रिपोर्ट: IB News
नई दिल्ली
ASG शार्प साइट ने शुरू किया ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’ अभियान, दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं और आंखों की चोटों से बच्चों को बचाने के लिए एएसजी शार्प साइट आई हॉस्पिटल ने देशव्यापी जागरूकता एवं उपचार अभियान ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’ शुरू किया है। 4 नवंबर से 14 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत 15 वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों को निःशुल्क ओपीडी परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जिनकी आंखों में पटाखों के कारण चोट लगती है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह पहल देश के 95 से अधिक शहरों में संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत एएसजी शार्प साइट आई हॉस्पिटल के 200 से अधिक केंद्रों पर पटाखों से आंखों में चोट लगने की स्थिति में प्राथमिक उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। अभियान का उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में बच्चों को समय पर चिकित्सा सहायता दिलाना और अभिभावकों को आंखों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।

गत वर्षों में सैंकड़ो से अधिक बच्चों का किया उपचार
अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पिछले कई वर्षों के दौरान पटाखों के कारण आंखों में चोट लगने वाले सैंकड़ो से अधिक बच्चों का उपचार किया जा चुका है। दिवाली के आसपास पटाखों के इस्तेमाल से आंखों में जलन, चोट, कॉर्निया को नुकसान और गंभीर मामलों में दृष्टि प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल ने इस वर्ष अभियान के माध्यम से बच्चों और उनके अभिभावकों तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने की पहल की है। चिकित्सकों का कहना है कि त्योहार की खुशियों के बीच बच्चों की आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पटाखों का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर चोट का कारण बन सकती है।
आंख में पटाखे से चोट लगे तो न करें ये गलतियां
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि यदि किसी बच्चे की आंख में पटाखे या उससे निकले किसी कण के कारण चोट लग जाए तो घबराने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। ऐसी स्थिति में आंख को बिल्कुल न रगड़ें और न ही उस पर दबाव डालें। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई घरेलू उपचार, आई ड्रॉप या अन्य दवा इस्तेमाल न करें।
चिकित्सकों के अनुसार, आंख में चोट लगने के बाद समय पर विशेषज्ञ से जांच और उपचार कराना बेहद जरूरी है। उपचार में देरी होने पर आंखों की रोशनी को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। इसलिए चोट मामूली दिखाई देने पर भी उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
शाहदरा केंद्र पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात
अभियान के तहत दिल्ली के शाहदरा केंद्र पर भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम सेवाएं दे रही है। इस टीम में डॉ. चिराग गुप्ता (मोतियाबिंद एवं अपवर्तन सर्जन), डॉ. अंजू नागर (मोतियाबिंद, विट्रियो-रेटिना एवं यूविया विशेषज्ञ) तथा डॉ. आंचल प्रिया (मोतियाबिंद एवं मेडिकल रेटिना विशेषज्ञ) शामिल हैं।
सहायता के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
अभियान से संबंधित जानकारी और प्रबंधन की जिम्मेदारी क्लस्टर मैनेजर (मार्केटिंग) मुकेश प्रसाद तथा शार्प साइट शाहदरा केअस्पताल असिस्टेंट मैनेजर करण सिंह मेहरा संभाल रहे हैं। प्रबंधन ने अभियान से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए 09641919191 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। अभिभावक इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
अस्पताल की ओर से अपील की गई है कि दिवाली के दौरान बच्चों को पटाखों से दूर रखें और त्योहार मनाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान दें। यदि पटाखों के कारण आंख में किसी भी तरह की चोट लगती है तो घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
संदेश साफ है—दिवाली की खुशियां तभी पूरी हैं, जब बच्चों की आंखें सुरक्षित रहें।( ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’)
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