Ib News

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