Search
Close this search box.

ANKITA BHANDARI CASE: राहुल-प्रियंका इंडिया गेट पहुंचे, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोकने की मांग

ANKITA BHANDARI CASE: Rahul and Priyanka reach India Gate; demand to halt Dushyant Gautam’s appointment

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मोहित कुमार

नई दिल्ली

ANKITA BHANDARI CASE: राहुल-प्रियंका इंडिया गेट पहुंचे, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोकने की मांग, उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर हमला तेज कर दिया है। अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देकर मांग की कि दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की प्रक्रिया तब तक रोकी जाए, जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कथित ‘VIP एंगल’ की जांच पूरी नहीं कर लेता।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया। देर रात से जारी धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने गुरुवार तड़के अंकिता के माता-पिता और कुछ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, माता-पिता को सुबह करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया।

क्या है अंकिता के परिवार की मांग?

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी की प्रमुख मांग है कि उनकी बेटी की हत्या से जुड़े कथित VIP पहलू की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम को संवैधानिक पद पर नियुक्त करने का फैसला रोका जाए। परिवार का कहना है कि मुख्य हत्याकांड में दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कथित VIP की भूमिका को लेकर उनके सवालों का पूरी तरह जवाब नहीं मिला है। इसी वजह से वे जांच के दायरे और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी अपील की है कि वह मामले की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाने के अनुरोध पर विचार करें। अंकिता की मां ने मांग पूरी नहीं होने पर उत्तराखंड में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल करने की चेतावनी भी दी है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने परिवार से की मुलाकात

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को इंडिया गेट पर धरने के दौरान अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने परिवार की मांगों का समर्थन किया और मामले में जवाबदेही तथा पारदर्शी जांच की जरूरत पर जोर दिया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भाजपा पर आरोप लगाया कि अंकिता के परिवार को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि कथित VIP से जुड़े विवाद के बीच दुष्यंत गौतम को संवैधानिक पद पर नियुक्त किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि जब कथित VIP एंगल की जांच जारी है, तो नियुक्ति को लेकर परिवार की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे को महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और राजनीतिक जवाबदेही से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

देर रात धरना, तड़के दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता के धरने के दौरान कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार तड़के करीब 4 बजे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। अंकिता के माता-पिता को कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन स्थल पर निषेधात्मक आदेश लागू होने की बात भी सामने आई। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे परिवार के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। परिवार की रिहाई के बाद भी उनकी मुख्य मांग कायम है—कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

क्या है दुष्यंत कुमार गौतम का मामला?

दुष्यंत कुमार गौतम भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और उत्तराखंड में पार्टी के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। राष्ट्रपति भवन की 12 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति में उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई थी। नियुक्ति संबंधित पद का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होनी है।

अंकिता के परिवार ने कथित VIP एंगल के संदर्भ में गौतम का नाम उठाया है। हालांकि, दुष्यंत कुमार गौतम पर लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गौतम ने आरोपों से इनकार किया है और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इसलिए उनके खिलाफ किसी आरोप को अदालत द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।

क्या था अंकिता भंडारी हत्याकांड?

19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनका शव चार दिन बाद चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों—सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता—को अदालत ने मई 2025 में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पुलकित आर्य पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है।

हत्याकांड के दौरान अंकिता पर कथित तौर पर एक VIP मेहमान को ‘विशेष सेवाएं’ देने का दबाव बनाए जाने की बात भी सामने आई थी। परिवार का आरोप है कि इस पहलू की पूरी जांच जरूरी है और कथित VIP की पहचान तथा भूमिका से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए।

CBI जांच और VIP एंगल पर फिर क्यों उठे सवाल?

मुख्य हत्याकांड में तीन दोषियों को सजा मिलने के बाद भी कथित VIP की भूमिका को लेकर विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। परिवार और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहलू की विस्तृत जांच की मांग जारी रखी है। जनवरी 2026 में उत्तराखंड सरकार ने मामले के कथित VIP एंगल की जांच CBI से कराने की मंजूरी देने की घोषणा की थी। अब परिवार की मांग है कि जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस के साथ-साथ एक अहम सवाल भी सामने है—क्या जांच के निष्कर्ष सामने आने से पहले किसी व्यक्ति की नियुक्ति रोकना उचित होगा, और परिवार के उठाए सवालों का जवाब जांच किस तरह देगी? इन सवालों का उत्तर संबंधित जांच एजेंसी और संवैधानिक प्रक्रिया से मिलने वाली जानकारी पर निर्भर करेगा।

कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि अंकिता के परिवार की आपत्तियों के बावजूद दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की घोषणा करना संवेदनशीलता और जवाबदेही से जुड़े सवाल खड़े करता है। कांग्रेस ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में न्याय और निष्पक्ष जांच सर्वोपरि होनी चाहिए। दूसरी ओर, गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को नकारा है। ऐसे में इस पूरे मामले में आरोपों, जांच की स्थिति और न्यायिक निष्कर्षों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति से अपनी मांग पर विचार करने की अपील की है। वे चाहते हैं कि कथित VIP एंगल की CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। कांग्रेस ने भी परिवार की मांग का समर्थन किया है।

अब निगाहें CBI जांच की प्रगति, परिवार की मांग पर राष्ट्रपति भवन की प्रतिक्रिया और केंद्र सरकार के रुख पर रहेंगी। अंकिता के परिवार के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि उनकी बेटी की हत्या से जुड़े सभी अनुत्तरित सवालों की निष्पक्ष जांच हो और उन्हें न्याय मिले।

#AnkitaBhandari #RahulGandhi #PriyankaGandhi #DushyantGautam #AnkitaBhandariCase #CBIInvestigation #IndiaGate #Congress #UttarakhandNews #IBNews

Ib News
Author: Ib News

1 thought on “ANKITA BHANDARI CASE: राहुल-प्रियंका इंडिया गेट पहुंचे, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोकने की मांग”

Leave a Comment

और पढ़ें